Gopalganj News: बिहार के गोपालगंज जिले से एक अनोखी खबर सामने आई है, जहां एक नाबालिग लड़के को शराब तस्करी के मामले में कैद या जुर्माने के बजाय सुधारात्मक सजा सुनाई गई है. न्याय परिषद के प्रधान दंडाधिकारी निलेश भारद्वाज ने लड़के को 30 दिन तक ट्रैफिक सेवा करने का आदेश दिया है, जिससे उसे अपने व्यवहार में सुधार का मौका मिलेगा और वह समाज के लिए कुछ अच्छा कर सकेगा.
मामला और गिरफ्तारी: जादोपुर थाने से जुड़ी घटना
यह घटना जिले के जादोपुर थाना क्षेत्र की है. 9 जनवरी 2025 को जादोपुर पुलिस ने 81 लीटर अवैध शराब के साथ नाबालिग लड़के को गिरफ्तार किया था. इस मामले में लड़के सहित चार अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी.
जुर्म की स्वीकारोक्ति और सुनवाई
नाबालिग लड़के ने किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष अपने जुर्म को स्वीकार कर लिया. सुनवाई के दौरान आरोपी और उसके पिता दोनों बोर्ड के सामने उपस्थित थे. लड़के ने साफ कहा कि उसने बिना किसी दबाव के अपराध कबूला है और वह सुधारना चाहता है.
सुधार और समाज सेवा का नया रास्ता
न्याय परिषद के प्रधान दंडाधिकारी निलेश भारद्वाज ने लड़के को ट्रैफिक सेवा के रूप में 30 दिन की सामुदायिक सेवा करने का आदेश दिया है. इस दौरान लड़का ट्रैफिक पुलिस की देखरेख में काम करेगा. पुलिस अधीक्षक को इस सेवा के लिए अनुमति पत्र भेजा जाएगा, और सेवा पूरी होने के बाद रिपोर्ट बोर्ड को प्रस्तुत की जाएगी. यह सजा लड़के को न केवल सुधार का मौका देगी बल्कि समाज में सकारात्मक योगदान भी करने का अवसर प्रदान करेगी.
किशोर का आत्मविश्वास और भविष्य के लिए उम्मीदें
सुनवाई के दौरान नाबालिग ने बोर्ड से माफी और सुधार का अवसर मांगा. उसने यह भी व्यक्त किया कि वह समाज की मुख्यधारा से जुड़ना चाहता है और एक बेहतर इंसान बनना चाहता है. इस भावना को देखते हुए, न्याय परिषद ने उसे इस अनोखी सजा के माध्यम से एक नई शुरुआत देने का निर्णय लिया है.
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