Middile East Conflict: ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए हालात और भी जटिल होते जा रहे हैं. जहां एक ओर अमेरिका ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई की तैयारी कर रहा है, वहीं दूसरी ओर ब्रिटेन और स्पेन जैसे मित्र देशों ने साफ तौर पर इस युद्ध में अपनी भागीदारी से मना कर दिया है. ब्रिटेन ने ईरान में सेना भेजने से इनकार कर दिया है, वहीं स्पेन ने अपने एयरस्पेस को युद्ध के लिए अमेरिका के इस्तेमाल से पूरी तरह से बंद कर दिया है. यह घटनाक्रम ट्रंप प्रशासन के लिए बड़ा झटका साबित हो रहा है.
ब्रिटेन ने किया ईरान में सेना भेजने से इनकार
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने ईरान में सैन्य कार्रवाई में भाग लेने से साफ इनकार कर दिया है. उनका कहना है कि ब्रिटेन इस संघर्ष में सीधे तौर पर भागीदार नहीं बनेगा. उन्होंने जोर देते हुए कहा कि ब्रिटेन की भूमिका केवल रक्षात्मक होगी और वह ईरान में कोई आक्रमण नहीं करेगा. स्टार्मर ने बताया कि ब्रिटेन इस क्षेत्र में अपने नागरिकों और सहयोगियों की रक्षा के लिए रक्षात्मक कार्रवाई करेगा, लेकिन वह युद्ध में कोई सैन्य भागीदारी नहीं करेगा. उन्होंने यह भी कहा कि ब्रिटेन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से सुरक्षित करने के अपने प्रयासों को जारी रखेगा, लेकिन ईरान के खिलाफ किसी भी सैन्य कार्रवाई का हिस्सा नहीं बनेगा.
हालांकि, ब्रिटेन ने अमेरिका को एक सुविधा दी है. ब्रिटेन ने अमेरिकी सेना को ईरान पर हमले करने के लिए अपने ठिकानों का इस्तेमाल करने की मंजूरी दे दी है. इसका मतलब है कि ब्रिटेन ने ईरान में किसी सैन्य अभियान में सीधे भागीदारी न लेते हुए अमेरिका को अपनी सैन्य क्षमता का उपयोग करने की अनुमति दी है.
स्पेन का अमेरिका को बड़ा झटका
स्पेन ने भी अमेरिका को झटका देते हुए अपनी एयरस्पेस का इस्तेमाल युद्ध के लिए बंद कर दिया है. स्पेन ने स्पष्ट रूप से कहा है कि अमेरिका के विमान, जो ईरान युद्ध में शामिल हो सकते थे, अब उसके रोटा और मोरोन बेस का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे. स्पेन के इकॉनमी मिनिस्टर ने इस कदम को इंटरनेशनल कानून के उल्लंघन से बचने के रूप में बताया है. उनका कहना था कि युद्ध के लिए कोई भी विमान स्पेन के एयरस्पेस का इस्तेमाल नहीं कर सकता, ताकि वैश्विक कानूनों का उल्लंघन न हो.
इस फैसले के बाद, अमेरिका ने अपने B-52 और B-1 बॉम्बर को स्पेन के मोरोन एयर बेस पर तैनात करने की योजना को रद्द कर दिया. यह अमेरिका के लिए बड़ा झटका साबित हुआ है क्योंकि स्पेन के एयरस्पेस का इस्तेमाल ईरान में संभावित सैन्य कार्रवाई के लिए किया जा सकता था, लेकिन अब यह रास्ता बंद हो गया है.
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