पाकिस्तानी सेना पर कहर बनकर टूटी BLA, 84 जवानों को उतारा मौत के घाट, 18 को बनाया बंधक, देखें Video

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में एक बार फिर हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं. पाकिस्तानी सेना और बलोच लिबरेशन आर्मी (BLA) के बीच कई इलाकों में एक साथ हिंसक झड़पों की खबरें सामने आई हैं.

BLA killed 84 soldiers of Pakistan Army 18 taken hostage Video
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पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में एक बार फिर हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं. पाकिस्तानी सेना और बलोच लिबरेशन आर्मी (BLA) के बीच कई इलाकों में एक साथ हिंसक झड़पों की खबरें सामने आई हैं. बीएलए ने एक संगठित अभियान के तहत सुरक्षा बलों के ठिकानों पर हमले करने का दावा किया है, जबकि पाकिस्तानी सेना ने भी बड़ी संख्या में विद्रोहियों को मार गिराने की बात कही है.

शनिवार सुबह बीएलए की ओर से शुरू किए गए अभियान को संगठन ने “ऑपरेशन हेरोफ” नाम दिया है. बीएलए के अनुसार, इस ऑपरेशन के शुरुआती 10 से 12 घंटों में ही कई शहरों में एक साथ हमले किए गए, जिससे पाकिस्तानी सुरक्षा तंत्र को भारी नुकसान पहुंचा. संगठन का दावा है कि इस दौरान बड़ी संख्या में सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया और कई इलाकों में सेना की गतिविधियों को अस्थायी रूप से बाधित कर दिया गया.

एक साथ कई शहरों में हमले का दावा

बीएलए के प्रवक्ता की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि बलूचिस्तान के करीब 14 शहरों में एक साथ 48 स्थानों पर हमले किए गए. संगठन का दावा है कि उसके लड़ाकों ने कुछ इलाकों में कई घंटों तक नियंत्रण बनाए रखा और पाकिस्तानी सेना, पुलिस, खुफिया एजेंसियों तथा आतंकवाद निरोधी विभाग (CTD) के ठिकानों पर हमला किया.

बीएलए का कहना है कि इन हमलों में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के 84 जवान मारे गए हैं, जबकि 18 सैनिकों को जिंदा पकड़ लिया गया है. संगठन के मुताबिक, ये पकड़े गए सैनिक फिलहाल उनके कब्जे में हैं. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है. दूसरी ओर, पाकिस्तानी सेना ने भी जवाबी कार्रवाई में 50 से अधिक विद्रोहियों को मार गिराने का दावा किया है.

सैन्य चौकियों को निशाना बनाने का आरोप

बीएलए के बयान के अनुसार, उसके लड़ाकों ने कई सैन्य चौकियों और कथित तौर पर कुछ अहम सैन्य ठिकानों पर कब्जा किया. संगठन का यह भी दावा है कि पाकिस्तानी सेना की आवाजाही को कई इलाकों में रोक दिया गया और सैन्य वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया. इसके अलावा, बीएलए ने कहा है कि 30 से ज्यादा सरकारी इमारतों को निशाना बनाया गया, जिनमें बैंक, प्रशासनिक कार्यालय और सुरक्षा बलों से जुड़े परिसर शामिल बताए जा रहे हैं.

संगठन के मुताबिक, तटीय राजमार्ग (कोस्टल हाईवे) के आसपास किए गए हमलों से सरकारी तंत्र की गतिविधियों पर असर पड़ा है. ग्वादर पोर्ट जैसे रणनीतिक रूप से अहम इलाके के पास भी धमाकों और गोलीबारी की खबरें सामने आई हैं, जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया है.

कई जिलों में जारी रही झड़पें

स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, शाम तक बलूचिस्तान के कई जिलों में गोलीबारी, विस्फोट और हथियारबंद झड़पें जारी रहीं. क्वेटा, नुश्की, कलात, दलबंदीन, खारान, ग्वादर, पसनी, मस्तंग, टंप, बुलेदा और आसपास के इलाकों से हिंसा की खबरें आईं. कुछ जगहों पर सड़कों को बंद कर दिए जाने और सुरक्षा कारणों से आवाजाही प्रभावित होने की जानकारी भी मिली है.

बीएलए का कहना है कि यह अभियान उनके कथित “दूसरे चरण” का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य बलूचिस्तान में अपने प्रभाव को मजबूत करना बताया जा रहा है. संगठन की ओर से यह भी दावा किया गया है कि यह अभियान “बलूच मातृभूमि की रक्षा” के नाम पर चलाया जा रहा है.

नेतृत्व और अपील का दावा

बीएलए ने यह भी दावा किया है कि संगठन का शीर्ष नेतृत्व इस अभियान की अगुवाई कर रहा है. एक कथित वीडियो संदेश में संगठन के प्रमुख ने बलूच लोगों से अपील की है कि वे पाकिस्तानी सेना के खिलाफ उठ खड़े हों और इस अभियान में शामिल हों. इस अपील को संगठन ने “स्वतंत्रता की लड़ाई” के रूप में पेश किया है.

पाकिस्तानी अधिकारियों की ओर से हालांकि इस तरह के बयानों को खारिज करते हुए कहा गया है कि सुरक्षा बल हालात पर काबू पाने के लिए अभियान चला रहे हैं और विद्रोही समूहों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी.

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