Chetan Sakariya Comeback: एक वक्त था जब चेतन सकारिया को भारतीय क्रिकेट का अगला बड़ा लेफ्ट-आर्म पेसर माना जा रहा था. तेज रफ्तार, अलग एंगल और जुझारू अंदाज़ ने उन्हें खास पहचान दिलाई थी, लेकिन किस्मत ने अचानक ऐसा मोड़ लिया कि उनका करियर रुक-सा गया. गंभीर चोट और मानसिक संघर्ष ने उन्हें लंबे समय तक क्रिकेट से दूर रखा. अब करीब एक साल बाद घरेलू मैदान पर उनकी वापसी हुई है, जिसने उनके अंदर फिर से उम्मीद जगा दी है.
मौजूदा घरेलू सत्र में विजय हजारे ट्रॉफी के जरिए सौराष्ट्र की ओर से खेलते हुए चेतन सकारिया ने वापसी की. यह फरवरी 2024 के बाद उनका पहला प्रतिस्पर्धी मैच था. मैदान पर लौटने के बाद भावुक होते हुए उन्होंने कहा कि चोट के दौरान उन्हें लगने लगा था कि शायद वह दोबारा कभी क्रिकेट नहीं खेल पाएंगे. सकारिया के शब्दों में, “जब मैं चोटिल था, तब कई बार ऐसा महसूस हुआ कि अब वापसी संभव नहीं है. लेकिन इस सीजन में दोबारा खेलकर बहुत सुकून मिला. सौराष्ट्र के लिए गेंदबाजी करना मेरे लिए बेहद खास है.”
चोट ने तोड़ दिया था आत्मविश्वास
2024 की शुरुआत में बाएं हाथ की कलाई में गंभीर चोट लगने के बाद उनकी मुश्किलें और बढ़ गईं. रिकवरी में उम्मीद से ज्यादा समय लगा और यह दौर मानसिक रूप से बेहद थका देने वाला रहा. सकारिया ने बताया कि कुछ डॉक्टरों ने यहां तक कह दिया था कि वह शायद दोबारा गेंद को ठीक से पकड़ भी न पाएं. उन्होंने कहा, “उस समय मुझे खुद पर भरोसा नहीं रहा था. यह मेरे करियर का सबसे कठिन दौर था. डर था कि कहीं क्रिकेट हमेशा के लिए मुझसे छिन न जाए.”
निजी जिंदगी का गहरा सदमा
मैदान के बाहर भी चेतन सकारिया का संघर्ष कम नहीं था. साल 2021 में उनके पिता और छोटे भाई का निधन हो गया, जिसने उन्हें अंदर से तोड़ दिया. 27 वर्षीय इस तेज गेंदबाज का मानना है कि उस कठिन समय ने उन्हें जिंदगी की असफलताओं से लड़ना सिखाया. सकारिया कहते हैं, “जो कुछ मेरे साथ हुआ, वह अचानक और बेहद दर्दनाक था. अगर मैं क्रिकेट से जुड़ा न होता तो शायद दोबारा सामान्य जिंदगी में लौट पाना मुश्किल होता. अब मुझे भरोसा है कि भविष्य में चाहे जैसी भी मुश्किल आए, मैं उसका सामना कर सकता हूं.”
टीम इंडिया में वापसी का सपना अब भी जिंदा
फिलहाल चेतन सकारिया घरेलू क्रिकेट में फिर से सक्रिय हैं और धीरे-धीरे लय हासिल कर रहे हैं. उन्होंने भारत के लिए अब तक एक वनडे और दो टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले हैं. उनका मानना है कि राष्ट्रीय टीम में वापसी आसान नहीं होगी, लेकिन नामुमकिन भी नहीं है. उन्होंने कहा, “मुझे पता है कि टीम इंडिया में जगह बनाने के लिए मुझे बहुत मेहनत करनी होगी. तकनीक और फिटनेस दोनों पर काम करना जरूरी है. लेकिन हर दिन अपने खेल में सुधार देख रहा हूं और यही मुझे आगे बढ़ने की ताकत देता है.”
उम्मीद, मेहनत और वापसी की कहानी
चेतन सकारिया की यह यात्रा सिर्फ क्रिकेट की नहीं, बल्कि हिम्मत, धैर्य और आत्मविश्वास की कहानी है. चोट, निजी नुकसान और मानसिक संघर्ष के बावजूद उनका दोबारा मैदान पर लौटना दिखाता है कि असली खिलाड़ी वही होता है, जो हार मानने से इंकार कर दे.
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