छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में लैंडस्लाइड से दबी बस, 15 की मौत; राहत कार्य जारी

Bilaspur Landslide: बिलासपुर के बल्लू ब्रिज इलाके में सोमवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया जब अचानक हुए भूस्खलन (लैंडस्लाइड) में एक यात्री बस मलबे के नीचे पूरी तरह दब गई. शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक 15 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य के फंसे होने की आशंका है.

Bus buried by landslide in Bilaspur Chhattisgarh 15 killed Relief work continues
Image Source: Social Media/X

Bilaspur Landslide: बिलासपुर के बल्लू ब्रिज इलाके में सोमवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया जब अचानक हुए भूस्खलन (लैंडस्लाइड) में एक यात्री बस मलबे के नीचे पूरी तरह दब गई. शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक 15 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य के फंसे होने की आशंका है.

हादसा तब हुआ जब बल्लू ब्रिज के पास की पहाड़ी से अचानक भारी मात्रा में मिट्टी और पत्थर खिसककर नीचे आ गिरे. उसी समय एक बस वहां से गुजर रही थी जो सीधी मलबे की चपेट में आ गई. बस पर कितना दबाव पड़ा, और उसमें कितने यात्री सवार थे, इस बारे में अभी अधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है.

रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, प्रशासन मुस्तैद

घटना के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंच गईं. राहत और बचाव कार्य तेज़ी से चलाया जा रहा है. मलबा हटाने के लिए भारी मशीनों का इस्तेमाल हो रहा है और रेस्क्यू ऑपरेशन रातभर जारी रहने की संभावना है. आसपास के ग्रामीण और स्थानीय लोग भी राहत कार्य में जुटे हुए हैं. प्रशासन की कोशिश है कि बस के भीतर फंसे लोगों तक जल्द से जल्द पहुंचा जाए.

सीएम सुक्खू ने जताया दुख, दिए सख्त निर्देश

इस हादसे पर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने गहरा दुख व्यक्त किया है. उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए कहा, "इस कठिन घड़ी में राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है. सभी आवश्यक सहायता तत्काल प्रदान की जाएगी."

मुख्यमंत्री ने प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि घायलों को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल भेजा जाए और राहत कार्यों में कोई कोताही न बरती जाए. सीएम स्वयं शिमला से स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और अधिकारियों से लगातार संपर्क में हैं.

क्या कहते हैं अधिकारी?

प्रशासन का कहना है कि प्राथमिकता मलबे में दबे लोगों की जान बचाना और घायलों को बेहतर इलाज देना है. साथ ही, इलाके में और भी लैंडस्लाइड की आशंका को देखते हुए सावधानी बरती जा रही है.

घटनास्थल के आसपास रहने वाले ग्रामीणों और आम नागरिकों ने बिना देर किए बचाव कार्य में हाथ बंटाया है. कई लोगों ने मलबा हटाने में मदद की और पानी व प्राथमिक सहायता भी मुहैया कराई.

अफवाहों से बचें, प्रशासन का सहयोग करें

प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे घटनास्थल के पास न जाएं, अफवाहें न फैलाएं और केवल आधिकारिक सूत्रों से ही जानकारी लें. सोशल मीडिया पर भी असत्यापित सूचनाएं न फैलाने की अपील की गई है.

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