Bihar Liquor Ban: बिहार में शराबबंदी कानून को मजबूत बनाने और युवाओं को नशे की आदत से बचाने के लिए पटना के लोक भवन स्थित मंडपम में 'नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत' कार्यक्रम आयोजित किया गया.
इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शराबबंदी कानून और इससे समाज में आए बदलावों को लेकर अपनी बात रखी. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य सिर्फ कानून लागू करना नहीं है, बल्कि युवाओं को नशे से दूर रखकर एक स्वस्थ और बेहतर समाज बनाना है.
बिहार में बदली है स्थिति- सम्राट चौधरी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में पहले के मुकाबले काफी बदलाव आया है. उन्होंने पुराने दिनों का जिक्र करते हुए बताया कि जब वह विधायक के रूप में गांवों में जाते थे तो कई बार लोग शराब के नशे में उनसे बातें करते थे.
उन्होंने कहा कि पहले कुछ लोग शराब पीने के बाद इस बात का भी ध्यान नहीं रखते थे कि उनके आसपास क्या हो रहा है. लेकिन अब हालात बदले हैं और लोगों में जागरूकता बढ़ी है.
#LIVE : लोक भवन मंडपम, पटना से "नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत-संकल्प अभियान" का शुभारम्भ कार्यक्रमhttps://t.co/KZoPx1GHqa
— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) August 2, 2026
सार्वजनिक जगहों पर दिख रहा शराबबंदी का असर
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के किसी भी हिस्से में चले जाएं, चोरी-छिपे कुछ लोग शराब का सेवन कर सकते हैं, लेकिन सार्वजनिक स्थानों पर शराबबंदी का असर साफ दिखाई देता है. उन्होंने कहा कि शराबबंदी से आम लोगों को फायदा मिला है और समाज में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है.
युवाओं को नशे से दूर रखने का संदेश
'नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत' कार्यक्रम का उद्देश्य सिर्फ शराब की बिक्री रोकना नहीं, बल्कि पूरे समाज को नशे से मुक्त बनाना है. कार्यक्रम के जरिए युवाओं से अपील की गई कि वे नशे से दूर रहें और देश के विकास में अपनी भागीदारी निभाएं.
इस दौरान लोगों को नशामुक्त समाज बनाने का संकल्प भी दिलाया गया. सरकार का कहना है कि जागरूकता अभियान और लोगों की भागीदारी से शराबबंदी कानून को और प्रभावी बनाने का काम लगातार किया जा रहा है.
ये भी पढ़ें- इंडोनेशिया में समुद्र के बीच यात्री जहाज में लगी भीषण आग, 5 लोगों की मौत, कई अब भी लापता