जनगणना 2027 की अधिसूचना जारी, पहले चरण में होगी मकानों की गिनती, जानें हर डिटेल

भारत सरकार ने लंबे इंतजार के बाद जनगणना 2027 को लेकर आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है.

Census 2027 counting of houses will be done in the first phase
प्रतिकात्मक तस्वीर/ FreePik

Census 2027: भारत सरकार ने लंबे इंतजार के बाद जनगणना 2027 को लेकर आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है. गुरुवार को जारी इस नोटिफिकेशन के साथ ही देश की अगली जनगणना की रूपरेखा साफ हो गई है. इस बार जनगणना को दो चरणों में पूरा किया जाएगा, जिसमें पहले चरण में मकानों और घरों से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी, जबकि दूसरे चरण में देश की जनसंख्या की विस्तृत गणना होगी.

सरकार द्वारा जारी अधिसूचना में कुल 33 सवालों की सूची शामिल की गई है. इन सवालों के जरिए मकान, परिवार, बुनियादी सुविधाएं और वाहनों जैसी जानकारियां एकत्र की जाएंगी. जनगणना के दौरान परिवार के सबसे वरिष्ठ सदस्य को घर से जुड़ी सभी जानकारियां उपलब्ध करानी होंगी.

दो चरणों में पूरी होगी जनगणना 2027

जनगणना 2027 को दो अलग-अलग चरणों में आयोजित किया जाएगा. पहला चरण अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच शुरू होगा, जबकि दूसरा चरण फरवरी 2027 में आयोजित किया जाएगा.

पहला चरण: मकान सूचीकरण और आवास गणना

पहले चरण में देशभर के सभी मकानों, भवनों और संस्थानों का विवरण दर्ज किया जाएगा. इसे मकान सूचीकरण और मकानों की गणना कहा जाएगा. इस दौरान यह जानकारी ली जाएगी कि:

  • मकान पक्का है या कच्चा
  • मकान आवासीय है या व्यावसायिक
  • घर में पीने का पानी, बिजली और शौचालय की सुविधा उपलब्ध है या नहीं
  • परिवार में कितने लोग रहते हैं
  • घर में वाहन मौजूद हैं या नहीं

इस चरण का उद्देश्य देश के भौतिक ढांचे और आवासीय स्थिति की एक सटीक तस्वीर तैयार करना है.

दूसरा चरण: जनसंख्या की वास्तविक गणना

दूसरे चरण में जनसंख्या से जुड़ा विस्तृत डेटा इकट्ठा किया जाएगा. इस चरण की प्रश्नावली बाद में जारी की जाएगी. इसमें व्यक्ति से जुड़ी सामाजिक और आर्थिक जानकारियां दर्ज होंगी, जैसे:

  • उम्र और लिंग
  • शिक्षा का स्तर
  • रोजगार और आजीविका
  • भाषा और धर्म
  • सामाजिक वर्ग से जुड़ी जानकारी

यह चरण देश की जनसंख्या संरचना को समझने के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है.

2021 में होनी थी जनगणना, कोरोना के कारण टली

गौरतलब है कि देश में जनगणना हर 10 साल में कराई जाती है और पिछली जनगणना वर्ष 2011 में हुई थी. इसके बाद अगली जनगणना 2021 में प्रस्तावित थी, लेकिन कोरोना महामारी के कारण इसे टाल दिया गया.

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 8 जनवरी को जानकारी दी थी कि जनगणना 2027 के पहले चरण की शुरुआत 1 अप्रैल 2026 से होगी और यह प्रक्रिया 30 सितंबर 2026 तक चलेगी. राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को यह कार्य 30 दिनों के भीतर पूरा करना होगा.

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि मकान सूचीकरण शुरू होने से करीब 15 दिन पहले नागरिकों को स्वयं जानकारी भरने का विकल्प भी दिया जाएगा.

पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस होगी जनगणना

इस बार जनगणना को पूरी तरह डिजिटल बनाया जा रहा है. सरकार के अनुसार करीब 30 लाख कर्मचारी मोबाइल एप के जरिए डेटा एकत्र करेंगे. मोबाइल एप, ऑनलाइन पोर्टल और रियल-टाइम डेटा ट्रांसफर की मदद से जनगणना को पूरी तरह पेपरलेस किया जाएगा.

यह एप Android और iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहेगा. डिजिटल प्रक्रिया से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि डेटा की सटीकता और पारदर्शिता भी बढ़ेगी.

आजादी के बाद पहली बार जाति आधारित गणना

जनगणना 2027 की सबसे अहम और ऐतिहासिक विशेषता यह है कि इसमें जाति से जुड़ा डेटा भी शामिल किया जाएगा. आजादी के बाद यह पहला मौका होगा जब राष्ट्रीय जनगणना में जाति की गिनती की जाएगी.

इससे पहले वर्ष 1931 में जाति आधारित जनगणना हुई थी. सरकार के अनुसार यह फैसला प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी में लिया गया था. जाति से जुड़ा डेटा भी डिजिटल माध्यम से एकत्र किया जाएगा.

2011 की जनगणना के अनुसार भारत की कुल आबादी करीब 121 करोड़ थी. इसमें पुरुषों की हिस्सेदारी लगभग 51.5 प्रतिशत और महिलाओं की हिस्सेदारी करीब 48.5 प्रतिशत थी. जनगणना 2027 के जरिए देश की मौजूदा जनसंख्या, सामाजिक संरचना और संसाधनों की स्थिति का अद्यतन आंकड़ा सामने आएगा.

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