Mumbai Airport Cocaine: मुंबई, भारत की आर्थिक राजधानी, एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी का बड़ा केंद्र बनकर सामने आई है. लेकिन इस बार तस्करों की होशियारी DRI की मुस्तैदी के आगे टिक नहीं पाई.
मुंबई एयरपोर्ट पर निदेशालय राजस्व खुफिया (DRI) की टीम ने एक गुप्त सूचना के आधार पर बैंकॉक से आई दो महिला यात्रियों को हिरासत में लिया. ये महिलाएं बिल्कुल आम यात्रियों की तरह लग रही थीं, चेहरे पर घबराहट नहीं, कदमों में कोई हड़बड़ी नहीं. लेकिन उनके बैग में जो छिपा था, उसने अधिकारियों को भी चौंका दिया.
खिलौनों के डिब्बे, लेकिन अंदर भरा था मौत का सामान
जैसे ही बैगों की स्कैनिंग हुई, सुरक्षा अधिकारियों को कुछ असामान्य लगा. तुरंत मैनुअल जांच शुरू हुई, और वहां खिलौनों के पैकेटों में छुपाए गए 22 ईंटनुमा पैकेट बरामद हुए. इन्हें खोलने पर सफेद पाउडर जैसा पदार्थ मिला. NDPS फील्ड टेस्ट में पुष्टि हुई, यह कोई और नहीं, बल्कि कोकीन थी.
कितनी मात्रा, कितनी कीमत?
बरामद कोकीन की कुल मात्रा 7.95 किलोग्राम निकली. अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी अनुमानित कीमत लगभग 79.5 करोड़ रुपये आंकी गई है. यह हाल के वर्षों में मुंबई एयरपोर्ट पर पकड़ी गई सबसे बड़ी खेपों में से एक है.
गिरफ्तारी और अगली कार्रवाई
NDPS एक्ट, 1985 के तहत दोनों महिलाओं को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. अब DRI की जांच इस बात पर केंद्रित है कि इस तस्करी के पीछे कौन-सा बड़ा नेटवर्क सक्रिय है और क्या इसमें अंतरराष्ट्रीय ड्रग कार्टेल शामिल हैं.
ड्रग्स रैकेट्स के लिए क्यों अहम है मुंबई?
विशेषज्ञों की मानें तो मुंबई को एशिया में एक ट्रांजिट हब बनाने की कोशिशें लंबे समय से चल रही हैं. समुद्री बंदरगाह और हवाई मार्ग की पहुंच इसे तस्करों के लिए आदर्श बनाती है. लेकिन अच्छी बात यह है कि भारतीय एजेंसियों की सतर्कता लगातार इन नेटवर्क्स की कमर तोड़ रही है.
हाल के मामले बढ़ा रहे हैं चिंता
मुंबई एयरपोर्ट और बंदरगाहों से हाल ही में हेरोइन, मेथ, कोकीन और अन्य मादक पदार्थों की कई खेप बरामद की गई हैं. इससे यह साफ है कि भारत को महज कंजम्पशन मार्केट ही नहीं, बल्कि ड्रग्स ट्रांजिट रूट के तौर पर इस्तेमाल करने की साजिश रची जा रही है.
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