GRAP 4 In Delhi: देश की राजधानी दिल्ली और इसके आसपास के एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार गंभीर होता जा रहा है. शुक्रवार को दिन के दौरान राजधानी का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) अत्यधिक अस्वस्थ स्तर पर पहुँच गया. शाम करीब 4 बजे AQI 431 दर्ज किया गया, जो दो घंटे के भीतर बढ़कर 441 तक पहुँच गया. इस बढ़ोतरी ने शहरवासियों के स्वास्थ्य पर गंभीर चिंता पैदा कर दी.
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (Central Air Quality Management Commission- CAQM) ने पूरे एनसीआर क्षेत्र में GRAP (Graded Response Action Plan) के स्टेज-IV को लागू करने का निर्णय लिया. स्टेज-IV लागू होने का अर्थ है कि वायु गुणवत्ता बेहद खराब स्तर पर पहुँच चुकी है और इससे स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है.
Keeping in view the prevailing trend of air quality and in an effort to prevent further deterioration of air quality in the region, the CAQM Sub-Committee on GRAP decides to invoke all actions as envisaged under Stage-IV of the extant GRAP – ‘Severe ’ Air Quality (DELHI AQI >… pic.twitter.com/I7cIDeTcss
— ANI (@ANI) December 13, 2025
GRAP स्टेज-IV के तहत प्रतिबंध
GRAP स्टेज-IV के तहत कई कड़े कदम उठाए जाते हैं, जिनमें मुख्य रूप से वाहन संचालन पर प्रतिबंध, निर्माण कार्यों को रोकना, धूल उड़ाने वाले उद्योगों की गतिविधियों को सीमित करना और पॉलीथीन व अन्य प्रदूषण पैदा करने वाले तत्वों पर पाबंदी लगाना शामिल है. इस स्तर पर लोगों को सलाह दी जाती है कि वे अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें और यदि बाहर निकलना जरूरी हो तो मास्क का प्रयोग करें.
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण की लगातार बढ़ती समस्या
दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण की समस्या हर साल सर्दियों में और गंभीर हो जाती है. इसका मुख्य कारण ट्रैफिक, निर्माण गतिविधियां, औद्योगिक उत्सर्जन, और पड़ोसी राज्यों से आने वाला धुआँ और पराली का धुआँ है. विशेषज्ञों के अनुसार, इन महीनों में धुंध और धूल के कारण प्रदूषण का स्तर और तेजी से बढ़ जाता है, जिससे AQI अस्वस्थ स्तर पर पहुँचता है.
स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव
विशेषज्ञों का कहना है कि AQI 400 से ऊपर पहुंच जाने पर सामान्य लोगों के लिए भी स्वास्थ्य जोखिम बढ़ जाता है, जबकि सांस, हृदय या फेफड़ों की बीमारी वाले लोग गंभीर खतरे में आ जाते हैं. ऐसे समय पर बच्चों, बुजुर्गों और संवेदनशील वर्ग के लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है.
सरकारी और निजी उपाय
सरकार की ओर से लगातार प्रदूषण कम करने के उपाय किए जा रहे हैं, जिनमें सार्वजनिक परिवहन का बढ़ावा, निर्माण कार्यों के लिए धूल कम करने वाली तकनीक का प्रयोग और उद्योगों पर निगरानी शामिल है. इसके अलावा निजी तौर पर लोगों को इलेक्ट्रिक वाहन, सार्वजनिक परिवहन और वायु शोधन यंत्र का प्रयोग करने की सलाह दी जा रही है.
यह भी पढ़ें- 'धन्यवाद तिरुवनंतपुरम...', निकाय चुनाव में NDA की ऐतिहासिक जीत पर PM मोदी का रिएक्शन, पढ़ें क्या कहा