गलवान में जिन चीनी जनरलों की हुई थी 'पिटाई', शी जिनपिंग ने उनके खिलाफ लिया बड़ा एक्शन! जानें पूरी जानकारी

China Military Shakeup: चीन की सबसे बड़ी सैन्य संस्था सेंट्रल मिलिट्री कमीशन यानी सीएमसी में बड़ा बदलाव हुआ है. राष्ट्रपति शी जिनपिंग के नेतृत्व वाली सीएमसी से दो बड़े अधिकारियों झांग यूशिया और लियू झेनली को हटा दिया गया है.

Chinese military two senior officers Zhang Youxia Xi Jinping have been removed
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China Military Shakeup: चीन की सबसे बड़ी सैन्य संस्था सेंट्रल मिलिट्री कमीशन यानी सीएमसी में बड़ा बदलाव हुआ है. राष्ट्रपति शी जिनपिंग के नेतृत्व वाली सीएमसी से दो बड़े अधिकारियों झांग यूशिया और लियू झेनली को हटा दिया गया है. चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, दोनों अधिकारियों पर अनुशासन तोड़ने और कानून के गंभीर उल्लंघन के शक में जांच चल रही थी.

दोनों अधिकारियों को हटाए जाने के बाद सात सदस्यों वाली सीएमसी में अब सिर्फ दो सक्रिय सदस्य बचे हैं. इनमें राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी शामिल हैं. माना जा रहा है कि यह कार्रवाई चीन की सेना में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान का हिस्सा है. इसके अलावा चीन की शीर्ष राजनीतिक सलाहकार संस्था ने बुधवार को झाओ जोंगकी की सदस्यता भी खत्म कर दी. झाओ वेस्टर्न थिएटर कमांड के पूर्व कमांडर रहे हैं. 2020 में भारत-चीन सीमा पर तनाव के दौरान वह इसी कमांड की जिम्मेदारी संभाल रहे थे.

शी के बाद सबसे ताकतवर सैन्य अधिकारी पर कार्रवाई

झांग यूशिया चीन की सेना में बेहद ताकतवर अधिकारी माने जाते थे. वह सीएमसी के उपाध्यक्ष होने के साथ चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के पोलित ब्यूरो के सदस्य भी थे. सैन्य व्यवस्था में उनका कद राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बाद सबसे बड़ा माना जाता था.

वहीं, लियू झेनली सीएमसी के सदस्य होने के साथ उसके ज्वाइंट स्टाफ डिपार्टमेंट के प्रमुख थे. दोनों पर ऐसे समय कार्रवाई हुई है, जब चीनी सेना में भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता को लेकर लगातार जांच चल रही है.

सीएमसी में अब सिर्फ 2 सक्रिय सदस्य

झांग यूशिया और लियू झेनली को हटाने के बाद सात सदस्यों वाली सीएमसी में सिर्फ दो सक्रिय सदस्य रह गए हैं. इनमें शी जिनपिंग भी शामिल हैं. चीन में सीएमसी की पार्टी और देश के स्तर पर अलग-अलग संरचनाएं हैं, लेकिन दोनों का काम सेना से जुड़ा है.

शुक्रवार को हुई कार्रवाई में देश वाली सीएमसी में झांग और लियू के पदों को लेकर फैसला किया गया है. हालांकि, अभी तक उन्हें कम्युनिस्ट पार्टी वाली सीएमसी से औपचारिक रूप से हटाए जाने की सार्वजनिक जानकारी नहीं दी गई है.

अन्य लोगों पर भी कार्रवाई

मामला सिर्फ सीएमसी तक सीमित नहीं है. चीन की नेशनल पीपल्स कांग्रेस की शुक्रवार को जारी नई सूची से झांग यूशिया और लियू झेनली के नाम भी हटा दिए गए. उनके अलावा 10 अन्य सांसदों के नाम भी सूची में नहीं हैं.

इनमें लेफ्टिनेंट जनरल झोंग शाओजुन भी शामिल हैं, जो सीएमसी जनरल ऑफिस के पूर्व निदेशक रह चुके हैं. स्ट्रैटेजिक सपोर्ट फोर्स के पूर्व कमांडर जनरल जू चिएनशेंग का नाम भी सूची से हटा दिया गया है. इसके अलावा नानचांग शहर के पूर्व मेयर गाओ शीवेन भी इस सूची से बाहर हैं. वह पहले चीन की सरकारी एयरोस्पेस और डिफेंस कंपनी में काम कर चुके हैं.

2012 से सेना में ‘सफाई’ अभियान

चीन की सेना में चल रही यह कार्रवाई अचानक शुरू नहीं हुई है. राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 2012 में सत्ता संभालने के बाद भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया था. चीनी सेना भी इस अभियान के प्रमुख निशानों में रही है.

इस दौरान कई बड़े सैन्य अधिकारियों और जनरलों के खिलाफ जांच हुई और कई को उनके पदों से हटाया गया. पिछले महीने ही शी जिनपिंग ने कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से सेना में भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान को और तेज करने की अपील की थी. अब सीएमसी के दो बड़े अधिकारियों पर हुई कार्रवाई को उसी अभियान की अगली कड़ी माना जा रहा है.

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