अगर आप iPhone या Apple के किसी भी डिवाइस का इस्तेमाल करते हैं तो अब सावधान होने की जरूरत है. भारत की साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In ने ऐप्पल डिवाइसेस में एक गंभीर सुरक्षा खामी के बारे में चेतावनी जारी की है. इस खामी के कारण आपके iPhone, Mac या iPad को हैकर्स आसानी से निशाना बना सकते हैं, जिससे डिवाइस काम करना बंद कर सकता है और डेटा भ्रष्ट हो सकता है.
कौन से डिवाइस हैं सबसे ज्यादा प्रभावित?
इस खतरे का सामना उन यूजर्स को करना पड़ सकता है जो अपने डिवाइस को पुराने iOS या macOS वर्जन पर चला रहे हैं. खासतौर पर iOS/iPadOS 26.0.1 से नीचे वाले वर्जन, macOS Tahoe 26.0.1 से पुराने वर्जन, macOS Sequoia 14.8.1 से कम वर्जन और visionOS 26.0.1 से पुराने वर्जन वाले डिवाइस इस खतरे के दायरे में हैं. CERT-In के मुताबिक, यह एक मीडियम लेवल की खामी है, जो हैकर्स को डेटा में छेड़छाड़ करने का मौका देती है.
खामी के असर और खतरे का स्तर
इस सुरक्षा खामी के कारण डिवाइस का ऑपरेटिंग सिस्टम बार-बार क्रैश हो सकता है और ऐप्स अनियमित रूप से बंद हो सकती हैं. खामी का स्रोत “आउट-ऑफ-बाउंड राइट” है, जो एक तकनीकी गलती है जिससे डिवाइस की प्रोसेस मेमोरी भ्रष्ट हो सकती है. एक बार डिवाइस संक्रमित हो जाए तो वह पूरी तरह से बेकार हो सकता है.
खतरे से बचने का सबसे आसान उपाय
सबसे जरूरी कदम है अपने डिवाइस के ऑपरेटिंग सिस्टम को तुरंत अपडेट करना. Apple ने इस समस्या को दूर करने के लिए अपडेट जारी कर दिया है, इसलिए पुराने वर्जन पर चल रहे यूजर्स को जल्द से जल्द नए वर्जन पर अपग्रेड करना चाहिए. अगर आप मैनुअल अपडेट भूल जाते हैं तो सेटिंग्स में जाकर “ऑटोमैटिक अपडेट” ऑन कर दें ताकि भविष्य में ऐसे खतरे से बचा जा सके.
सुरक्षा पर ध्यान देना जरूरी
हैकिंग और साइबर खतरों से बचाव के लिए नियमित रूप से अपने डिवाइस को अपडेट रखना बेहद जरूरी है. इसके अलावा संदिग्ध लिंक या ऐप डाउनलोड करने से बचें. CERT-In की यह चेतावनी उन यूजर्स के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत है कि तकनीकी सुरक्षा को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए.
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