सरकार ने लागू किए नए लेबर कोड, नौकरी और वेतन से जुड़े कई नियम बदले; जानें पूरी जानकारी

New Labor Codes: भारत में काम करने वाले करोड़ों कर्मचारियों और कंपनियों के लिए बड़ा बदलाव हो गया है. सरकार ने देशभर में नए लेबर कोड पूरी तरह लागू कर दिए हैं. इसके लिए सरकार की तरफ से आधिकारिक गजट नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है.

Government implemented new labor code changed many rules related to job and salary
Image Source: ANI/ File

New Labor Codes: भारत में काम करने वाले करोड़ों कर्मचारियों और कंपनियों के लिए बड़ा बदलाव हो गया है. सरकार ने देशभर में नए लेबर कोड पूरी तरह लागू कर दिए हैं. इसके लिए सरकार की तरफ से आधिकारिक गजट नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है.

अब तक देश में 29 अलग-अलग श्रम कानून लागू थे, लेकिन अब उन्हें खत्म कर दिया गया है. उनकी जगह चार नए लेबर कोड लागू किए गए हैं, ताकि कर्मचारियों और कंपनियों दोनों के लिए नियम आसान और साफ बन सकें.

5 साल बाद पूरी तरह लागू हुए नए नियम

सरकार ने इन नए लेबर कोड को कई साल पहले तैयार किया था. इसकी शुरुआत 21 नवंबर 2025 से हुई थी, लेकिन सभी राज्यों में नियम पूरी तरह तैयार नहीं होने की वजह से इन्हें लागू करने में समय लगा.

अब सरकार ने सभी जरूरी नियम और प्रक्रियाएं पूरी कर ली हैं. इसके बाद वेतन, नौकरी, सामाजिक सुरक्षा और काम की सुरक्षा से जुड़े नए कानून पूरे देश में लागू हो गए हैं. अब हर राज्य में लगभग एक जैसे नियम लागू होंगे, जिससे कर्मचारियों और कंपनियों को अलग-अलग कानूनों की परेशानी नहीं होगी.

महिलाओं के लिए बड़े बदलाव

नए लेबर कोड में महिलाओं के लिए कई बड़े फायदे दिए गए हैं. अब अगर महिला और पुरुष एक जैसा काम करते हैं, तो दोनों को बराबर सैलरी मिलेगी. यानी कंपनियां सिर्फ जेंडर के आधार पर कम वेतन नहीं दे सकेंगी. इसके अलावा महिलाओं को बच्चे के जन्म के बाद 26 हफ्ते की छुट्टी मिलेगी, ताकि वे अपनी और बच्चे की सही तरीके से देखभाल कर सकें. जरूरत पड़ने पर महिलाओं को वर्क फ्रॉम होम यानी घर से काम करने की सुविधा भी दी जा सकती है.

कर्मचारियों की हर साल होगी मुफ्त मेडिकल जांच

नए नियमों के तहत 40 साल या उससे ज्यादा उम्र के कर्मचारियों की हर साल मुफ्त मेडिकल जांच कराई जाएगी. सरकार का मानना है कि इससे बीमारियों का जल्दी पता चल सकेगा और कर्मचारियों की सेहत बेहतर रहेगी.

नौकरी जाने पर मिलेगी नई ट्रेनिंग

सरकार ने नेशनल री-स्किलिंग फंड भी बनाया है. इसका मकसद कर्मचारियों को नई तकनीक और नए काम सीखने में मदद करना है. अगर किसी कर्मचारी की नौकरी चली जाती है, तो इस फंड की मदद से उसे नई ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि वह दोबारा नौकरी पा सके.

सैलरी और PF के नियमों में भी बदलाव

नए लेबर कोड लागू होने के बाद कर्मचारियों की सैलरी स्ट्रक्चर में भी बदलाव हो सकता है. पीएफ और दूसरे भत्तों की गणना नए तरीके से होगी. इसका असर हाथ में मिलने वाली सैलरी यानी इन-हैंड सैलरी पर भी पड़ सकता है. कुछ कर्मचारियों की सैलरी में कटौती बढ़ सकती है, लेकिन रिटायरमेंट के समय मिलने वाला PF और ग्रेच्युटी फंड ज्यादा मजबूत हो सकता है.

कंपनियों को मिला समय

सरकार ने कंपनियों को नए नियम लागू करने के लिए कुछ समय दिया है. कंपनियों को अपने सिस्टम, सैलरी स्ट्रक्चर और HR नियमों में बदलाव करना होगा. आने वाले समय में ये नियम प्राइवेट कंपनियों, फैक्ट्रियों, ऑफिस और दूसरे सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारियों पर एक समान लागू होंगे.

क्यों जरूरी थे नए लेबर कोड?

सरकार का कहना है कि पहले के 29 श्रम कानून काफी जटिल थे. कंपनियों को उन्हें समझने और लागू करने में दिक्कत होती थी. कई बार अलग-अलग राज्यों में नियम अलग होने की वजह से भी परेशानी बढ़ जाती थी. अब नए लेबर कोड से नियम आसान और पारदर्शी बनेंगे. इससे कारोबार करना आसान होगा और निवेशकों का भरोसा भी बढ़ेगा.

रोजगार बढ़ने की उम्मीद

विशेषज्ञों का मानना है कि नए लेबर कानून लागू होने के बाद देश में निवेश बढ़ सकता है. नई कंपनियां खुलेंगी और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे. सरकार का दावा है कि इससे कर्मचारियों को बेहतर सुरक्षा मिलेगी और कंपनियों को भी काम करने में आसानी होगी.

ये भी पढ़ें- तमिलनाडु में 'विजय सरकार' का रास्ता साफ, VCK ने सौंपा विधायकों का समर्थन पत्र; कल हो सकता है शपथ ग्रहण