BRICS Summit: दिल्ली पहुंचे ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियान, पीएम मोदी के साथ इन मुद्दों पर होगी बात

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान BRICS समिट में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंच गए हैं. करीब 8 साल बाद ईरान का कोई राष्ट्रपति भारत आया है.

BRICS Summit Iranian President Masoud Pezeshkian arrives in Delhi PM Modi
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BRICS Summit 2026: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान BRICS समिट में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंच गए हैं. करीब 8 साल बाद ईरान का कोई राष्ट्रपति भारत आया है. इससे पहले 2018 में हसन रूहानी भारत दौरे पर आए थे. पेजेश्कियान आज शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे. तेहरान से रवाना होने से पहले उन्होंने अमेरिका को संदेश देते हुए कहा कि BRICS में एकतरफावाद का मुकाबला करने और सदस्य देशों के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाने की काफी क्षमता है. उन्होंने आर्थिक लेन-देन में डॉलर पर निर्भरता कम करने की जरूरत पर भी जोर दिया.

पीएम मोदी के साथ होने वाली बैठक में चाबहार पोर्ट, तेल-गैस, व्यापार और कनेक्टिविटी के साथ पश्चिम एशिया के मौजूदा संकट पर भी चर्चा हो सकती है.

बहुपक्षवाद को मजबूत करने का मौका

पेजेश्कियान ने BRICS के 18वें शिखर सम्मेलन को बहुपक्षवाद को मजबूत करने का अहम मौका बताया है. भारत रवाना होने से पहले उन्होंने कहा कि यह बैठक सदस्य देशों के बीच आर्थिक, व्यापारिक, औद्योगिक और वैज्ञानिक सहयोग बढ़ाने के साथ अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में बहुपक्षवाद को मजबूत करने का अवसर देगी.

एकतरफावाद के खिलाफ BRICS

ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि BRICS का एक मुख्य उद्देश्य एकतरफावाद का मुकाबला करना है. उन्होंने बताया कि समूह में 21 देश हैं, जिनमें 11 मुख्य सदस्य और 10 नए सदस्य BRICS PLUS के तहत शामिल हैं. उनके मुताबिक, ये देश मिलकर दुनिया की 45 फीसदी से ज्यादा आबादी और करीब 35 फीसदी भू-भाग का प्रतिनिधित्व करते हैं.

पेजेश्कियान ने कहा कि BRICS का मकसद सदस्य देशों को अपनी स्वतंत्रता बनाए रखते हुए आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को आगे बढ़ाने का अवसर देना है.

डॉलर पर निर्भरता घटाने पर जोर

पेजेश्कियान ने कहा कि इस साल BRICS का फोकस एकजुटता, स्थिरता, मजबूती और इनोवेशन पर है. इसके तहत आर्थिक, वित्तीय, औद्योगिक, वैज्ञानिक और व्यापारिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की उम्मीद है. उन्होंने BRICS की वित्तीय व्यवस्था का भी जिक्र किया और कहा कि सदस्य देशों के बीच निवेश और संयुक्त गतिविधियों को आसान बनाने के लिए BRICS बैंक बनाया गया है.

उन्होंने आर्थिक लेन-देन में डॉलर पर निर्भरता कम करने की जरूरत बताई. उनका कहना है कि BRICS देशों के बीच ऐसा माहौल बनाया जाना चाहिए, जिसमें डॉलर पर कम निर्भर रहते हुए आर्थिक और क्षेत्रीय विकास को आगे बढ़ाया जा सके.

भारत के साथ रिश्तों को बताया खास

पेजेश्कियान ने भारत के साथ संबंधों को लेकर कहा कि दोनों देशों के बीच बहुत पुराना रिश्ता है और दोनों की सांस्कृतिक विरासत में कई समानताएं हैं. उन्होंने भारत के साथ सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर भी जोर दिया.

चाबहार पोर्ट रहेगा अहम मुद्दा

BRICS समिट के दौरान भारत और ईरान के बीच होने वाली द्विपक्षीय बैठक में चाबहार पोर्ट, तेल-गैस, व्यापार और कनेक्टिविटी जैसे मुद्दे अहम रह सकते हैं.

चाबहार पोर्ट भारत के लिए रणनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण है. भारत ने ईरान के शाहिद बेहेश्ती टर्मिनल में निवेश किया है. इस पोर्ट के जरिए भारत पाकिस्तान को बायपास करते हुए अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक पहुंच बना सकता है. इसके अलावा चाबहार को इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर यानी INSTC से जोड़कर रूस और यूरोप तक कनेक्टिविटी बढ़ाने की कोशिश है.

ईरानी तेल और LPG पर भी नजर

ऊर्जा सहयोग भी मोदी-पेजेश्कियान बैठक का बड़ा मुद्दा हो सकता है. ईरान भारत को ज्यादा कच्चा तेल और LPG सप्लाई करने में रुचि दिखा रहा है. भारत के लिए ईरान से ऊर्जा आयात बढ़ाना सप्लाई के स्रोतों में विविधता लाने और ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने के लिहाज से अहम हो सकता है. हालांकि, ईरानी तेल की खरीद पर लागू अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों की स्थिति भी महत्वपूर्ण रहेगी.

इसके अलावा दोनों देश द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने और नए क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा कर सकते हैं. स्थानीय मुद्राओं में व्यापार और BRICS के वित्तीय तंत्र के इस्तेमाल की संभावनाओं पर भी बातचीत हो सकती है. इससे डॉलर पर निर्भरता कम करने और दोनों देशों के बीच कारोबार को आसान बनाने में मदद मिल सकती है.

फिलहाल किसी बड़ी डील की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. हालांकि, बैठक में चाबहार पोर्ट, ऊर्जा सहयोग, व्यापार, INSTC और वित्तीय सहयोग को लेकर प्रगति की उम्मीद है. पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात, होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री व्यापार की स्वतंत्रता और क्षेत्रीय शांति का मुद्दा भी बातचीत में उठ सकता है.