CM Samrat Chaudhary News: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के विकास को लेकर सरकार की योजनाओं और अब तक हुए कामों की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि किसी भी विकसित राज्य के लिए सुरक्षित और शांतिपूर्ण माहौल सबसे जरूरी है. इसी वजह से बिहार में अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम किया जा रहा है.
मुख्यमंत्री ने पुलिस व्यवस्था मजबूत करने के साथ-साथ उद्योग, बिजली, सड़क, शिक्षा, खेती और शहरों के विकास से जुड़ी योजनाओं का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य बिहार को तेजी से आगे बढ़ाना और लोगों को बेहतर सुविधाएं देना है.
1833 इमरजेंसी वाहन दे रहे हैं मदद
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में पुलिस व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं. इमरजेंसी रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम यानी ERSS के तहत राज्य में 1,833 आपातकालीन वाहन काम कर रहे हैं.
इन वाहनों के जरिए पुलिस, एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड, हाईवे पेट्रोलिंग, आपदा प्रबंधन और महिला-बाल हेल्पलाइन जैसी सेवाएं जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाई जा रही हैं. औसतन 10 मिनट के अंदर मदद पहुंचाने की व्यवस्था की गई है.
महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी सरकार ने कई योजनाएं शुरू की हैं. बिहार ‘सुरक्षित सफर सुविधा योजना’ शुरू करने वाला देश का तीसरा राज्य है. इसके अलावा सभी थाना क्षेत्रों में ‘अभया ब्रिगेड’ बनाई गई है.
राज्य के 855 थानों में महिला हेल्प डेस्क भी शुरू हो चुकी हैं. ये हेल्प डेस्क 24 घंटे काम कर रही हैं. पुलिस बल में भर्ती और प्रशिक्षण का काम भी जारी है. महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ी जिम्मेदारी निभाने वाली ‘पुलिस दीदी’ को स्कूटी देने का फैसला भी लिया गया है.
3.47 लाख करोड़ रुपये का बजट
मुख्यमंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बिहार सरकार ने 3 लाख 47 हजार 590 करोड़ रुपये का बजट पेश किया है. सरकार के मुताबिक यह बजट राज्य के विकास को तेज करने पर केंद्रित है.
इसमें सड़क और दूसरी बुनियादी सुविधाओं के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, खेती, रोजगार, तकनीक और सामाजिक सुरक्षा पर भी जोर दिया गया है. उन्होंने बताया कि जून 2026 तक राज्य के कुल राजस्व संग्रह में 16.75 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. सरकार इसे राज्य की बेहतर आर्थिक स्थिति और जीएसटी से जुड़े कामकाज में सुधार के तौर पर देख रही है.
2030 तक सेमीकंडक्टर हब बनाने की तैयारी
बिहार में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने औद्योगिक नीतियों में बदलाव किए हैं. बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज-2025 में संशोधन किया गया है. इसके अलावा बिहार सेमीकंडक्टर नीति-2026 भी लागू की गई है. सरकार का लक्ष्य 2030 तक बिहार को सेमीकंडक्टर से जुड़े उद्योगों का बड़ा केंद्र बनाना है.
राज्य में 100 से ज्यादा औद्योगिक क्षेत्र मौजूद हैं और करीब 10 हजार एकड़ जमीन उद्योगों के लिए उपलब्ध है. सरकार प्लग एंड प्ले शेड, ड्राई पोर्ट और मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स जैसी सुविधाएं भी तैयार कर रही है.
पूर्वी समर्पित माल गलियारे से बेहतर कनेक्टिविटी पर भी काम किया जा रहा है. हर जिले में औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए करीब 14,600 एकड़ नई औद्योगिक जमीन के अधिग्रहण को मंजूरी दी गई है.
सरकार ने बिहार में 5 लाख करोड़ रुपये का निवेश लाने का लक्ष्य रखा है. मुख्यमंत्री ने देश के दूसरे हिस्सों में रहने वाले बिहारियों से भी अपील की कि वे अपने अनुभव और निवेश के जरिए राज्य के विकास में योगदान दें.
छह महीने में पांच नई चीनी मिलें शुरू करने की तैयारी
गन्ना किसानों की आय बढ़ाने के लिए राज्य सरकार नई चीनी मिलें लगाने की योजना पर काम कर रही है. सरकार का लक्ष्य बिहार में 25 नई चीनी मिलें स्थापित करना है. मुख्यमंत्री के मुताबिक इनमें से 10 मिलों का काम शुरू हो चुका है.
आने वाले छह महीनों में पांच और चीनी मिलें शुरू करने की तैयारी है. सरकार को उम्मीद है कि इससे गन्ना किसानों को अपनी फसल का बेहतर बाजार मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे.
