रायपुर: छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अगुआई में 9 सितंबर 2025 को मंत्रालय महानदी भवन में हुई कैबिनेट बैठक ने कई ऐतिहासिक फैसलों के साथ सुर्खियां बटोरीं. यह बैठक न केवल शहीदों के सम्मान और उनके परिजनों के कल्याण के लिए थी, बल्कि सौर ऊर्जा जैसे पर्यावरण-अनुकूल कदमों और रिटायर्ड मीडियाकर्मियों के लिए आर्थिक सहायता बढ़ाने जैसे दूरदर्शी निर्णयों का गवाह भी बनी. नक्सल प्रभावित सुकमा में शहीद हुए एक वीर पुलिस अधिकारी की पत्नी को नौकरी से लेकर सौर ऊर्जा नीति में संशोधन तक, ये फैसले छत्तीसगढ़ के विकास और सामाजिक कल्याण की नई तस्वीर पेश करते हैं. आइए, इन फैसलों की गहराई में उतरें और जानें कि ये कैसे राज्य के भविष्य को संवार सकते हैं.
शहीद की पत्नी को सम्मान: स्नेहा गिरेपूंजे बनेंगी डीएसपी
मंत्रिपरिषद ने सुकमा जिले में 9 जून 2025 को नक्सल विरोधी अभियान के दौरान बम विस्फोट में शहीद हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकाश राव गिरेपूंजे की वीरता को सलाम करते हुए एक भावनात्मक और प्रेरक फैसला लिया. उनकी पत्नी स्नेहा गिरेपूंजे को विशेष प्रकरण के तहत छत्तीसगढ़ राज्य पुलिस सेवा में उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) के पद पर अनुकंपा नियुक्ति दी जाएगी. यह निर्णय न केवल शहीद के परिवार के प्रति सरकार की संवेदनशीलता दर्शाता है, बल्कि समाज में देशभक्ति और बलिदान की भावना को भी प्रोत्साहित करता है.
सौर ऊर्जा नीति में क्रांतिकारी बदलाव: 2030 तक लागू
छत्तीसगढ़ सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है. कैबिनेट ने राज्य की सौर ऊर्जा नीति में संशोधन को मंजूरी दी, जिसके तहत यह नीति अब 2030 तक लागू रहेगी या जब तक नई नीति जारी नहीं होती. सौर ऊर्जा परियोजनाओं को अब औद्योगिक नीति के तहत प्राथमिकता उद्योग का दर्जा मिलेगा. निवेशकों को ब्याज अनुदान, पूंजी लागत पर अनुदान, जीएसटी प्रतिपूर्ति, बिजली शुल्क में छूट, स्टाम्प शुल्क में रियायत, परियोजना रिपोर्ट लागत में अनुदान, और भूमि उपयोग बदलने की फीस में छूट जैसे प्रोत्साहन मिलेंगे. अनुसूचित जाति/जनजाति, दिव्यांग, वरिष्ठ नागरिक और तृतीय लिंग समुदाय के उद्यमियों को जमीन के प्रीमियम में विशेष छूट दी जाएगी. यह कदम न केवल नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देगा, बल्कि राज्य में निवेश और रोजगार को भी प्रोत्साहित करेगा.
रीता शांडिल्य को नई जिम्मेदारी: लोक सेवा आयोग की अध्यक्ष नियुक्त
कैबिनेट ने एक और महत्वपूर्ण फैसले में रीता शांडिल्य को छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) का अध्यक्ष नियुक्त करने का प्रस्ताव मंजूर किया. वर्तमान में वह आयोग की सदस्य और कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं. उनकी नियुक्ति से राज्य में भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और दक्षता को और बढ़ावा मिलेगा. यह निर्णय प्रशासनिक सुधारों की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो युवाओं के लिए निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण अवसर सुनिश्चित करेगा.
रिटायर्ड मीडियाकर्मियों को तोहफा: सम्मान निधि दोगुनी
मंत्रिपरिषद ने पत्रकारिता जगत के लिए एक सम्मानजनक कदम उठाया है. छत्तीसगढ़ वरिष्ठ मीडियाकर्मी सम्मान निधि के तहत रिटायर्ड मीडियाकर्मियों को दी जाने वाली मासिक सम्मान राशि को 10,000 रुपये से बढ़ाकर 20,000 रुपये करने का फैसला लिया गया. इसकी घोषणा 2025-26 के बजट में की गई थी, और अब इसे लागू करने की मंजूरी दे दी गई है. यह कदम उन पत्रकारों के प्रति सरकार की कृतज्ञता को दर्शाता है, जिन्होंने वर्षों तक समाज को जागरूक करने में योगदान दिया.
अन्य महत्वपूर्ण फैसले: विकास की नई राह
कैबिनेट बैठक में धान खरीदी नीति और राज्योत्सव 2025 की तैयारियों पर भी चर्चा हुई. धान खरीदी के लिए नए दिशानिर्देश, समर्थन मूल्य, और खरीदी केंद्रों की संख्या जैसे मुद्दों पर विचार किया गया, जो छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण हैं. इसके अलावा, राज्योत्सव को और भव्य बनाने की योजनाओं पर भी मंथन हुआ, जिसमें सांस्कृतिक कार्यक्रमों और प्रदर्शनियों को शामिल किया जाएगा. ये फैसले छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और आर्थिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का वादा करते हैं.
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