Constitution Club Election: भाजपा बनाम BJP की जंग, संजीव बालियान नहीं तोड़ पाए रूडी का चक्रव्यूह

Constitution Club Election: कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया के सचिव पद के चुनाव में इस बार भी बीजेपी सांसद राजीव प्रताप रूडी ने बाज़ी मार ली है. रूडी ने अपनी ही पार्टी के पूर्व सांसद संजीव बालियान को कड़े मुकाबले में मात दी.

Constitution Club Election Sanjeev Balyan could not break Rajiv pratap Rudy
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Constitution Club Election: कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया के सचिव पद के चुनाव में इस बार भी बीजेपी सांसद राजीव प्रताप रूडी ने बाज़ी मार ली है. रूडी ने अपनी ही पार्टी के पूर्व सांसद संजीव बालियान को कड़े मुकाबले में मात दी. पिछले 25 वर्षों से इस पद पर काबिज़ रूडी को हटाने की बालियान की कोशिश इस बार भी नाकाम रही.

यह चुनाव केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं थी, बल्कि देश के दिग्गज राजनीतिक चेहरों की मौजूदगी और दिलचस्प समीकरणों के चलते चर्चा का विषय बन गया था. गृहमंत्री अमित शाह, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और सोनिया गांधी जैसे वरिष्ठ नेताओं ने भी वोट डालकर चुनाव की अहमियत को और बढ़ा दिया.

13वें राउंड में बना रूडी का पलड़ा भारी

मतगणना के दौरान मुकाबला बेहद रोमांचक रहा. पांच राउंड तक रूडी और बालियान के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला. लेकिन 13 राउंड की गिनती के बाद राजीव प्रताप रूडी ने निर्णायक बढ़त बना ली और अंततः सचिव पद पर दोबारा काबिज़ हो गए.

कुल 707 वोट पड़े, 38 वोट बैलेट से

सचिव पद के प्रत्याशी संजीव बालियान ने जानकारी दी कि कुल 707 वोट डाले गए, जिनमें से 38 वोट बैलेट के माध्यम से आए. उन्होंने इस संख्या को “बेहद संतोषजनक” बताया.

एक ही पार्टी के दो उम्मीदवार

इस चुनाव को लेकर दिलचस्पी इसलिए भी बनी रही क्योंकि दोनों प्रमुख प्रत्याशी भारतीय जनता पार्टी से ही हैं. हालांकि कांग्रेस नेताओं ने भी इस चुनाव में सक्रिय भूमिका निभाई और अपने मताधिकार का प्रयोग किया.

बड़े नेताओं की भागीदारी

राजीव प्रताप रूडी ने चुनाव के बाद कहा, "यह चुनाव सभी राजनीतिक दलों का था. मुझे लगता है कि बहुत सकारात्मक माहौल में एक बड़ा लोकतांत्रिक आयोजन हुआ. देशभर से सांसद और पूर्व सांसद इसमें शामिल हुए. यह लोकतंत्र की सुंदर अभिव्यक्ति है."

निशिकांत दुबे की भविष्यवाणी गलत साबित

वोटिंग के बाद बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कहा था कि इस बार बदलाव होगा और संजीव बालियान सचिव बनेंगे. उन्होंने यहां तक कहा था कि यह क्लब केवल सांसदों और उनके परिवार के लिए है, बाहरी पेशेवरों की इसमें कोई जगह नहीं होनी चाहिए. हालांकि, नतीजों ने कुछ और ही तस्वीर पेश की.

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