बिहार चुनाव से पहले इलेक्शन कमिशन का बड़ा फैसला, वोटों की गिनती के नियमों में किया अहम बदलाव

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने मतगणना की प्रक्रिया में अहम बदलाव किए हैं. अब यदि डाक मतपत्रों (पोस्टल बैलेट) की गिनती में देरी होती है, तो इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के अंतिम राउंड की गिनती रोक दी जाएगी.

Bihar election counting rules changed EVM count to pause if postal ballots delay
Image Source: Social Media

नई दिल्ली: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने मतगणना की प्रक्रिया में अहम बदलाव किए हैं. अब यदि डाक मतपत्रों (पोस्टल बैलेट) की गिनती में देरी होती है, तो इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के अंतिम राउंड की गिनती रोक दी जाएगी. यह गिनती तब तक शुरू नहीं होगी जब तक पोस्टल बैलेट की पूरी गिनती पूरी नहीं हो जाती. यह नया नियम बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से लागू होगा.

बढ़ती डाक मतपत्रों की संख्या बनी वजह

चुनाव आयोग ने बताया कि पिछले वर्षों में डाक मतपत्रों की संख्या में तेज़ी से वृद्धि हुई है. खासतौर पर दिव्यांग और 85 वर्ष या उससे अधिक उम्र के बुजुर्ग मतदाताओं के लिए घर पर मतदान की सुविधा के कारण डाक मतपत्रों की संख्या में वृद्धि हुई है. इसके अलावा, देश में बुजुर्गों की बढ़ती आबादी को देखते हुए भविष्य में इस संख्या में और इजाफा होने की संभावना है.

नए नियम के अनुसार गिनती कैसे होगी?

मतगणना के नए निर्देशों के मुताबिक, यदि डाक मतपत्रों की गिनती पूरी नहीं हुई है तो EVM की गिनती को अंतिम राउंड से एक चरण पहले ही रोक दिया जाएगा. इसका मतलब यह है कि अगर कुल दस राउंड की गिनती होनी है, तो आठवें राउंड के बाद इंतजार किया जाएगा जब तक पोस्टल बैलेट की पूरी गिनती पूरी नहीं हो जाती. इसके बाद ही EVM की अंतिम गिनती पूरी की जाएगी.

प्रशासनिक तैयारियां भी बढ़ाई गईं

चुनाव आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे पर्याप्त मात्रा में गिनती टेबल और कर्मचारियों की व्यवस्था करें ताकि डाक मतपत्रों की गिनती सुचारू रूप से हो सके. इसका उद्देश्य मतगणना में देरी को कम करना और EVM की गिनती रोकने की स्थिति से बचना है.

क्यों जरूरी था ये बदलाव?

मतगणना के दो मुख्य हिस्से होते हैं डाक मतपत्रों की गिनती और EVM वोटों की गिनती. पहले डाक मतपत्र जल्दी गिने जाते थे जबकि EVM की गिनती देर तक चलती थी. लेकिन अब डाक मतपत्रों की संख्या बढ़ने के कारण उनकी गिनती में अधिक समय लग रहा है. चुनाव आयोग के अधिकारियों के मुताबिक, अगर अंतिम समय में डाक मतपत्र की गिनती बची रह जाती है, और चुनाव में नजदीकी मुकाबला होता है, तो विवाद की संभावना बढ़ जाती है. इसलिए यह इंतजार करना जरूरी हो गया है कि सभी पोस्टल बैलेट की गिनती पूरी हो, तब ही अंतिम EVM राउंड की गिनती हो.

चुनाव सुधार के तहत और भी पहल

चुनाव आयोग ने पिछले छह महीनों में चुनाव प्रक्रिया में सुधार के लिए 29 अहम कदम उठाए हैं. ये बदलाव भारत के लोकतंत्र को और पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं.

ये भी पढ़ें: बिहार: PM मोदी कल करेंगे मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का शुभारंभ, 75 लाख महिलाओं के खाते में आएंगे 10000 रुपये