क्या पुतिन को गिरफ्तार करने की रची जा रही साजिश, ट्रंप से मिलने हंगरी जाने पर क्यों उठ रहे सवाल?

Putin Trump Hungary Meet: यूक्रेन में जारी युद्ध को खत्म करने के प्रयासों के तहत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की संभावित मुलाकात एक बार फिर वैश्विक सुर्खियों में है.

conspiracy being hatched to arrest Putin questions raised about visit to Hungary meet Trump
Image Source: ANI/ File

Putin Trump Hungary Meet: यूक्रेन में जारी युद्ध को खत्म करने के प्रयासों के तहत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की संभावित मुलाकात एक बार फिर वैश्विक सुर्खियों में है. लेकिन इस बार चर्चा का केंद्र केवल बातचीत की मेज़ नहीं, बल्कि उसकी मेज़बानी करने वाला देश हंगरी भी है.

ऐसे समय में जब पुतिन पर इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (ICC) का गिरफ्तारी वारंट जारी है, उनका किसी भी यूरोपीय संघ (EU) देश में कदम रखना केवल एक राजनयिक नहीं, बल्कि कानूनी जोखिम भी बन सकता है. फिर भी, हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ओरबान द्वारा इस बैठक की मेज़बानी की तैयारी बताती है कि मामला सिर्फ शांति वार्ता नहीं, भूराजनीतिक संदेशों का भी खेल बन गया है.

ICC का आदेश, लेकिन शक्ति नहीं

2023 में आईसीसी ने व्लादिमीर पुतिन के खिलाफ युद्ध अपराधों, विशेष रूप से यूक्रेनी बच्चों के जबरन निर्वासन के आरोपों में गिरफ्तारी वारंट जारी किया था. हालांकि, ICC के पास खुद की कोई पुलिस या कार्यान्वयन शक्ति नहीं है. वह अपने आदेशों को लागू करने के लिए अपने सदस्य देशों पर निर्भर करता है.

हंगरी, जो अभी भी रोम स्टैच्यूट (ICC की स्थापना संधि) का हस्ताक्षरकर्ता है, तकनीकी रूप से पुतिन की गिरफ्तारी के लिए बाध्य है. लेकिन वास्तविकता इससे कहीं अलग है. प्रधानमंत्री ओरबान, जो अमेरिका में ट्रंप और रूस में पुतिन के करीबी माने जाते हैं, आईसीसी से बाहर निकलने की प्रक्रिया शुरू कर चुके हैं, भले ही वह प्रक्रिया पूरी होने में अभी समय है.

क्या हंगरी गिरफ्तार करेगा पुतिन को?

संभावना बेहद कम है. पिछले कुछ समय में हंगरी ने स्पष्ट कर दिया है कि वह पुतिन की यात्रा को लेकर कोई सख्त कदम नहीं उठाएगा. ओरबान सरकार ने यह भी याद दिलाया कि अप्रैल में इज़रायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू, जिनके खिलाफ भी युद्ध अपराधों को लेकर आलोचना रही है, बुडापेस्ट आए थे और उन्हें कोई कानूनी चुनौती नहीं दी गई.

हंगरी में आर्थिक संकट, बढ़ती महंगाई और आंतरिक असंतोष के बीच, इस बैठक को कुछ विश्लेषक ओरबान द्वारा घरेलू ध्यान भटकाने की रणनीति के रूप में भी देख रहे हैं.

यात्रा का रास्ता: पुतिन के लिए सबसे बड़ा सवाल

बात केवल बैठक की नहीं है, पुतिन हंगरी पहुंचेंगे कैसे, यह एक बड़ा सवाल है. यूक्रेन युद्ध के बाद से पुतिन ने अपनी अंतरराष्ट्रीय यात्राएं बेहद सीमित की हैं. ICC वारंट के बाद उनकी यात्रा हर बार एक राजनयिक चुनौती बन जाती है.

1. छोटा लेकिन खतरनाक रास्ता:

मॉस्को से बुडापेस्ट का सीधा मार्ग बेलारूस और यूक्रेन के ऊपर से जाता है, लेकिन यूक्रेन का हवाई क्षेत्र युद्ध के चलते खतरनाक बना हुआ है.

2. पोलैंड और स्लोवाकिया के रास्ते:

यह मार्ग पुतिन को बेलारूस, पोलैंड और स्लोवाकिया होते हुए ले जा सकता है, लेकिन पोलैंड, नाटो सदस्य और रूस विरोधी रवैये के लिए प्रसिद्ध, किसी भी रूसी विमान को लेकर सख्त रुख अपना सकता है.

3. तुर्की-सर्बिया मार्ग:

सबसे व्यावहारिक रास्ता तुर्की के माध्यम से भूमध्य सागर, ग्रीस, मोंटेनेग्रो और सर्बिया होकर बुडापेस्ट पहुंचना है. यह लंबा जरूर है, लेकिन राजनीतिक रूप से सबसे सुरक्षित माना जा रहा है. सर्बिया और तुर्की, दोनों रूस के प्रति सहानुभूति रखने वाले देश माने जाते हैं.

ट्रंप और पुतिन की बैठक, संदेश क्या होगा?

ट्रंप और पुतिन की यह बैठक कई स्तरों पर मायने रखती है. जैसे क्या यह वाकई यूक्रेन संघर्ष के समाधान की दिशा में एक कदम है, या यह पश्चिमी देशों, विशेषकर यूरोपीय संघ और अमेरिका के लोकतांत्रिक संस्थानों के लिए सीधी चुनौती?

एक तरफ, पुतिन की गिरफ्तारी न होना ICC की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर सकता है. दूसरी तरफ, अगर यात्रा और बैठक सफल हो जाती है, तो यह रूस के लिए राजनयिक जीत होगी.

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