इस्लामाबाद: पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में अलगाववादी सशस्त्र समूहों के हमलों में पाकिस्तानी सेना को भारी नुकसान हुआ है. अलगाववादी समूह बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) और बलूच लिबरेशन फ्रंट (BLF) ने संयुक्त रूप से हमला किया, जिसमें कुल 9 पाकिस्तानी जवान मारे गए. बीएलए ने छह जवानों की मौत की जानकारी दी, जबकि बीएलएफ ने तीन सैनिकों के मारे जाने का दावा किया.
क्वेटा और आसपास के जिलों में तीन हमले
BLA ने शुक्रवार को जारी बयान में बताया कि उसके लड़ाकों ने बलूचिस्तान के क्वेटा, कच्ची और केच जिलों में तीन अलग-अलग हमलों में छह सैनिकों को निशाना बनाया. सबसे बड़ा हमला राजधानी क्वेटा के बाहरी इलाके डाघारी में किया गया, जहां पाकिस्तानी सैनिकों को रिमोट कंट्रोल IED विस्फोट से टारगेट किया गया.
BLA के प्रवक्ता जीयांद बलूच ने बताया कि विस्फोट उस समय हुआ जब पाकिस्तानी जवान डाघारी क्षेत्र में रेलवे ट्रैक साफ करने के बाद एक जगह बैठे थे. इस हमले में चार सैनिक मौके पर ही मारे गए, जबकि दो अन्य घायल हुए.
कच्ची और केच जिलों में हमले
डाघारी हमले के कुछ घंटे बाद कच्ची जिले के धादर के कलामुद्दीन इलाके में दूसरा हमला हुआ. यहां पाकिस्तानी सैनिक अपनी पोस्ट से लौट रहे थे कि तभी BLA के लड़ाकों ने ऑटोमैटिक हथियार और रॉकेट से हमला किया.
तीसरा हमला केच जिले के कुलाग इलाके में स्थित सामी पोस्ट पर किया गया. इस हमले में दो सैनिक मारे गए और कई घायल हुए. इसके अलावा, बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (BLF) ने भी तीन पाकिस्तानी जवानों को मारने का दावा किया.
पाकिस्तान की जवाबी कार्रवाई
पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग ने बताया कि खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में सुरक्षा बलों ने दो अलग-अलग अभियानों में नौ आतंकवादियों को मार गिराया. ‘इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस’ (आईएसपीआर) के अनुसार, 19 दिसंबर 2025 को खैबर पख्तूनख्वा में दो मुठभेड़ों में ‘फितना अल-ख्वारिज’ से जुड़े आतंकवादी मारे गए.
पाकिस्तान के अधिकारियों के अनुसार, 'फितना-अल-ख्वारिज' शब्द का इस्तेमाल प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) से जुड़े आतंकियों के लिए किया जाता है.
पहला अभियान प्रांत के डेरा इस्माइल खान जिले में खुफिया सूचना के आधार पर चलाया गया, जिसमें चार आतंकवादी मारे गए. दूसरा अभियान बन्नू जिले में चलाया गया, जहां सुरक्षा बलों ने पांच और आतंकवादियों को खत्म किया.
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