Bihar Temple Land: बिहार में मठ, मंदिर और धार्मिक न्यास की जमीनों पर अवैध कब्जे और अतिक्रमण के खिलाफ राज्य सरकार अब बड़े स्तर पर कार्रवाई की तैयारी में जुट गई है. सरकार ने साफ संकेत दिए हैं कि धार्मिक संस्थानों की जमीनों को कब्जामुक्त कराने के लिए जल्द व्यापक अभियान चलाया जाएगा. इसके लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, विधि विभाग और बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद मिलकर एक समन्वित व्यवस्था तैयार करेंगे.
राज्य सरकार का मानना है कि धार्मिक संस्थानों की संपत्तियां सार्वजनिक आस्था और धार्मिक गतिविधियों से जुड़ी हुई हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है. इसी उद्देश्य से पटना में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप जायसवाल ने की.
धार्मिक न्यास की जमीनों की सुरक्षा पर जोर
बैठक में राज्यभर में फैली धार्मिक न्यास परिषद की जमीनों की सुरक्षा, अवैध कब्जों को हटाने और भविष्य में अतिक्रमण रोकने के उपायों पर विस्तार से चर्चा हुई. अधिकारियों ने विभिन्न जिलों से मिले मामलों की जानकारी साझा की, जहां मठ, मंदिर और देवालय की जमीनों पर लंबे समय से अवैध कब्जे की शिकायतें सामने आ रही हैं.
मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि बिहार में धार्मिक संस्थानों की लाखों एकड़ जमीन है और उसकी सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है. उन्होंने कहा कि कई मामलों में वर्षों से अवैध कब्जे की शिकायतें मिलती रही हैं, लेकिन अब सरकार इसे लेकर गंभीर कार्रवाई के मूड में है.
माननीय मंत्री,@BiharRevenue @DilipJaiswalBJP की अध्यक्षता में राज्यभर में स्थित बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद की जमीन को अतिक्रमणमुक्त कराने को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।@samrat4bjp @IPRDBihar #Meeting #Temples #Land#BiharBhumi #BiharRevenueAndLandReformsDept pic.twitter.com/KwYB22QITW
— Revenue and Land Reforms Department (@BiharRevenue) May 29, 2026
स्पेशल सेल का होगा गठन
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि धार्मिक न्यास परिषद की जमीनों से जुड़े मामलों की निगरानी और कार्रवाई को तेज करने के लिए एक विशेष सेल बनाया जाएगा. यह स्पेशल सेल राजस्व विभाग, विधि विभाग और बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद के अधिकारियों के समन्वय से काम करेगा.
सरकार का उद्देश्य है कि जमीन से जुड़े विवादों, अतिक्रमण और कानूनी मामलों पर तेजी से कार्रवाई हो सके. इसके लिए विस्तृत SOP यानी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर भी तैयार किया जाएगा ताकि सभी जिलों में एक समान और पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जा सके.
ट्रिब्यूनल के आदेशों पर चलेगा विशेष अभियान
मंत्री दिलीप जायसवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन मामलों में बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद के ट्रिब्यूनल द्वारा अतिक्रमण हटाने के आदेश पहले ही दिए जा चुके हैं, वहां तुरंत विशेष अभियान चलाकर जमीन खाली कराई जाए.
उन्होंने कहा कि संबंधित अंचल अधिकारियों को इसकी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी और कार्रवाई की नियमित मॉनिटरिंग भी की जाएगी. सरकार चाहती है कि ट्रिब्यूनल के आदेश सिर्फ कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि जमीन पर उनका प्रभावी पालन भी हो.
डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने की तैयारी
बैठक में धार्मिक संस्थानों की संपत्तियों का अद्यतन रिकॉर्ड तैयार करने पर भी जोर दिया गया. अधिकारियों ने बताया कि कई जगहों पर जमीन के रिकॉर्ड पुराने हैं या सही तरीके से संरक्षित नहीं हैं, जिससे विवाद की स्थिति बनती है.
सरकार अब धार्मिक न्यास की जमीनों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने की दिशा में भी काम करेगी. इसके तहत जमीनों का अभिलेखीकरण, मैपिंग और दस्तावेजों का डिजिटलीकरण किया जाएगा ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार के विवाद या फर्जीवाड़े को रोका जा सके.
विवादित जमीनों की होगी पहचान
बैठक के दौरान यह भी तय किया गया कि राज्यभर में विवादित और अतिक्रमित धार्मिक जमीनों की पहचान की जाएगी. इसके बाद प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाएगी.
सरकार का मानना है कि कई धार्मिक संस्थानों की जमीनें लंबे समय से विवादों में फंसी हुई हैं, जिससे मंदिरों और मठों को आर्थिक नुकसान हो रहा है. ऐसे मामलों को जल्द सुलझाने की रणनीति तैयार की जा रही है.
सरकार ने लापरवाही पर दी चेतावनी
मंत्री दिलीप जायसवाल ने साफ कहा कि धार्मिक संस्थानों की संपत्तियों की सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी मामलों की गंभीरता से समीक्षा करें और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करें. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार धार्मिक संस्थानों की परिसंपत्तियों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई को भी तेज किया जाएगा.
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