5 नई प्राइवेट यूनिवर्सिटी, 4 जिलों में नए कोर्ट भवन; बिहार कैबिनेट की बैठक में कई एजेंडों पर लगी मुहर

Bihar Cabinet Decisions: पटना स्थित मुख्य सचिवालय के कैबिनेट हॉल में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई.

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Bihar Cabinet Decisions: बिहार सरकार ने शिक्षा, न्यायिक बुनियादी ढांचे और शहरी विकास को मजबूत करने की दिशा में कई अहम फैसले लिए हैं. पटना स्थित मुख्य सचिवालय के कैबिनेट हॉल में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. इन फैसलों का असर राज्य के विभिन्न जिलों में शिक्षा के अवसर बढ़ाने, न्यायिक सुविधाओं के विस्तार और शहरी आधारभूत संरचना को बेहतर बनाने के रूप में देखने को मिलेगा.

पांच नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना को मंजूरी

कैबिनेट बैठक में राज्य के विभिन्न जिलों में पांच नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना और संचालन के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई. इसके तहत मधुबनी में शांजा विश्वविद्यालय, सिवान में एक निजी विश्वविद्यालय, नवादा के अशोक नगर में एसए विश्वविद्यालय, पटना में हिमालय विश्वविद्यालय और औरंगाबाद के जसोइया मोड़ में सीतयोग विश्वविद्यालय की स्थापना का रास्ता साफ हो गया है. सरकार का मानना है कि इन संस्थानों के शुरू होने से उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नए अवसर पैदा होंगे और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक विकल्प उपलब्ध होंगे.

चार जिलों में बनेंगे आधुनिक न्यायालय भवन

न्यायिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से बिहार कैबिनेट ने चार जिलों में नए न्यायालय भवनों के निर्माण को भी मंजूरी दी है. सिवान जिले के महाराजगंज में 10 कोर्ट भवन, एमेनिटी भवन और हाजत भवन के निर्माण के लिए 34.33 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं. वहीं पूर्वी चंपारण के मोतिहारी में 20 कोर्ट भवनों के निर्माण पर 53.02 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. बेगूसराय में 15 कोर्ट भवनों वाले बहुमंजिला परिसर के लिए 39.04 करोड़ रुपये तथा नवादा जिले के रजौली में 10 कोर्ट भवन, एमेनिटी भवन और हाजत भवन के निर्माण के लिए 38.38 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है.

छपरा में सीवरेज व्यवस्था होगी और मजबूत

बैठक में शहरी विकास से जुड़ी एक महत्वपूर्ण परियोजना को भी मंजूरी दी गई. अमृत 2.0 योजना के तहत छपरा सीवरेज नेटवर्क परियोजना के लिए 76.48 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है. इस परियोजना के लागू होने से शहर में सीवरेज प्रबंधन की व्यवस्था अधिक प्रभावी होगी, जिससे स्वच्छता व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और नागरिकों को बेहतर बुनियादी सुविधाओं का लाभ प्राप्त होगा. सरकार का मानना है कि यह परियोजना छपरा के शहरी विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.

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