MP: सीएम मोहन यादव ने 8.84 लाख किसानों को दी बड़ी सौगात, दिवाली से पहले खाते में भेजे 653.34 करोड़

मध्य प्रदेश की मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस बार किसानों को त्योहारों से पहले बड़ा तोहफा दिया है. दशहरे के मौके पर 8.84 लाख से ज्यादा प्रभावित किसानों के खातों में सीधे 653.34 करोड़ रुपये की राहत राशि ट्रांसफर की गई है.

CM Mohan Yadav transferred funds to over 8.84 lakh farmers madhya pradesh
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भोपाल: मध्य प्रदेश की मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस बार किसानों को त्योहारों से पहले बड़ा तोहफा दिया है. दशहरे के मौके पर 8.84 लाख से ज्यादा प्रभावित किसानों के खातों में सीधे 653.34 करोड़ रुपये की राहत राशि ट्रांसफर की गई है. यह राशि उन किसानों के लिए है जिनकी फसल बारिश, कीट व्याधि और पीला मोजेक बीमारी के कारण बर्बाद हुई थी. इस सहायता से किसानों की दिवाली खुशियों से भर गई है.

राहत राशि का विस्तृत वितरण

सीएम मोहन यादव ने 13 जिलों के 3554 गांवों में 8,84,772 किसानों को आर्थिक मदद दी है. मंदसौर, खंडवा, विदिशा, सिवनी, बुरहानपुर, बड़वानी, उज्जैन, नीमच, रतलाम, मंडला, शहडोल और दामोह जैसे जिलों के किसान इस राहत राशि से लाभान्वित हुए हैं. जिन इलाकों में 21% से ज्यादा बारिश हुई, वहां के किसानों को प्राथमिकता दी गई.

पहली बार पीला मोजेक बीमारी के लिए भी मदद

बारिश के नुकसान के अलावा, इस बार पहली बार सोयाबीन की फसल में लगने वाली पीला मोजेक बीमारी के लिए भी आर्थिक सहायता दी गई है. लगभग 1700 गांवों के 4.94 लाख किसानों को इस बीमारी के कारण हुए नुकसान की भरपाई के लिए राहत राशि भेजी गई है. यह कदम राज्य सरकार की किसानों के प्रति संजीदगी को दर्शाता है.

बाढ़ प्रभावित किसानों को पहले भी मिली थी राहत

मध्य प्रदेश सरकार ने इस वित्त वर्ष 2025-26 में बाढ़ और भारी बारिश के कारण फसल को हुए नुकसान के लिए पहले भी करीब 230 करोड़ रुपये की राशि भेजी है. अभी भी कई जिलों में नुकसान का सर्वे जारी है, ताकि और भी प्रभावित किसानों को सहायता मिल सके.

भावांतर योजना का रजिस्ट्रेशन शुरू

सीएम मोहन यादव ने यह भी घोषणा की कि सोयाबीन किसानों के लिए भावांतर योजना का रजिस्ट्रेशन अब 3 अक्टूबर से शुरू हो गया है, जबकि पहले यह 10 अक्टूबर से शुरू होना था. इस योजना के तहत यदि मंडी में किसानों को उचित मूल्य नहीं मिलता, तो सरकार उनकी सहायता करेगी. रजिस्ट्रेशन के 15 दिनों के भीतर राशि किसानों के खाते में भेजी जाएगी.

किसानों की खुशियाँ और धन्यवाद

मंदसौर के किसान ने सीएम को धन्यवाद देते हुए कहा कि पीला मोजेक के कारण फसल खराब होने पर तुरंत राहत मिली, जिससे दिवाली में खुशी आई. इसी तरह कई किसानों ने सरकार की इस तत्परता और सहायता की सराहना की.

प्रदेश के विभिन्न जिलों में हुई फसल क्षति का आंकड़ा

मौसम की मार से विदिशा, सिवनी, बड़वानी, मंदसौर, नीमच, रतलाम, दमोह, बुरहानपुर, मंडला, खंडवा और उज्जैन के 1854 गांवों में करीब 3.90 लाख किसानों की फसल खराब हुई है. पीला मोजेक बीमारी से शहडोल, खंडवा, मंदसौर, रतलाम, दमोह और अलीराजपुर के 1700 गांवों में लगभग 4.94 लाख किसानों की फसल प्रभावित हुई है.

अब तक हुई बारिश और प्राकृतिक परिस्थितियाँ

प्रदेश में इस वर्ष अब तक 1148.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से 21% अधिक है. गुना, मंडला, रायसेन, नरसिंहपुर और श्योपुर जैसे जिलों में भारी बारिश हुई है. वहीं, बैतूल, सीहोर, शाजापुर और उज्जैन में औसत बारिश से कम पानी पड़ा है.

पहले भी किसानों को मिली राहत राशि

इससे पहले, 6 सितंबर को 11 जिलों के 17,500 किसानों को 20.6 करोड़ की राहत राशि दी गई थी. अगस्त में भी लगभग 30 करोड़ रुपये की राशि किसानों को दी गई. इस वित्त वर्ष में अब तक कुल 225 करोड़ से अधिक की सहायता राशि किसानों के खातों में पहुंच चुकी है.

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