Exercise Pacific Reach 2025: भारत की समुद्री ताकत अब सिर्फ सीमाओं तक सीमित नहीं रही. भारतीय नौसेना का सबसे आधुनिक और स्वदेशी डाइविंग सपोर्ट वेसल INS निस्तार अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराने को तैयार है. अपनी पहली विदेशी यात्रा पर निकले इस जहाज ने सिंगापुर के चांगी नेवल बेस पर दस्तक दे दी है, जहां यह बहुपक्षीय सैन्य अभ्यास ‘पैसिफिक रीच 2025 (XPR-25)’ में भाग लेगा.
यह अभ्यास 15 सितंबर से शुरू हो चुका है और इसे सिंगापुर मेज़बानी कर रहा है. इस बहुपक्षीय अभ्यास में 40 से अधिक देश भाग ले रहे हैं, कुछ सीधे तौर पर तो कुछ पर्यवेक्षक के रूप में. अभ्यास का उद्देश्य है:
INS निस्तार: तकनीकी शौर्य की मिसाल
INS निस्तार भारतीय नौसेना का सबसे नया और अत्याधुनिक जहाज है, जिसे 18 जुलाई 2025 को कमीशन किया गया था. यह न सिर्फ पूरी तरह से स्वदेशी रूप से डिज़ाइन और निर्मित है, बल्कि इसमें 80% से ज्यादा स्वदेशी तकनीक और उपकरण लगे हैं. इस जहाज में साइड स्कैन सोनार, रीमोटली ऑपरेटेड व्हीकल्स (ROVs), एडवांस डीप सी डाइविंग सिस्टम वर्क और ऑब्जर्वेशन क्लास सबमर्सिबल लगे हैं.
क्या करेगा INS निस्तार इस अभ्यास में?
INS निस्तार, अभ्यास के सी फेज (समुद्री चरण) में अन्य देशों की नौसेनाओं के साथ मिलकर पनडुब्बी बचाव अभियानों और समुद्री हस्तक्षेप के अभ्यास करेगा. वहीं हार्बर फेज (तटीय चरण) में कई स्तरों पर सेमिनार, तकनीकी चर्चा और विशेषज्ञों के अनुभव साझा किए जाएंगे.
इस जहाज की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह 650 मीटर तक की गहराई में रेस्क्यू ऑपरेशन कर सकता है, जो इसे दुनियाभर के चुनिंदा नौसैनिक प्लेटफॉर्म्स की श्रेणी में खड़ा करता है.
आत्मनिर्भर भारत का समुद्री प्रतीक
INS निस्तार न केवल भारतीय नौसेना की क्षमताओं में इज़ाफा करता है, बल्कि यह भारत की आत्मनिर्भरता और तकनीकी नवाचार का प्रतीक भी है. चाहे समुद्री आपात स्थिति हो या अंतरराष्ट्रीय अभ्यास, यह पोत हर मोर्चे पर भारत का नाम रोशन करने में सक्षम है.
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