जकार्ता: इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में शुक्रवार की नमाज के दौरान एक मस्जिद में भयंकर विस्फोट हुआ, जिससे 54 लोग घायल हो गए. यह घटना 7 नवंबर को एक स्कूल परिसर में स्थित मस्जिद में हुई. पुलिस ने घटना के बाद क्षेत्र को सील कर दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है. इस धमाके को लेकर आतंकवादी गतिविधियों का संदेह भी जताया जा रहा है.
धमाके में घायल हुए 54 लोग
जकार्ता के पुलिस प्रमुख असीप ईदी सुहेरी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि धमाके में लगभग 54 लोग घायल हुए हैं. इनमें से कुछ को मामूली चोटें आई हैं, जबकि कुछ को हल्की से लेकर गंभीर जलन जैसी चोटें आई हैं. कई घायलों को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है, लेकिन कुछ गंभीर रूप से घायल भी बताए जा रहे हैं.
हथियार और बम बनाने के सामान का मिला सुराग
प्रारंभिक जांच के दौरान घटनास्थल से कुछ हथियार, बॉडी वेस्ट (मानव शरीर के हिस्से) और बम बनाने के उपकरण बरामद हुए हैं. इस सुराग से पुलिस को संदेह हो रहा है कि यह धमाका आतंकवादी गतिविधि से जुड़ा हो सकता है. हालांकि, मस्जिद की तस्वीरों में ज्यादा नुकसान नहीं दिखा, फिर भी यह घटना गंभीर सुरक्षा चिंता पैदा करती है.
घटना स्थल पर सील किया गया क्षेत्र
धमाके के बाद पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया और घटनास्थल को 'क्राइम सीन' घोषित कर दिया. इस दौरान घायल व्यक्तियों के परिजनों के लिए जकार्ता के दो प्रमुख अस्पतालों, चेम्पाका पुतिह इस्लामिक हॉस्पिटल और यारसी हॉस्पिटल में हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं, ताकि उन्हें सहायता मिल सके.
जांच में कई पहलुओं की छानबीन जारी
पुलिस प्रमुख असीप ईदी सुहेरी ने बताया कि यह घटना अभी ताजे सुरागों के आधार पर है और अधिकारी सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि धमाके के कारणों पर अभी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है और इस पर और जांच की जरूरत है. पुलिस हर कोण से मामले की गहनता से छानबीन कर रही है, ताकि सही कारणों का पता चल सके.
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