फरवरी 2026 की शुरुआत आम लोगों के लिए कई अहम बदलाव लेकर आई है. महीने के पहले ही दिन से रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी कई चीजों के नियम और कीमतें बदल गई हैं. तंबाकू उत्पादों पर टैक्स बढ़ने से सिगरेट और गुटखा महंगे हो गए हैं. वहीं वाहन चालकों के लिए फास्टैग से जुड़ी प्रक्रिया आसान कर दी गई है. इसके अलावा कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में इजाफा हुआ है और आने वाले दिनों में लोन की EMI सस्ती होने की उम्मीद भी जताई जा रही है.
आइए विस्तार से समझते हैं फरवरी 2026 से लागू हुए ये 6 बड़े बदलाव और इनका आम आदमी की जेब पर क्या असर पड़ेगा.
1. तंबाकू और सिगरेट पर टैक्स बढ़ा, कीमतों में तेज उछाल
सरकार ने फरवरी 2026 से तंबाकू उत्पादों पर टैक्स स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव किया है. अब पान मसाला, गुटखा, खैनी जैसे प्रोडक्ट्स पर सीधे 40% GST लागू किया गया है. पहले इन पर 28% GST के साथ अलग से कंपंसेशन सेस लगता था, जिससे कुल टैक्स का बोझ 50% से ज्यादा हो जाता था. हालांकि अब सेस हटा दिया गया है, लेकिन ऊंचा GST लागू होने से कीमतों में बढ़ोतरी तय मानी जा रही है.
सिगरेट के मामले में टैक्स का ढांचा और सख्त कर दिया गया है. सिगरेट की लंबाई और कैटेगरी के आधार पर अब प्रति स्टिक नई एक्साइज ड्यूटी लगाई जा रही है. यह एक्साइज ड्यूटी ₹2 से लेकर ₹8.5 प्रति स्टिक तक हो सकती है. इसके ऊपर सिगरेट पर 40% GST भी लगाया जा रहा है. चूंकि एक्साइज ड्यूटी पहले फैक्ट्री स्तर पर जुड़ती है और फिर उस बढ़ी हुई कीमत पर GST लगता है, इसलिए इसका सीधा असर फाइनल MRP पर पड़ता है.
इस नए टैक्स सिस्टम के कारण बाजार में सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों के दाम 15% से लेकर 40% तक बढ़ सकते हैं. हालांकि बीड़ी पीने वालों को थोड़ी राहत मिली है, क्योंकि बीड़ी पर GST को घटाकर 18% कर दिया गया है. सरकार का उद्देश्य एक तरफ राजस्व बढ़ाना और दूसरी तरफ तंबाकू सेवन को हतोत्साहित करना बताया जा रहा है.
2. फास्टैग बनवाना आसान, अब KYV की अनिवार्यता खत्म
वाहन मालिकों के लिए राहत भरी खबर यह है कि अब नई कार, जीप और वैन के लिए फास्टैग जारी करते समय KYV यानी “नो योर व्हीकल” वेरिफिकेशन की बाध्यता खत्म कर दी गई है. नेशनल हाईवे अथॉरिटी की ओर से यह फैसला लिया गया है ताकि फास्टैग जारी करने की प्रक्रिया तेज और आसान बनाई जा सके.
इतना ही नहीं, जिन वाहनों पर पहले से फास्टैग लगा हुआ है, उनके मालिकों को भी अब रूटीन तौर पर KYV वेरिफिकेशन कराने की जरूरत नहीं होगी. पहले कई बार वैध डॉक्युमेंट होने के बावजूद वाहन मालिकों को बार-बार जांच प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था, जिससे समय और परेशानी दोनों बढ़ती थी.
हालांकि यह प्रक्रिया पूरी तरह खत्म नहीं हुई है. यदि किसी फास्टैग के गलत इस्तेमाल, गलत वाहन से जुड़े होने या फर्जी जारी होने की शिकायत मिलती है, तो उस स्थिति में जांच और KYV वेरिफिकेशन किया जाएगा. यानी अब यह व्यवस्था जरूरत पड़ने पर ही लागू होगी.
3. कॉमर्शियल गैस सिलेंडर हुआ महंगा
फरवरी की शुरुआत के साथ ही 19 किलो वाले कॉमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी गई है. देश के कई बड़े शहरों में इसके दाम करीब 50 रुपए तक बढ़ गए हैं. राजधानी दिल्ली में इसकी कीमत बढ़कर करीब ₹1740 हो गई है, जबकि चेन्नई जैसे शहरों में यह लगभग ₹1900 के आसपास पहुंच गई है.
इस बढ़ोतरी का असर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और छोटे कारोबारियों पर पड़ेगा, जो कॉमर्शियल सिलेंडर का इस्तेमाल करते हैं. माना जा रहा है कि बढ़ी हुई लागत का बोझ अंततः ग्राहकों तक भी पहुंच सकता है, क्योंकि कई व्यवसाय खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ा सकते हैं.
4. RBI की बैठक से ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की मौद्रिक नीति समिति की बैठक फरवरी के पहले हफ्ते में होने वाली है. इस बैठक से पहले बाजार में उम्मीद जताई जा रही है कि रेपो रेट में 0.25% तक की कटौती की जा सकती है. अगर ऐसा होता है, तो होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन लेने वालों को राहत मिल सकती है.
पिछली बैठक में भी ब्याज दरों में कटौती की गई थी, जिससे EMI पर सकारात्मक असर पड़ा था. यदि इस बार भी दरें घटती हैं, तो लोन लेना थोड़ा सस्ता होगा और मौजूदा कर्जदारों की मासिक किस्त में भी कमी आ सकती है. इसका मकसद अर्थव्यवस्था में मांग को बढ़ावा देना माना जा रहा है.
5. एविएशन फ्यूल सस्ता, हवाई टिकटों में राहत की संभावना
तेल कंपनियों ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में कटौती की है. इससे एयरलाइंस की ऑपरेशनल लागत कम होगी. चूंकि फ्यूल कॉस्ट एयरलाइंस के खर्च का बड़ा हिस्सा होती है, इसलिए इसके सस्ता होने का फायदा यात्रियों को मिलने की उम्मीद की जा रही है.
अगर एयरलाइंस इस बचत का कुछ हिस्सा यात्रियों तक पहुंचाती हैं, तो आने वाले दिनों में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के टिकट सस्ते हो सकते हैं. हालांकि टिकट की कीमतें कई फैक्टर्स पर निर्भर करती हैं, लेकिन फ्यूल के दाम घटने से एयर ट्रैवल थोड़ा किफायती हो सकता है.
6. संपत्ति रजिस्ट्री में आधार ऑथेंटिकेशन अनिवार्य
जमीन और मकान की खरीद-बिक्री को पारदर्शी बनाने के लिए कुछ राज्यों में नई व्यवस्था लागू कर दी गई है. अब संपत्ति की रजिस्ट्री के समय खरीदार, विक्रेता और गवाहों को आधार आधारित बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन कराना होगा. यानी सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में फिंगरप्रिंट या फेस वेरिफिकेशन के जरिए पहचान की पुष्टि की जाएगी.
इस कदम का उद्देश्य फर्जी दस्तावेजों, जालसाजी और बेनामी संपत्तियों पर रोक लगाना है. सरकार का लक्ष्य है कि भविष्य में इस तरह की व्यवस्था को पूरे देश में लागू किया जाए, ताकि प्रॉपर्टी ट्रांजैक्शन अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बन सकें.
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