PM Modi Records: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 जून को भारतीय राजनीति में एक नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया. लगातार सत्ता में रहते हुए उन्होंने 4399 दिन पूरे कर लिए हैं. इसके साथ ही उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया है. नेहरू ने चुनाव जीतने के बाद लगातार 4398 दिनों तक प्रधानमंत्री पद संभाला था. अब मोदी इस मामले में सबसे आगे पहुंच गए हैं.
2014 में कैसी थी भाजपा की स्थिति?
जब नरेंद्र मोदी ने मई 2014 में प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली थी, तब भाजपा और उसके सहयोगी दल केवल सात राज्यों में सत्ता में थे. इनमें पांच राज्यों में भाजपा की सीधी सरकार थी, जबकि दो राज्यों में उसके सहयोगी दल शासन चला रहे थे.
उस समय देश की करीब 26 फीसदी आबादी ऐसे राज्यों में रहती थी जहां भाजपा या उसके सहयोगियों की सरकार थी. दूसरी तरफ कांग्रेस और उसके सहयोगी दल 14 राज्यों में सत्ता में थे और देश की लगभग 37 फीसदी आबादी उन राज्यों में रहती थी.
चार साल में तेजी से बढ़ा भाजपा का विस्तार
2014 के बाद भाजपा ने कई राज्यों में अपना राजनीतिक आधार मजबूत किया. मार्च 2018 तक भाजपा और उसके सहयोगी दलों की सरकारें 21 राज्यों तक पहुंच गई थीं. उस समय देश की करीब 71 फीसदी आबादी ऐसे राज्यों में रहती थी जहां भाजपा या एनडीए का शासन था. आबादी के हिसाब से यह भाजपा का सबसे मजबूत दौर माना गया. वहीं कांग्रेस उस समय केवल चार राज्यों तक सीमित रह गई थी.
दिल्ली चुनाव ने बदली तस्वीर
फरवरी 2025 में हुए दिल्ली विधानसभा चुनाव भाजपा के लिए बड़ी सफलता लेकर आए. करीब 27 साल बाद भाजपा ने दिल्ली की सत्ता में वापसी की. इससे राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा की राजनीतिक पकड़ और मजबूत हुई. दिल्ली देश का क्षेत्रफल के लिहाज से छोटा लेकिन राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण केंद्र शासित प्रदेश माना जाता है. इससे पहले यहां आम आदमी पार्टी की सरकार थी.
बिहार में एनडीए ने बचाई अपनी पकड़
बिहार चुनाव को भी भाजपा और एनडीए के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा था. अगर यहां सत्ता परिवर्तन होता तो एनडीए के शासन वाले राज्यों की संख्या कम हो सकती थी. लेकिन गठबंधन ने अपनी स्थिति बरकरार रखी और बिहार में फिर से सरकार बनाने में सफल रहा. इस जीत के बाद एनडीए की राजनीतिक ताकत में कोई बड़ी कमी नहीं आई और उसका प्रभाव कई राज्यों में बना रहा.
फिलहाल कितने राज्यों में है भाजपा या एनडीए की सरकार?
वर्तमान समय में भाजपा और उसके सहयोगी दल देश के 20 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सरकार चला रहे हैं. इनमें उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, बिहार, असम, हरियाणा, उत्तराखंड, ओडिशा, दिल्ली और कई पूर्वोत्तर राज्य शामिल हैं.
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इन राज्यों का कुल क्षेत्रफल देश के लगभग 72 फीसदी हिस्से को कवर करता है. वहीं आबादी के लिहाज से देश की करीब 76 फीसदी आबादी ऐसे राज्यों में रहती है जहां भाजपा या उसके सहयोगियों की सरकार है.
भाजपा शासित राज्यों में सबसे बड़े और सबसे छोटे राज्य
क्षेत्रफल के हिसाब से राजस्थान भाजपा शासित राज्यों में सबसे बड़ा राज्य है. वहीं पुदुचेरी सबसे छोटा केंद्र शासित प्रदेश है जहां एनडीए गठबंधन सत्ता में शामिल है. आबादी के लिहाज से उत्तर प्रदेश भाजपा शासित राज्यों में सबसे बड़ा राज्य है. दूसरी ओर पुदुचेरी सबसे कम आबादी वाला क्षेत्र है.
कांग्रेस और उसके सहयोगियों की स्थिति
वर्तमान में कांग्रेस या उसके सहयोगी दल हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना, झारखंड, जम्मू-कश्मीर और केरल जैसे राज्यों में सत्ता में हैं. इन राज्यों में अलग-अलग गठबंधन सरकारें काम कर रही हैं. हालांकि 2014 की तुलना में कांग्रेस का राजनीतिक प्रभाव कई राज्यों में कम हुआ है, लेकिन दक्षिण भारत और कुछ अन्य क्षेत्रों में उसकी मौजूदगी अब भी बनी हुई है.
अन्य दलों का भी कई राज्यों में दबदबा
कुछ राज्यों में क्षेत्रीय दलों की सरकारें भी सत्ता में हैं. पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार है. वहीं सिक्किम, मिजोरम और तमिलनाडु जैसे राज्यों में क्षेत्रीय राजनीतिक दलों का प्रभाव बना हुआ है.
कुल मिलाकर पिछले 12 वर्षों में भारतीय राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने कई राज्यों में अपना विस्तार किया है और आज देश के बड़े हिस्से में उसकी राजनीतिक मौजूदगी दिखाई देती है.
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