Bihar News: 28 अगस्त को रक्षाबंधन है. इससे पहले बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बेटियों और महिलाओं के लिए कई बड़ी घोषणाएं की हैं. मंगलवार, 25 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री ने अपने एक्स हैंडल पर इसकी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री बालिका पीएचडी फेलोशिप शुरू की जाएगी.
इसके तहत करीब 1,000 छात्राओं को चार साल तक हर महीने 10 हजार रुपये की आर्थिक मदद मिलेगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन के मौके पर बिहार की बेटियों और बहनों के सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए कई नई योजनाओं की शुरुआत की जा रही है.
4700 स्कूटर और मोटरसाइकिल भी मिलेंगी
सम्राट चौधरी ने बताया कि पुलिस दीदी यानी अभया ब्रिगेड के लिए 4,700 स्कूटर और मोटरसाइकिल का लोकार्पण और फ्लैग ऑफ किया जाएगा. इसका उद्देश्य स्कूल और कॉलेज जाने वाली छात्राओं की सुरक्षा को मजबूत करना है. सरकार का कहना है कि इन वाहनों के जरिए महिला पुलिसकर्मी छात्राओं की सुरक्षा और उनकी मदद के लिए अलग-अलग इलाकों में आसानी से पहुंच सकेंगी.
रक्षाबंधन के पावन अवसर पर बिहार की बेटियों और बहनों के सम्मान, सुरक्षा एवं सशक्तिकरण की दिशा में कल से एक नई शुरुआत।
— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) August 25, 2026
पुलिस दीदी (अभया ब्रिगेड) हेतु 4,700 स्कूटर एवं मोटरसाइकिल का लोकार्पण एवं फ्लैग-ऑफ समारोह होगा। इसके माध्यम से स्कूल-कॉलेज में पढ़ने वाली हमारी बहनों की उचित…
बेटियों के लिए स्टार्टअप योजना भी होगी शुरू
मुख्यमंत्री ने 'बिहार की बेटी स्टार्टअप चैलेंज योजना' शुरू करने की भी घोषणा की. इसके तहत बेटियों को अपना काम शुरू करने के लिए 50 हजार से 2 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी.
सम्राट चौधरी ने कहा कि महिलाओं की तरक्की से ही बिहार आगे बढ़ेगा. सरकार बेटियों और बहनों की सुरक्षा, सम्मान, शिक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए लगातार काम कर रही है.
तीन दिन चलेगा विशेष अभियान
रक्षाबंधन से पहले 25, 26 और 27 अगस्त को महिलाओं के लिए तीन दिवसीय विशेष अभियान भी चलाया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने मंगलवार को मुख्यमंत्री सचिवालय के संवाद सभागार में इस अभियान की शुरुआत की.
इस अभियान के दौरान स्वास्थ्य, डेयरी, मत्स्य और पशु संसाधन विभाग के साथ अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग की अलग-अलग योजनाओं का लाभ महिलाओं तक पहुंचाया जाएगा.
तीन साल में एक करोड़ महिलाओं को रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य
सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य अगले तीन वर्षों में बिहार की एक करोड़ महिलाओं को सीधे रोजगार से जोड़ना है. उन्होंने कहा कि बिहार की खुशहाली और विकास महिलाओं के मजबूत होने से ही संभव है.
मुख्यमंत्री के मुताबिक, सरकार की कोशिश है कि वर्ष 2030 के विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की एक करोड़ महिलाओं को रोजगार से जोड़ा जा सके.
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