UP News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षाबंधन से पहले प्रदेश की 3.54 लाख रसोइयों को कई बड़े तोहफे दिए हैं. इनमें करीब 93 प्रतिशत महिलाएं हैं. रविवार को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने रसोइयों के लिए चार बड़े ऐलान किए.
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब रसोइयों का मानदेय 2 हजार रुपये से बढ़ाकर 3 हजार रुपये किया जाएगा. इसके अलावा दुर्घटना या किसी घटना की स्थिति में रसोइया और उसके परिवार को भारतीय स्टेट बैंक के जरिए 2 लाख रुपये की मदद मिलेगी. रसोइयों को हर साल 5 लाख रुपये तक की कैशलेस इलाज की सुविधा भी दी जाएगी. वहीं, परिधान के लिए मिलने वाली राशि 500 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये कर दी गई है.
अब सीधे खाते में पहुंचेगा मानदेय
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि करीब 9 साल पहले रसोइयों का मानदेय सिर्फ 1 हजार रुपये था और समय पर भुगतान भी नहीं हो पाता था. अब डीबीटी के जरिए पैसा सीधे बैंक खाते में भेजा जा रहा है.
उन्होंने कहा कि पहले रसोइयों के लिए सामाजिक सुरक्षा की कोई पक्की व्यवस्था नहीं थी. दुर्घटना, दिव्यांगता या मौत की स्थिति में परिवार के सामने बड़ी परेशानी खड़ी हो जाती थी. अब बेसिक शिक्षा परिषद और एसबीआई के बीच व्यवस्था की गई है, जिसके तहत रसोइयों के खाते में मानदेय पहुंचेगा और किसी अप्रिय घटना में 2 लाख रुपये की सहायता मिलेगी.
जिस देश का बचपन स्वस्थ होगा, वही देश समर्थ होगा।
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) August 23, 2026
'पीएम पोषण योजना' के अंतर्गत कार्यरत मिड-डे मील रसोइयों के सम्मान हेतु आज लखनऊ में आयोजित समारोह में सम्मिलित हुआ। इस अवसर पर 3.54 लाख रसोइयों के लिए प्रति वर्ष ₹5 लाख तक कैशलेस उपचार की सुविधा प्रदान करते हुए कैशलेस चिकित्सा… pic.twitter.com/Q9hmJVLKPg
रसोइयों को हर साल 5 लाख तक मुफ्त इलाज
मुख्यमंत्री ने कहा कि रसोइयां बच्चों को खाना खिलाकर उनके स्वास्थ्य का ध्यान रखती हैं, लेकिन पहले उनके अपने स्वास्थ्य की चिंता नहीं की जाती थी. अब रसोइया या उसके परिवार का कोई सदस्य बीमार होता है तो सरकारी अस्पताल के साथ सूची में शामिल निजी अस्पतालों में भी इलाज कराया जा सकेगा. इसके लिए सरकार हर साल 5 लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा देगी.
बच्चों को अब मिल रही बेहतर सुविधाएं
योगी ने कहा कि 2017 से पहले गरीब परिवारों के बच्चे सर्दियों में भी बिना पर्याप्त सुविधाओं के स्कूल जाते थे. अब सरकार बच्चों को दो यूनिफॉर्म, बैग, किताबें, जूते-मोजे और स्वेटर उपलब्ध करा रही है.
उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी और बाल वाटिका के बच्चों की पढ़ाई में भी सुधार हुआ है. निपुण भारत अभियान के जरिए बच्चों की शुरुआती पढ़ाई मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है.
रसोइयों के काम की सराहना
मुख्यमंत्री ने कोरोना काल और प्रयागराज महाकुंभ के दौरान रसोइयों के काम की भी तारीफ की. उन्होंने कहा कि कोरोना के समय दूसरे राज्यों से उत्तर प्रदेश लौटे एक करोड़ से ज्यादा लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था में रसोइयों ने योगदान दिया था.
महाकुंभ के दौरान भीड़ बढ़ने पर आसपास के कई जिलों में होल्डिंग एरिया बनाए गए थे. वहां भी बेसिक शिक्षा विभाग की रसोइयों ने श्रद्धालुओं के लिए भोजन तैयार किया.
स्कूलों में साफ-सफाई और खाने पर जोर
योगी आदित्यनाथ ने रसोइयों से कहा कि स्कूल की रसोई साफ-सुथरी रहनी चाहिए और बच्चों को समय पर पौष्टिक भोजन मिलना चाहिए. उन्होंने भोजन बनाते समय सावधानी बरतने को कहा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि खाने में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए. रसोई में बाहरी लोगों का प्रवेश भी नहीं होना चाहिए. पीएम पोषण योजना के तहत तय मेन्यू के अनुसार बच्चों को भोजन देने पर जोर दिया गया है. इसमें मिलेट्स, स्थानीय व्यंजन और मौसमी फल भी शामिल हैं.
स्कूलों में बदली तस्वीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले बेसिक शिक्षा परिषद के कई स्कूलों की हालत खराब थी. अब ऑपरेशन कायाकल्प के जरिए स्कूलों में फर्श, अलग शौचालय, रसोई, पेयजल, पुस्तकालय और स्मार्ट कक्ष जैसी सुविधाएं तैयार की गई हैं. उन्होंने कहा कि अब बच्चों में अक्षर ज्ञान के साथ गणित, अंग्रेजी और विज्ञान की समझ भी बेहतर हो रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चे आगे बढ़ेंगे तो देश भी आगे बढ़ेगा.
इस साल के अंत तक आएगा नया स्कूल मॉडल
योगी ने कहा कि इस साल के अंत तक मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय का नया मॉडल भी सामने आएगा. सरकार ने श्रमिकों और गरीब परिवारों के बच्चों की पढ़ाई पर भी ध्यान दिया है. उन्होंने बताया कि प्रदेश के 18 मंडलों में 18 अटल आवासीय विद्यालय बनाए गए हैं, जहां करीब 18 हजार बच्चे पढ़ रहे हैं.
दिव्यांग बच्चों के लिए भी कई योजनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के दौरान जिन बच्चों ने अपने माता-पिता या अभिभावक खोए, उनके लिए मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना शुरू की गई. ऐसे बच्चों को पढ़ाई के लिए हर महीने 4 हजार रुपये की सहायता दी जाती है.
इसके अलावा गंभीर और बहुदिव्यांग बच्चों को एस्कॉर्ट अलाउंस, दिव्यांग छात्राओं को छात्रवृत्ति और जरूरतमंद बच्चों को सहायक उपकरण दिए जा रहे हैं. दृष्टिबाधित बच्चों के लिए ब्रेल और बड़े अक्षरों वाली किताबों की भी व्यवस्था की गई है.
स्कूलों को बेहतर बनाने पर जोर
योगी ने कहा कि सरकार ने पुराने और जर्जर स्कूल भवनों को सुधारने का काम भी किया है. माध्यमिक शिक्षा में प्रोजेक्ट अलंकार के तहत पुराने भवनों की जगह नए भवन तैयार किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि अब परीक्षा और रिजल्ट समय पर जारी किए जा रहे हैं.
सरकार का लक्ष्य शिक्षा व्यवस्था को ऐसी बनाने का है, जिसमें बच्चों की जानकारी के साथ उनके कौशल का भी विकास हो. कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह और कई अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारी मौजूद रहे.
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