बिहार में बिजली की मांग 9475 मेगावाट तक पहुंची
बिजली के क्षेत्र में राज्य की बढ़ती क्षमता का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार अब 9,475 मेगावाट तक की अधिकतम बिजली मांग को पूरा करने में सक्षम है. उन्होंने बताया कि पहले राज्य में बिजली की खपत करीब 350 मेगावाट थी. अब बिजली की मांग कई गुना बढ़ चुकी है और सरकार इस मांग को पूरा करने के लिए लगातार व्यवस्था मजबूत कर रही है.
प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के तहत 4 लाख 83 हजार बीपीएल परिवारों के घरों की छत पर मुफ्त रूफटॉप सोलर लगाए जा रहे हैं. सरकार का लक्ष्य 2027 तक 25 लाख घरों पर सोलर रूफटॉप लगाने का है. मुख्यमंत्री विद्युत सहायता योजना के तहत उपभोक्ताओं को हर महीने 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने की व्यवस्था भी की गई है.
किसानों के लिए भी बिजली कनेक्शन बढ़ाए जा रहे हैं. मुख्यमंत्री कृषि विद्युत संबद्ध योजना के दूसरे चरण में पिछले एक साल में 1 लाख 66 हजार मुफ्त कृषि बिजली कनेक्शन दिए गए हैं. किसानों को सिंचाई के लिए सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक बिजली देने की व्यवस्था की गई है. मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में अब करीब 44 लाख हेक्टेयर जमीन सिंचाई की सुविधा से जुड़ी हुई है.
बिहार में बनेंगी 12 नई सैटेलाइट टाउनशिप
शहरी विकास को बेहतर बनाने के लिए बिहार में 12 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की योजना है. इन नए शहरों को अलग-अलग जिलों में विकसित किया जाएगा. इनमें पटना में पाटलिपुत्र, सोनपुर में हरिहरनाथपुर, गया में मगध, दरभंगा में मिथिला, सहरसा में कोसी, पूर्णिया में पूरनदेवी, मुंगेर में अंग, मुजफ्फरपुर में तिरहुत, छपरा में सारण, भागलपुर में विक्रमशिला, सीतामढ़ी में सीतापुरम और डेहरी में सैटेलाइट सिटी शामिल हैं.
इन शहरों का मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है. यहां सड़क, बिजली, पानी और दूसरी जरूरी सुविधाओं को बेहतर तरीके से विकसित किया जाएगा. इन टाउनशिप के विकास के लिए करीब एक लाख करोड़ रुपये के लंबे समय के वित्तपोषण को लेकर HUDCO के साथ समझौता भी किया गया है.
589 किलोमीटर के एक्सप्रेसवे और हाई-स्पीड कॉरिडोर
बिहार में सड़क कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए पांच एक्सप्रेसवे और छह हाई-स्पीड कॉरिडोर पर काम चल रहा है. इन परियोजनाओं के तहत करीब 589 किलोमीटर लंबी सड़कें और ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे विकसित किए जा रहे हैं.
राज्य में हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है. फिलहाल बिहार में चार हवाई अड्डे चालू हैं. वहीं छह से ज्यादा नए एयरपोर्ट बनाने की दिशा में काम चल रहा है. सभी जिलों में एयरस्ट्रिप विकसित करने की योजना भी बनाई गई है. सोनपुर और अजगैबीनाथ धाम में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाने की योजना पर भी काम चल रहा है.
शिक्षा के लिए 66 हजार करोड़ से ज्यादा का बजट
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा बिहार सरकार की बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल है. राज्य के बजट में शिक्षा के लिए 66,676 करोड़ रुपये से ज्यादा रखे गए हैं. यह कुल बजट का करीब 20 प्रतिशत है. कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों को बेहतर शिक्षा देने के लिए 551 सरस्वती विद्या निकेतन यानी आदर्श विद्यालय स्थापित किए गए हैं. बिहार स्कूल लाइव क्लासेज और ऑनलाइन कोचिंग जैसी सुविधाएं भी शुरू की गई हैं. इनके जरिए बड़ी संख्या में छात्रों को पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद मिल रही है.
अब सभी प्रखंडों में डिग्री की पढ़ाई
सरकार उच्च शिक्षा को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने पर भी काम कर रही है. मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के सभी प्रखंडों में डिग्री स्तर की पढ़ाई शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है. 15 जुलाई से राज्य के बचे हुए 211 प्रखंडों में एक साथ डिग्री कॉलेज शुरू किए गए हैं. इससे गांव और छोटे शहरों के छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे जिलों में जाने की जरूरत कम होगी.
इसका सबसे ज्यादा फायदा ग्रामीण इलाकों की बेटियों को मिलने की उम्मीद है. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य शिक्षा के साथ रोजगार, सड़क, बिजली और दूसरी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना है, ताकि बिहार विकास की नई ऊंचाई तक पहुंच सके.
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