देश के खजाने में भारी बढ़ोत्तरी, एक हफ्ते में करीब $8 बिलियन की बढ़त; बजट से पहले सरकार की बल्ले-बल्ले

India Foreign Exchange Reserves: इस बार बजट 2026 संडे, यानी 1 फरवरी को पेश होने वाला है. बजट की तैयारी के बीच देशवासियों को आरबीआई की ओर से बड़ी वित्तीय खबर मिली है.

country treasury an increase of about $ 8 billion in a week Government talk before the budget
प्रतिकात्मक तस्वीर/ FreePik

India Foreign Exchange Reserves: इस बार बजट 2026 संडे, यानी 1 फरवरी को पेश होने वाला है. बजट की तैयारी के बीच देशवासियों को आरबीआई की ओर से बड़ी वित्तीय खबर मिली है. भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, 23 जनवरी 2026 को समाप्त हुए हफ्ते में भारत का फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व $709.41 बिलियन तक पहुँच गया. यह पिछले हफ्ते की तुलना में करीब $8 बिलियन की बढ़त है.

विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले दो हफ्तों से फॉरेक्स रिजर्व में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है. इसका मुख्य कारण RBI की रणनीतियाँ रही हैं, जिसमें रुपये की लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए फॉरेक्स स्वैप और सोने की कीमतों में बढ़ोतरी शामिल हैं.

सोने की कीमतों में वृद्धि और RBI की भूमिका

केंद्रीय बैंक के पास मौजूद सोने की कीमत अब $123 बिलियन तक पहुँच चुकी है, जिसमें इस हफ्ते $5.6 बिलियन की वृद्धि दर्ज की गई. यह संकेत देता है कि भारत अपनी सोने की संपत्ति को मजबूत कर रहा है.

रुपए को कमजोर होने से बचाने के लिए RBI लगातार डॉलर बेचकर बाजार में दखल दे रहा है. हालाँकि, डॉलर बिक्री का असर सीमित रहा, क्योंकि सोने जैसी सुरक्षित संपत्तियों की कीमतों में वृद्धि हुई और लंबे समय के फॉरेक्स स्वैप किए गए. RBI लगातार विदेशी मुद्रा बाजार की गतिविधियों पर नजर रखता है और जरूरत पड़ने पर हस्तक्षेप करता है. इसका उद्देश्य किसी तय दर को बचाना नहीं, बल्कि रुपये में ज्यादा उतार-चढ़ाव को रोककर बाजार में स्थिरता बनाए रखना है.

भारत के सोने के भंडार में मजबूती

बीते हफ्ते भारत के गोल्ड रिजर्व में भी खासा इजाफा हुआ. सोने की कुल कीमत $4.62 बिलियन बढ़कर $117.45 बिलियन हो गई. यह स्पष्ट करता है कि देश अपने कुल रिजर्व में सोने की हिस्सेदारी बढ़ाकर जोखिम को संतुलित करने की दिशा में कदम उठा रहा है.

विशेषज्ञों के अनुसार, सोने का यह भंडार देश को वैश्विक वित्तीय संकट या विदेशी मुद्रा अस्थिरता के समय सुरक्षा प्रदान करता है. सोने में निवेश से रिजर्व की विविधता बढ़ती है और जोखिम कम होता है.

SDR और IMF के साथ रिजर्व स्थिति

हालांकि, SDR (Special Drawing Rights) में थोड़ी गिरावट देखी गई और यह घटकर $18.704 बिलियन रह गया. इसी तरह, IMF के साथ भारत की रिजर्व पोजिशन मामूली रूप से कम होकर $4.684 बिलियन रही.

RBI ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि वह विदेशी मुद्रा बाजार पर लगातार नजर रखता है. जरूरत पड़ने पर केंद्रीय बैंक रुपये में उतार-चढ़ाव को रोकने के लिए सक्रिय दखल देता है. इसका उद्देश्य किसी एक स्तर पर एक्सचेंज रेट को रोकना नहीं, बल्कि बाजार में संतुलन बनाए रखना है.

बजट के पहले आर्थिक माहौल

बढ़ते फॉरेक्स रिजर्व और मजबूत सोने के भंडार की खबर बजट से ठीक पहले वित्तीय स्थिरता का संकेत देती है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति बजट के दौरान अर्थव्यवस्था और निवेशकों के भरोसे को बनाए रखने में मदद करेगी. रुपये की स्थिरता और विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी यह भी दर्शाती है कि भारत वैश्विक वित्तीय चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार है.

ये भी पढ़ें- Realme ने लॉन्च किए धाकड़ स्मार्टफोन, 7000mAh बैटरी और 5G कनेक्टिविटी से हैं लैस; जानें फीचर्स और कीमत