LPG Petrol Diesel: होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बढ़ी चिंता के बीच भारत सरकार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कोई कमी नहीं है. पेट्रोलियम मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराकर ज्यादा खरीदारी करने से बचें.
मंत्रालय के मुताबिक, देश की सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है. पेट्रोल और डीजल की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है और देशभर के पेट्रोल पंप बिना किसी रुकावट के संचालित हो रहे हैं.
अफवाहों के कारण पेट्रोल पंपों पर बढ़ी भीड़
कुछ राज्यों में अफवाहों के चलते लोगों ने जरूरत से ज्यादा ईंधन खरीदना शुरू कर दिया, जिससे कई पेट्रोल पंपों पर अचानक भीड़ बढ़ गई. हालांकि मंत्रालय ने साफ किया है कि यह केवल अफवाहों का असर है, वास्तविकता में कहीं भी कमी नहीं है.
सरकार ने घटाया टैक्स, बढ़ाई आपूर्ति
घरेलू आपूर्ति को मजबूत रखने के लिए सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है. इसके साथ ही डीजल और विमान ईंधन (एटीएफ) के निर्यात पर शुल्क लगाया गया है, ताकि देश में पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे. गैस सेक्टर में भी घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता दी जा रही है.
गैस सप्लाई की स्थिति
पाइप्ड गैस (पीएनजी) और सीएनजी की सप्लाई पूरी तरह सुनिश्चित की गई है. उद्योगों को उनकी जरूरत का लगभग 80 प्रतिशत गैस मिल रही है, जबकि उर्वरक कारखानों को 70 से 75 प्रतिशत तक आपूर्ति दी जा रही है. इसके अलावा अतिरिक्त एलएनजी की व्यवस्था भी की जा रही है.
PNG कनेक्शन तेजी से बढ़े
सरकार शहरों में गैस नेटवर्क का विस्तार कर रही है और एलपीजी के विकल्प के रूप में पीएनजी को बढ़ावा दिया जा रहा है. मार्च महीने में 2.9 लाख से ज्यादा नए पीएनजी कनेक्शन जोड़े गए हैं, जिससे घरेलू गैस व्यवस्था और मजबूत हुई है.
एलपीजी सप्लाई धीरे-धीरे हो रही सामान्य
मंत्रालय के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय हालात का असर जरूर पड़ा है, लेकिन देश में एलपीजी की कोई कमी नहीं है. रोजाना 55 लाख से अधिक सिलेंडर की डिलीवरी की जा रही है. व्यावसायिक एलपीजी की सप्लाई भी धीरे-धीरे सामान्य हो रही है और इसमें होटल, खानपान सेवाओं और जरूरी उद्योगों को प्राथमिकता दी जा रही है.
कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई
सरकार ने जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ सख्ती बढ़ा दी है. हाल ही में करीब 2,900 छापे मारे गए और लगभग 1,000 गैस सिलेंडर जब्त किए गए. साथ ही मिट्टी के तेल (केरोसिन) की सप्लाई भी बढ़ाई गई है.
केंद्र सरकार ने राज्यों को निर्देश दिए हैं कि वे ईंधन की उपलब्धता पर कड़ी निगरानी रखें, रोजाना रिपोर्ट दें और अफवाहों को फैलने से रोकें. साथ ही गैस से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर के काम को तेजी से पूरा करने को कहा गया है.
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