चीन ने असंभव को कर दिखाया संभव, बना दिया दुनिया का सबसे ऊंचा पुल, वीडियो देख हो जाएंगे हैरान!

इंजीनियरिंग के क्षेत्र में चीन ने एक और बड़ी छलांग लगाते हुए दुनिया के सबसे ऊंचे पुल का निर्माण कार्य समय से पहले पूरा कर लिया है.

China built the world tallest bridge watch video
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बीजिंग: इंजीनियरिंग के क्षेत्र में चीन ने एक और बड़ी छलांग लगाते हुए दुनिया के सबसे ऊंचे पुल का निर्माण कार्य समय से पहले पूरा कर लिया है. यह असाधारण संरचना है 'हुआजियांग कैन्यन ब्रिज' जो अब केवल चीन की नहीं बल्कि पूरी दुनिया की सबसे ऊंची पुल परियोजना बन चुकी है. इस सस्पेंशन ब्रिज की ऊंचाई 2,051 फीट (625 मीटर) है, जो अमेरिकी वर्ल्ड ट्रेड सेंटर (1,776 फीट) से भी लगभग 300 फीट अधिक है.

यह पुल न केवल चीन के ही बनाए गए पिछले रिकॉर्डधारी डुगे ब्रिज (1,854 फीट) को पीछे छोड़ता है, बल्कि इंजीनियरिंग की नई सीमाओं को भी परिभाषित करता है. यह निर्माण कार्य केवल तीन वर्षों में पूरा हुआ, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है.

महज तीन साल में पूरा हुआ यह चमत्कार

हुआजियांग ब्रिज का निर्माण 2022 में शुरू हुआ था और 2025 के मध्य तक इसे पूरी तरह से तैयार कर लिया गया. आमतौर पर इतनी ऊंचाई और जटिल संरचना वाले पुलों में 5 से 7 वर्ष तक का समय लग सकता है, लेकिन चीनी इंजीनियरों ने इसे समय से पहले पूरा करके पूरी दुनिया को चौंका दिया है. इस परियोजना पर कुल 283 मिलियन डॉलर की लागत आई है.

कहा जाता था 'असंभव', चीन ने बना दिया संभव

इस पुल को दक्षिण-पश्चिमी चीन के गुइझोउ प्रांत की हुआजियांग घाटी पर बनाया गया है, जो एक बेहद दुर्गम और ऊबड़-खाबड़ क्षेत्र है. यह पुल बेइपन नदी के ऊपर स्थित है और पहले जिस रास्ते को पार करने में एक घंटे से अधिक का समय लगता था, अब वही सफर महज तीन मिनट में पूरा किया जा सकता है.

कैलगरी विश्वविद्यालय में सिविल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर ममदौह अलबद्री के अनुसार, इतनी ऊंचाई और जटिल भू-भाग में इतनी तेज गति से निर्माण कार्य करना एक अभूतपूर्व उपलब्धि है.

डिज़ाइन तकनीक और सुंदरता का मेल

हुआजियांग कैन्यन ब्रिज एक सस्पेंशन ब्रिज है, जिसका मुख्य डेक दोनों सिरों पर स्थित टावरों से वर्टिकल सस्पेंडर्स की मदद से लटकाया गया है. इस पुल का डिज़ाइन अत्यंत पतला, आधुनिक और एयरोडायनामिक है. इससे न केवल हवा के दबाव को झेलने में मदद मिलती है, बल्कि निर्माण में सामग्री की खपत भी कम होती है.

पुल का यह डिज़ाइन ऐसा तैयार किया गया है कि यह घाटी के प्राकृतिक दृश्य में न्यूनतम हस्तक्षेप करता है और पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखता है. इसकी बनावट नेशनल जियोग्राफिक जैसी संस्थाओं द्वारा भी विशेष रूप से सराही गई है.

चीन: दुनिया का पुलों का बादशाह

इस अद्वितीय पुल के निर्माण ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि चीन पुल निर्माण में वैश्विक अग्रणी है. दुनिया के शीर्ष 50 सबसे ऊंचे पुलों में से 43 अकेले चीन में स्थित हैं. इसके मुकाबले अमेरिका के केवल तीन पुल ही इस सूची में जगह बना पाए हैं.

गुइझोउ जैसे इलाके जहां हरियाली से घिरे पहाड़ों और गहरी घाटियों की भरमार है, वहां सड़कों की जगह पुलों की आवश्यकता अधिक होती है. इसलिए चीन ने यहां बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे में निवेश किया है.

आर्थिक और रणनीतिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण

गुइझोउ प्रांत के परिवहन विभाग के उपनिदेशक चेन जियानलेई ने बताया कि इस ब्रिज के निर्माण से न केवल आवाजाही सुगम होगी, बल्कि गुइयांग, अंशुन और कियानक्सिनन जैसे प्रमुख शहरों के बीच आर्थिक गतिविधियों को भी रफ्तार मिलेगी. इससे क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय रोजगार और निवेश के अवसर भी बढ़ेंगे.

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