Bihar High-Tech Cold Chain: बिहार सरकार ने राज्य में फल और सब्जियों के भंडारण, पैकेजिंग और संरक्षण की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को दूर करने के लिए एक महत्वाकांक्षी कदम उठाया है. पटना के बिहटा और मुसल्लहपुर हाट में अत्याधुनिक कोल्ड चेन यार्ड बनाए जाने जा रहे हैं. इस पहल का सीधा लाभ किसानों को मिलेगा, क्योंकि इससे न केवल उपज की बर्बादी कम होगी, बल्कि उनके लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुँचने के नए अवसर भी खुलेंगे.
कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने कृषि भवन में आयोजित कार्यशाला ‘कृषि विपणन की चुनौतियां एवं सुधार की दिशा’ में बताया कि बिहटा और मुसल्लहपुर हाट में बनने वाले कोल्ड चेन यार्ड से राज्य की फल-सब्जियों की सप्लाई चेन मजबूत होगी. यहां भंडारण, पैकेजिंग और संरक्षण की पूरी सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे किसान अपनी उपज को लंबे समय तक सुरक्षित रख सकेंगे. उन्होंने कहा कि लंबे समय से भंडारण की कमी के कारण किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता था और इस व्यवस्था से यह समस्या काफी हद तक कम होगी.
बाजार समितियों का आधुनिकीकरण
कार्यशाला में यह भी बताया गया कि राज्य में कुल 20 बाजार समितियों का जीर्णोद्धार किया जा रहा है. इनमें से पांच का काम पूरा हो चुका है. इन मंडियों में बुनियादी ढांचे को आधुनिक रूप दिया जा रहा है, ताकि किसानों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और व्यापार सुचारु रूप से चल सके. इससे न केवल उपज की गुणवत्ता बनी रहेगी, बल्कि किसानों की आय में भी सुधार आएगा.
किसानों को उचित मूल्य दिलाना प्राथमिकता
कृषि मंत्री ने कहा कि बिहार सरकार का मुख्य उद्देश्य किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाना है. इसके लिए भंडारण, मूल्य संवर्द्धन, प्रसंस्करण, निर्यात संवर्द्धन और ग्रामीण हाटों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. राज्य में कृषि विपणन की सबसे बड़ी चुनौतियां बाजार तक पहुंच, अवसंरचना का अभाव और ग्रामीण हाटों की कमजोर स्थिति रही हैं. अब इन चुनौतियों को दूर करने के लिए यह पहल लागू की जा रही है.
डिजिटल माध्यम से बढ़ेगी पारदर्शिता
किसानों को सीधे बाजार से जोड़ने के लिए ई-नाम जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है. इससे मंडियों में पारदर्शिता बढ़ेगी और किसान अपनी फसल का बेहतर मूल्य पा सकेंगे. प्रधान सचिव पंकज कुमार ने इस अवसर पर कहा कि कृषि क्षेत्र को लाभकारी बनाने के लिए सुदृढ़ और संगठित विपणन चैन का विकास आवश्यक है. डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से किसान और व्यापारी सीधे जुड़े रहेंगे, जिससे व्यापार अधिक निष्पक्ष और सुगम होगा.
आर्थिक और निर्यात लाभ
विशेषज्ञों के अनुसार, कोल्ड चेन यार्ड और बाजार समितियों के आधुनिकीकरण से किसानों की आय में सीधा सुधार होगा. भंडारण की सुविधा के कारण उपज की बर्बादी कम होगी और मूल्य संवर्द्धन के कारण किसानों को बेहतर रिटर्न मिलेगा. इसके अलावा, उच्च गुणवत्ता वाली उपज के कारण निर्यात के लिए भी नए अवसर पैदा होंगे. इस पहल से बिहार में कृषि क्षेत्र की सप्लाई चेन और विपणन प्रणाली दोनों मजबूत होंगे और भविष्य में यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी उदाहरण बन सकता है.
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