बिहार और बंगाल में बीजेपी ने भरी चुनावी हुंकार, धर्मेंद्र प्रधान और केशव प्रसाद मौर्या को बड़ी जिम्मेदारी

Bihar election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों की औपचारिक घोषणा अभी नहीं हुई है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पहले से ही मिशन बिहार 2025 की तैयारियों में पूरी ताकत झोंक दी है.

BJP electoral campaign Bihar and Bengal Dharmendra Pradhan Bhupendra Yadav responsibility
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Bihar election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों की औपचारिक घोषणा अभी नहीं हुई है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पहले से ही मिशन बिहार 2025 की तैयारियों में पूरी ताकत झोंक दी है. पार्टी ने इस बार की चुनावी कमान केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को सौंपी है. उन्हें बिहार चुनाव का मुख्य प्रभारी बनाया गया है. उनके साथ केंद्रीय मंत्री सी.आर. पाटिल और उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को सह-प्रभारी नियुक्त किया गया है.

धर्मेंद्र प्रधान पहले भी कई अहम राज्यों में पार्टी की रणनीति को सफलतापूर्वक अंजाम दे चुके हैं. अब उनकी अगुवाई में भाजपा बिहार में एक बार फिर सत्ता में वापसी की योजना बना रही है.

एनडीए बनाम महागठबंधन, कांटे की टक्कर तय

बिहार में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक माहौल पहले ही गर्म हो चुका है. सूबे में इस बार मुकाबला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) और महागठबंधन (I.N.D.I.A.) के बीच है. NDA में फिलहाल BJP और JDU की साझेदारी बनी हुई है, जबकि विपक्षी महागठबंधन में राष्ट्रीय जनता दल (RJD), कांग्रेस, और वाम दल शामिल हैं.

2020 के विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार ने BJP के साथ मिलकर फिर से सत्ता में वापसी की थी, लेकिन इस बार मुकाबला और अधिक रोमांचक और सघन नजर आ रहा है. जनता के बीच मुद्दों को लेकर दोनों गठबंधन अपने-अपने एजेंडे के साथ उतर चुके हैं.

नेताओं की बयानबाजी ने बढ़ाया सियासी तापमान

राजनीतिक दलों ने भले ही अभी टिकटों की घोषणा न की हो, लेकिन जमीनी स्तर पर प्रचार अभियान ज़ोर पकड़ चुका है. जगह-जगह जनसभाएं, कार्यकर्ता सम्मेलन, और मीडिया इंटरव्यू के जरिए पार्टियां जनता को लुभाने की कोशिश कर रही हैं. खासकर महंगाई, बेरोजगारी, आरक्षण, कानून व्यवस्था और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दे बहस के केंद्र में हैं.

धर्मेंद्र प्रधान और उनकी टीम पर अब यह जिम्मेदारी होगी कि वे भाजपा की रणनीति को जमीनी हकीकत में कैसे बदलते हैं और कैसे चुनाव को NDA के पक्ष में मोड़ते हैं.

बंगाल में भी तैयारी तेज, भूपेंद्र यादव को चुनावी जिम्मेदारी

बिहार के साथ-साथ पश्चिम बंगाल में भी विधानसभा चुनावों की आहट सुनाई देने लगी है, और भाजपा ने वहां भी अपने रणनीतिक चेहरों को मैदान में उतार दिया है. पार्टी ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव को पश्चिम बंगाल चुनाव का प्रभारी बनाया है. उनके साथ त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद बिप्लव कुमार देब को सह-प्रभारी की भूमिका दी गई है.

भूपेंद्र यादव को संगठनात्मक मामलों का विशेषज्ञ माना जाता है और वह पहले भी कई राज्यों में भाजपा के लिए जीत का खाका तैयार कर चुके हैं. बंगाल जैसे जटिल राजनीतिक परिदृश्य में उनकी नियुक्ति को पार्टी के लिए बड़ा दांव माना जा रहा है.

संगठन को मज़बूती देना है मुख्य उद्देश्य

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने इन दोनों राज्यों में प्रभारी और सह-प्रभारियों की नियुक्तियों की जानकारी एक आधिकारिक पत्र के माध्यम से दी. पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि ये नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी.

पार्टी के आंतरिक सूत्रों के अनुसार, इन नियुक्तियों का मुख्य उद्देश्य राज्यों में संगठनात्मक ढांचे को और अधिक मजबूत बनाना, नीतिगत दिशा तय करना और चुनावी अभियान को सक्रिय और संगठित करना है.

चुनाव पूर्व की हलचल: जनता पर केंद्रित रणनीति

बिहार और बंगाल दोनों ही राज्यों में भाजपा का फोकस इस बार ‘जनता के मुद्दों’ पर है. पार्टी की योजना है कि वह स्थानीय जरूरतों, विकास कार्यों, और केंद्र सरकार की योजनाओं को गिनाते हुए वोटरों के बीच भरोसा कायम करे.

वहीं विपक्षी दल भी पीछे नहीं हैं. RJD और कांग्रेस के नेता लगातार जनसभाओं, सोशल मीडिया, और प्रेस कॉन्फ्रेंसों के जरिए सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं. खासकर युवा मतदाताओं को लुभाने के लिए दोनों पक्षों ने सोशल मीडिया पर जोरदार अभियान शुरू कर दिया है.

कब होगा चुनाव? सभी की नजरें चुनाव आयोग पर

हालांकि अभी तक बिहार और बंगाल विधानसभा चुनावों की तारीखों की औपचारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन यह माना जा रहा है कि आने वाले कुछ हफ्तों में चुनाव आयोग इन तारीखों का एलान कर सकता है. चुनाव के संभावित कार्यक्रम को देखते हुए भाजपा ने रणनीतिक तैयारी समय से पहले शुरू कर दी है.

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