Shabana Mahmood: ब्रिटेन की राजनीति बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है. प्रधानमंत्री कीर स्टारमर को अपनी ही पार्टी लेबर के अंदर विरोध का सामना करना पड़ रहा है. पार्टी के कई नेता उनके फैसलों से खुश नहीं हैं. इसी बीच प्रधानमंत्री पद के लिए शबाना महमूद का नाम सामने आ रहा है. वह इस वक्त ब्रिटेन की गृह मंत्री (होम सेक्रेटरी) हैं. अगर हालात बदले तो वह ब्रिटेन की पहली मुस्लिम प्रधानमंत्री बन सकती हैं.
ब्रिटेन की सरकार पर दबाव बढ़ने की एक वजह अमेरिका से सामने आई एपस्टीन फाइल्स भी बताई जा रही है. इन दस्तावेजों में उस राजदूत का नाम आया है, जिसे कीर स्टारमर ने नियुक्त किया था. इससे प्रधानमंत्री की मुश्किलें और बढ़ गई हैं. लेबर पार्टी के कई सांसद स्टारमर से नाराज हैं. फिलहाल ब्रिटेन में लेबर पार्टी की सरकार है और उसके पास संसद (हाउस ऑफ कॉमन्स) की कुल 650 में से 404 सीटें हैं.
कौन हैं शबाना महमूद?
शबाना महमूद की उम्र करीब 45 साल है और वह पेशे से वकील रही हैं. लेबर पार्टी में उन्हें एक मजबूत और महत्वाकांक्षी नेता माना जाता है. वह प्रधानमंत्री स्टारमर के करीब मानी जाती हैं और पार्टी में एक असरदार वक्ता के रूप में जानी जाती हैं. विचारधारा के मामले में उन्हें पार्टी के अपेक्षाकृत दाएं रुझान वाले गुट से जुड़ा माना जाता है.
शबाना बर्मिंघम लेडीवुड सीट से सांसद हैं. उनका जन्म 1980 में बर्मिंघम में हुआ था. वह अपने जुड़वां भाई के साथ बड़ी हुईं. उनके परिवार की जड़ें पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (मीरपुर) से जुड़ी हैं. उन्होंने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से कानून की पढ़ाई की और बाद में बैरिस्टर बनीं.
राजनीति में सफर
शबाना महमूद 2010 में पहली बार सांसद बनी थीं. उस समय वह ब्रिटेन की पहली मुस्लिम महिला सांसदों में शामिल हुईं. इसके बाद उन्होंने पार्टी में धीरे-धीरे अपनी मजबूत पहचान बनाई. 2025 में उन्हें गृह मंत्री बनाया गया.
इमिग्रेशन पर सख्त रुख
शबाना महमूद मुस्लिम समुदाय से जुड़ी नेता होने के कारण अल्पसंख्यक और प्रो-पैलेस्टाइन समर्थकों तक अपनी बात पहुंचा सकती हैं. लेकिन दूसरी तरफ उनकी नीतियां, खासकर इमिग्रेशन को लेकर काफी सख्त रही हैं. गृह मंत्री रहते हुए उन्होंने ब्रिटेन में स्थायी निवास (सेटलमेंट) के नियमों को और कड़ा करने की बात कही थी. उनका कहना था कि स्थायी निवास कोई अधिकार नहीं, बल्कि एक सुविधा है.
प्रधानमंत्री बनने के लिए क्या चाहिए?
शबाना महमूद के प्रधानमंत्री बनने के लिए जरूरी है कि या तो कीर स्टारमर खुद इस्तीफा दें, या फिर लेबर पार्टी के भीतर उनके खिलाफ नेतृत्व चुनौती हो. इसके लिए पार्टी के कम से कम 81 सांसदों का समर्थन जरूरी होगा. आने वाले दिनों में साफ होगा कि शबाना महमूद इस मौके को कितनी मजबूती से आगे बढ़ा पाती हैं.
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