BPSC 71st Preliminary Exam: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा आयोजित 71वीं संयुक्त प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा शुक्रवार को राज्यभर में आयोजित की जा रही है. परीक्षा को निष्पक्ष और कदाचारमुक्त बनाए रखने के लिए राज्य के 37 जिलों में कुल 912 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिन पर करीब 4.70 लाख उम्मीदवारों के शामिल होने की उम्मीद है.
पटना जिले में 70 केंद्रों पर 50,244 परीक्षार्थी परीक्षा दे रहे हैं, जबकि सीवान में 14,916 और मुजफ्फरपुर में 32 केंद्रों पर अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं.
BPSC ने परीक्षा को लेकर सुरक्षा सख्त
परीक्षा की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आयोग ने कई सख्त कदम उठाए हैं:
प्रत्येक केंद्र पर सीसीटीवी निगरानी,
मोबाइल जैमर,
बायोमैट्रिक सत्यापन,
तीन-स्तरीय चेकिंग, जिसमें एडमिट कार्ड सत्यापन, फिजिकल सर्च और बायोमैट्रिक शामिल हैं. वीडियोग्राफी के बीच प्रश्न पत्रों को खोला जाएगा, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पर लगाम लगाई जा सके. प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर पुलिस बल की तैनाती की गई है और कदाचार में लिप्त पाए जाने पर 5 वर्षों तक आयोग की परीक्षाओं से प्रतिबंध की चेतावनी दी गई है.
एडमिट कार्ड से जुड़ी जरूरी जानकारी
आयोग ने परीक्षार्थियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सुबह 11 बजे के बाद किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा. दो एडमिट कार्ड की प्रति साथ लाना अनिवार्य है, जिसमें रोल नंबर और बारकोड स्पष्ट रूप से दिखना चाहिए. साथ में वैध फोटो पहचान पत्र (आधार/पैन/ड्राइविंग लाइसेंस आदि) भी अनिवार्य है. 11 सितंबर से अभ्यर्थी अपने डैशबोर्ड पर जाकर परीक्षा केंद्र का नाम और कोड देख सकते हैं.
सीवान और मुजफ्फरपुर में व्यवस्थाएं
सीवान में 26 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा कराई जा रही है. जिला प्रशासन ने निष्पक्ष परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं. सीसीटीवी कैमरे, जैमर और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की जा रही है.
मुजफ्फरपुर में भी 32 केंद्रों पर परीक्षा हो रही है. जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन और एसएसपी सुशील कुमार ने संयुक्त प्रेस वार्ता में बताया कि सभी दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा.
परीक्षा में कड़ी निगरानी और पारदर्शिता BPSC की प्राथमिकता
BPSC इस बार परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाए हुए है. आयोग के मुताबिक, यह परीक्षा केवल भर्ती प्रक्रिया नहीं, बल्कि प्रशासनिक सेवा में गुणवत्ता लाने की दिशा में एक बड़ा कदम है.
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