Bihar Government Employees Salary: बिहार के सरकारी कर्मचारियों के लिए राहत देने वाली खबर सामने आई है. बिजेंद्र यादव ने विधान परिषद में वित्तीय चर्चा के दौरान घोषणा की कि राज्य सरकार होली से पहले ही फरवरी महीने का वेतन जारी कर देगी. इस फैसले का मकसद त्योहार से पहले कर्मचारियों को आर्थिक सुविधा देना है, ताकि वे बिना किसी परेशानी के उत्सव मना सकें.
त्योहार से पहले वेतन का फैसला
विधान परिषद की कार्यवाही भोजनावकाश के बाद शुरू हुई, जहां वित्तीय विधेयक और बिहार विनियोग प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. इसी दौरान राज्य की आर्थिक स्थिति, विकास योजनाओं और विभिन्न सरकारी निर्णयों पर सत्ता और विपक्ष के बीच विस्तृत चर्चा हुई.
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार जनहित और विकास कार्यों को प्राथमिकता देते हुए योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ा रही है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कर्मचारियों के हितों का ध्यान रखना सरकार की जिम्मेदारी है और समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है.
रोजगार और उद्योग पर भी फोकस
चर्चा के दौरान सरकार की ओर से यह भी बताया गया कि राज्य में युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर काम किया जा रहा है. बंद पड़ी चीनी मिलों को फिर से चालू करने और नई इकाइयों की स्थापना की दिशा में भी प्रयास जारी हैं. सरकार का कहना है कि इन कदमों से राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे.
मदनपुर की घटना पर उठा सवाल
विधान परिषद में औरंगाबाद जिले के मदनपुर क्षेत्र की एक घटना भी चर्चा का विषय बनी. राज्यवर्धन आजाद ने प्रसव के दौरान एक महिला की मौत के मामले को उठाते हुए इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में झोला-छाप डॉक्टरों की वजह से कई गंभीर घटनाएं सामने आ रही हैं और बिना पर्याप्त योग्यता के इलाज किए जाने के मामले चिंताजनक हैं.
स्वास्थ्य मंत्री का जवाब
इस मुद्दे पर जवाब देते हुए मंगल पांडे ने कहा कि संबंधित मामले में कार्रवाई की जा चुकी है और दोषी के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए हैं. उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में ऐसी लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी. साथ ही अवैध रूप से इलाज करने वाले लोगों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई तेज करने की बात भी कही गई.
स्वास्थ्य व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
यह मामला सामने आने के बाद राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाओं को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं. सरकार ने आश्वासन दिया है कि स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी को और मजबूत किया जाएगा, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके.
कुल मिलाकर, एक तरफ जहां सरकार का त्योहार से पहले वेतन देने का फैसला कर्मचारियों के लिए राहत लेकर आया है, वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े मुद्दों ने प्रशासन के सामने नई चुनौतियां भी खड़ी कर दी हैं.
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