Bihar: न हुईं लापता, न किसी ने किया अपहरण... फिर कहां गायब हो गई थीं कृषि विभाग की अधिकारी; पुलिस का बड़ा खुलासा

Bihar News: बिहार की राजधानी पटना के अथमलगोला प्रखंड में तैनात कृषि विभाग की अधिकारी अर्यमा दीप्ति को लेकर फैली तमाम अफवाहों पर पुलिस ने 24 घंटे के भीतर विराम लगा दिया है. पुलिस जांच में साफ हुआ है कि न तो अधिकारी का अपहरण हुआ था और न ही वह किसी दबाव या मजबूरी में कहीं गई थीं. 

Bihar Patna Agriculture Department officer Aryama Deepti went missing police revealed
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Bihar News: बिहार की राजधानी पटना के अथमलगोला प्रखंड में तैनात कृषि विभाग की अधिकारी अर्यमा दीप्ति को लेकर फैली तमाम अफवाहों पर पुलिस ने 24 घंटे के भीतर विराम लगा दिया है. पुलिस जांच में साफ हुआ है कि न तो अधिकारी का अपहरण हुआ था और न ही वह किसी दबाव या मजबूरी में कहीं गई थीं. 

साथ ही, सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर चल रही उस चर्चा को भी गलत बताया गया, जिसमें कहा जा रहा था कि वह किसी प्रेमी के साथ चली गई हैं. पुलिस के अनुसार, यह मामला पूरी तरह सामान्य परिस्थितियों से जुड़ा था, जिसे अफवाहों ने अनावश्यक रूप से सनसनीखेज बना दिया.

कैसे शुरू हुआ लापता होने का मामला

यह मामला शुक्रवार शाम उस समय सामने आया, जब बख्तियारपुर के अथमलगोला प्रखंड में कार्यरत कृषि अधिकारी अर्यमा दीप्ति अचानक अपने घर और दफ्तर दोनों जगहों पर संपर्क से बाहर हो गईं. उनके पति शुभम कुमार ने इस संबंध में बख्तियारपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई.

शुभम कुमार के अनुसार, शुक्रवार को रोज की तरह वह अपनी पत्नी को ऑफिस छोड़ने गए थे. दोनों के बीच न तो किसी तरह का विवाद हुआ था और न ही कोई असामान्य बातचीत. दोपहर तक दोनों के बीच फोन पर संपर्क बना रहा, लेकिन शाम होते-होते अर्यमा का मोबाइल फोन बंद हो गया. यही बात परिवार की चिंता का कारण बन गई.

नई शादी और बढ़ी चिंता

इस मामले ने इसलिए भी ज्यादा ध्यान खींचा क्योंकि अर्यमा दीप्ति की शादी को महज 23 दिन ही हुए थे. अचानक संपर्क टूटने और फोन बंद होने से परिवार के साथ-साथ प्रशासन भी सतर्क हो गया. देखते ही देखते मामला सोशल मीडिया और स्थानीय चर्चाओं में फैल गया और तरह-तरह की अटकलें लगाई जाने लगीं.

पुलिस जांच और बड़ा खुलासा

रविवार को बाढ़ अनुमंडल के पुलिस अधिकारियों ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि यह किसी अपराध या साजिश का मामला नहीं है. पुलिस ने तकनीकी जांच और ह्यूमन इंटेलिजेंस के आधार पर अर्यमा दीप्ति को ढूंढ निकाला.

पुलिस के अनुसार, महिला अधिकारी ने अपने बयान में स्पष्ट कहा कि वह न तो लापता हुई थीं और न ही किसी के द्वारा अगवा की गई थीं. वह पूरी तरह अपनी मर्जी से गई थीं और किसी तरह के डर या दबाव में नहीं थीं.

दोस्त को सरप्राइज देने गई थीं अर्यमा

पुलिस जांच में सामने आया कि अर्यमा दीप्ति अपनी करीबी दोस्त अंजलि कुमारी उर्फ गोल्डी के जन्मदिन पर उन्हें सरप्राइज देने गई थीं. उनकी दोस्त सारण जिले के मशरक की रहने वाली हैं. अर्यमा ने बिना किसी को बताए वहां जाने का फैसला किया, जिससे परिवार को उनकी जानकारी नहीं मिल पाई.

मोबाइल बंद होने की सच्चाई

मोबाइल फोन बंद होने को लेकर भी कई तरह के संदेह जताए जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने इसे बेहद सामान्य कारण बताया. जांच में सामने आया कि अर्यमा दीप्ति के फोन की बैटरी खत्म हो गई थी, जिस वजह से वह अपने पति या परिवार से संपर्क नहीं कर सकीं. इसमें किसी तकनीकी छेड़छाड़ या जानबूझकर फोन बंद करने की बात सामने नहीं आई.

अफवाहों पर पुलिस का सख्त संदेश

पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जांच के दौरान न तो अपहरण की पुष्टि हुई और न ही किसी प्रेम संबंध से जुड़ा कोई तथ्य सामने आया. पुलिस ने कहा कि इस मामले में फैली अफवाहें पूरी तरह निराधार थीं.

अधिकारियों के अनुसार, मामला पूरी तरह सामान्य था, लेकिन सोशल मीडिया और चर्चाओं के कारण इसे बेवजह तूल दिया गया. फिलहाल पुलिस नियमों के अनुसार आगे की औपचारिक प्रक्रिया पूरी कर रही है.

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