India Weather Forecast: इस साल अक्टूबर का महीना देश भर में मौसम की विविध गतिविधियों से भरपूर रहने वाला है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने भविष्यवाणी की है कि इस महीने के पहले पखवाड़े तक देश के कई हिस्सों में बादल छाए रहेंगे, कहीं-कहीं बारिश भी होगी और हवाओं के कारण तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी. इन बदलावों के साथ, कई इलाकों में लोगों को गुलाबी सर्दी का एहसास समय से पहले हो सकता है.
4 अक्टूबर से देश के उत्तरी और पर्वतीय राज्यों में एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ है, जिसके चलते जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊपरी हिस्सों में मौसम अचानक बिगड़ सकता है. इन इलाकों में गरज के साथ तेज बारिश, ओलावृष्टि और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है. इससे तापमान में अचानक गिरावट भी देखी जा सकती है, जिससे सर्दी की शुरुआत पहले हो सकती है.
चक्रवात बढ़ाएगा पूर्व और दक्षिण भारत में बारिश
बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवातीय सिस्टम के कारण पूर्वी भारत के राज्यों जैसे उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है. इसके अलावा छत्तीसगढ़ में भी बादल और गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी. दक्षिण भारत के राज्यों, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, मराठवाड़ा और महाराष्ट्र-गुजरात के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है.
अगले सात दिन सतर्क रहने की जरूरत
बिहार में मौसम पूरी तरह बदल गया है. IMD ने चेताया है कि अगले 7 दिनों तक राज्य के अधिकांश जिलों में तेज हवाएं, गरज-चमक और मूसलाधार बारिश देखने को मिल सकती है. पटना, बक्सर, भोजपुर, सारण, सीतामढ़ी, शिवहर, बांका, जमुई, शेखपुरा, कैमूर, रोहतास और गया जैसे जिलों में बारिश से सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है. किसानों और स्कूल-प्रशासन को भी विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है.
उत्तरी राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
उत्तर भारत के राज्यों में 5 और 6 अक्टूबर को मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलेगा. उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश, बिजली गिरने और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है. कुछ क्षेत्रों में हवाओं की रफ्तार 40-50 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है. 7 अक्टूबर के बाद इन इलाकों में बारिश कम होने लगेगी और 9 अक्टूबर के बाद मौसम शुष्क हो सकता है.
मध्य और पूर्वी भारत में बादलों की गड़गड़ाहट
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी 5 और 6 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है. मौसम विभाग ने कुछ स्थानों पर भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया है. हालांकि, 7 अक्टूबर के बाद बारिश की तीव्रता कम हो सकती है और मौसम सामान्य हो सकता है.
दक्षिण भारत में बारिश की तीव्रता घटेगी
तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में 5 और 6 अक्टूबर को भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. इन इलाकों में अगले दो दिनों तक बादल छाए रहेंगे, लेकिन 7 अक्टूबर से बारिश की तीव्रता घटेगी और 9 अक्टूबर तक मौसम सामान्य होने की उम्मीद है. कृषि और ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव और फसल नुकसान की आशंका को देखते हुए लोगों से सतर्कता बरतने को कहा गया है.
समय से पहले ठंडक का अहसास
पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवातीय सिस्टम के साथ-साथ लगातार हो रही बारिश से कई इलाकों में तापमान में गिरावट देखने को मिल रही है. इससे विशेषकर उत्तर भारत और पहाड़ी क्षेत्रों में अक्टूबर की शुरुआत में ही सर्दी का अहसास होने लगा है. मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह पैटर्न ऐसे ही बना रहा, तो नवंबर के बजाय अक्टूबर के आखिरी हफ्ते से ही ठंडी सुबहों और रातों का दौर शुरू हो सकता है.
निगरानी जारी, मौसम विभाग की चेतावनियों पर रखें नजर
भारत मौसम विज्ञान विभाग लगातार मौसमी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है. अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों के लिए विशेष अलर्ट और चेतावनियां जारी की जा रही हैं. नागरिकों से अपील की गई है कि वे स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की सलाह को गंभीरता से लें और अनावश्यक यात्रा से बचें.
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