जेल की दीवारों के बीच पनपा प्यार, उम्रकैद की सजा काट रहे कैदी को दिल दे बैठी जेलर, रिहाई के बाद रचाई शादी

Chhatarpur Muslim jail officer love marriage: केंद्रीय जेल सतना में पदस्थ मुस्लिम महिला सहायक जेल अधीक्षक फिरोजा खातून ने हाल ही में धर्मेंद्र सिंह से हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार विवाह रचाया.

Chhatarpur Muslim jail officer love marriage Firoza Khatun Dharmendra Singh
Image Source: Social Media

Chhatarpur Muslim jail officer love marriage: बुंदेलखंड क्षेत्र में एक ऐसी प्रेम कहानी सामने आई है जिसने सामाजिक और धार्मिक सीमाओं को चुनौती दी है. केंद्रीय जेल सतना में पदस्थ मुस्लिम महिला सहायक जेल अधीक्षक फिरोजा खातून ने हाल ही में धर्मेंद्र सिंह से हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार विवाह रचाया. यह रिश्ता न केवल प्रेम की मिसाल है, बल्कि मानवता और सहिष्णुता की भी प्रेरक कहानी बन गया है.

जेल में दोस्ती, प्यार में बदली

रीवा निवासी फिरोजा खातून और छतरपुर जिले के चंदला निवासी धर्मेंद्र सिंह की मुलाकात जेल में हुई. धर्मेंद्र जेल में वारंट संबंधी कार्य संभालते थे, जबकि फिरोजा वारंट इंचार्ज थीं. शुरुआती बातचीत और दोस्ती धीरे-धीरे गहरे भावनात्मक रिश्ते में बदल गई. चार साल पहले जेल से रिहा हुए धर्मेंद्र और फिरोजा ने समाज की परंपराओं और परिवार की राय की परवाह किए बिना एक-दूसरे के साथ जीवन बिताने का निर्णय लिया.

लवकुशनगर में वैदिक मंत्रों के बीच शादी

5 मई को लवकुशनगर के एक मैरिज हाउस में दोनों ने हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार शादी की. समारोह की सबसे अनोखी बात यह रही कि मुस्लिम परिवार के लोग विवाह में शामिल नहीं हुए. ऐसे में बजरंग दल के सदस्यों ने कन्यादान की रस्म निभाई. उपस्थित लोगों ने इसे सामाजिक सौहार्द और भाईचारे की मिसाल बताया.

अपराध और सुधार की कहानी

धर्मेंद्र सिंह पर वर्ष 2007 में चंदला नगर परिषद के तत्कालीन उपाध्यक्ष कृष्ण दत्त दीक्षित की हत्या का मामला दर्ज था. हत्या के बाद शव को जमीन में दबा दिया गया था. अदालत ने धर्मेंद्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई. 14 वर्षों तक जेल में रहने और अच्छे आचरण के आधार पर उसे रिहा किया गया. अब यह प्रेम विवाह यह संदेश दे रहा है कि इंसान की दूसरी शुरुआत भी समाज में नई कहानी लिख सकती है.

ये भी पढ़ें: UP: अंबेडकरनगर में दिल दहलाने वाला कांड, 4 बच्चों की हत्या से मचा हड़कंप, पुलिस को किस पर है शक?