Rare Earth minerals: भारत-चीन के संबंधों में एक नया मोड़ आया है. लंबे समय से चले आ रहे तनाव और आर्थिक प्रतिबंधों के बीच अब चीन ने दोस्ती का हाथ बढ़ाते हुए भारत पर लगे तीन अहम एक्सपोर्ट बैन हटा लिए हैं. इससे न केवल भारतीय कृषि को राहत मिलेगी, बल्कि ऑटो और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर की मुश्किलें भी कुछ कम होंगी.
चीन ने अब भारत को फिर से उर्वरक, रेयर अर्थ मिनरल्स और सुरंग खोदने वाली मशीनों का निर्यात शुरू करने की मंजूरी दे दी है. इससे पहले इन वस्तुओं की आपूर्ति पर प्रतिबंध लगा दिया गया था, जिससे भारत को भारी नुकसान झेलना पड़ा था.
भारत की कड़ी आपत्ति के बाद बदला चीन का रुख
रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत की तीखी नाराजगी के बाद चीन को अपने रुख में बदलाव करना पड़ा. खासकर रबी सीजन के दौरान डाइ-अमोनियम फॉस्फेट जैसे जरूरी उर्वरकों की कमी ने भारत के किसानों को मुश्किल में डाल दिया था. इसके अलावा टनल बोरिंग मशीनों की सप्लाई रुकने से कई अहम इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स भी अटक गए थे. अब जब चीनी विदेश मंत्री वांग यी और भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर के बीच कई दौर की बातचीत हुई है, तो नतीजे भी दिखने लगे हैं. खबर है कि कुछ शिपमेंट्स भारत पहुंचने भी लगे हैं.
रेयर अर्थ मिनरल्स की बहाली से इंडस्ट्री को राहत
रेयर अर्थ मिनरल्स और मैग्नेट्स पर से बैन हटने का सीधा फायदा भारत के ऑटो और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को मिलेगा. इन खनिजों के बिना इलेक्ट्रिक वाहनों, चिप्स, और मोबाइल जैसे उत्पादों का निर्माण रुक सकता था. अब सप्लाई चैन फिर से सक्रिय हो सकेगी.
अमेरिका के रुख के बीच चीन की नरमी अहम
इस पूरे घटनाक्रम का एक और दिलचस्प पहलू यह है कि जब अमेरिका ने भारत पर टैरिफ बढ़ा दिए हैं और रूस से करीबी पर नाराजगी जताई है, तब चीन का यह कदम भारत के लिए सामरिक और कूटनीतिक दोनों नजरिए से महत्वपूर्ण है. अमेरिका ने जहां चीन को कुछ मामलों में राहत दी है, वहीं भारत पर दबाव बढ़ाया गया है. इस स्थिति में चीन की ओर से आया यह सहयोग भारत के लिए एक रणनीतिक संतुलन साधने का मौका हो सकता है.
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