Coldrif Cough Syrup: देश के कई हिस्सों में कफ सिरप के कारण मौतों की खबरों के बाद स्वास्थ्य मंत्रालय ने कड़े कदम उठाए हैं. मध्य प्रदेश और तमिलनाडु में कफ सिरप के नमूने जांच के लिए लिए गए, जिनमें तमिलनाडु के ‘कोल्ड्रिफ’ सिरप में डायथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) पाया गया है. यह एक बेहद खतरनाक रसायन है जो मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है. आइए जानते हैं कि यह पदार्थ क्या है और इसके दुष्प्रभाव क्या हो सकते हैं.
डायथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) क्या है?
डायथिलीन ग्लाइकॉल एक रंगहीन, गंधहीन और चिपचिपा तरल पदार्थ है, जो औद्योगिक उपयोगों में अधिक पाया जाता है. इसे प्लास्टिक, रेजिन और फोम उत्पादन में इस्तेमाल किया जाता है. कभी-कभी DEG को दवाओं में सॉल्वेंट या नमी बनाए रखने वाले एजेंट के रूप में मिलाया जाता है, लेकिन यह मानव शरीर के लिए बिल्कुल सुरक्षित नहीं है. इसका सेवन गुर्दे की विफलता, तंत्रिका तंत्र को नुकसान और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है.
कफ सिरप में DEG की मौजूदगी क्यों खतरनाक है?
डायथिलीन ग्लाइकॉल दवाओं में प्रयोग के लिए मान्य नहीं है. यह अक्सर ग्लिसरीन जैसी दवा सामग्री में मिलावट के कारण दवा में प्रवेश कर जाता है. DEG का रंग और बनावट सिरप जैसी होती है, जिससे इसे बिना सख्त जांच के पहचानना मुश्किल हो जाता है. जब यह शरीर में जाता है, तो यह विषाक्त पदार्थों में टूटता है जो गुर्दे, यकृत और तंत्रिका तंत्र को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाते हैं. खासकर बच्चों के लिए यह अत्यंत घातक है, क्योंकि उनकी छोटी मात्रा भी जानलेवा साबित हो सकती है.
कोल्ड्रिफ सिरप में DEG मिलने से बढ़ी चिंताएं
तमिलनाडु में ‘कोल्ड्रिफ’ कफ सिरप में DEG पाए जाने के बाद चिंता बढ़ गई है. यह स्पष्ट संकेत है कि यह सिरप सुरक्षित नहीं है और इसे बाजार से तुरंत हटाया जाना चाहिए. स्वास्थ्य विभाग ने इस कड़ी में कंपनी के खिलाफ जांच शुरू कर दी है और संभवतः उत्पाद को रद्द करने के निर्देश भी जारी किए जाएंगे.
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का अलर्ट
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने लगातार DEG और अन्य विषैले पदार्थों से दूषित कफ सिरप के खतरे को लेकर चेतावनी जारी की है. 2022 से अब तक विश्वभर में ऐसे दूषित कफ सिरप के सेवन से 300 से अधिक बच्चों की मौत हुई है. WHO ने दवा की गुणवत्ता जांच को सख्त करने के लिए नई परीक्षण तकनीकें विकसित की हैं, जिनसे शीघ्र और सही पहचान हो सके.
सावधानी और जागरूकता जरूरी
इस मामले में सरकारों और नियामकों को दवाओं की निगरानी और जांच को और सख्त करना होगा ताकि किसी भी प्रकार की घटिया या खतरनाक दवाएं बाजार में न आ सकें. आम जनता को भी ऐसे किसी भी संदिग्ध कफ सिरप का सेवन करने से बचना चाहिए और केवल प्रमाणित दवाइयां ही लेना चाहिए.
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