Bihar Free Medicine: जब बात स्वास्थ्य सेवाओं की होती है, तो अक्सर सरकारी अस्पतालों की स्थिति पर सवाल उठते हैं. लेकिन बिहार ने इस धारणा को गलत साबित करते हुए एक बड़ी उपलब्धि अपने नाम की है. केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी डीवीडीएमएस केंद्रीय डैशबोर्ड की मासिक रैंकिंग में बिहार ने लगातार 11वें महीने देशभर में पहला स्थान हासिल किया है. यह रैंकिंग मरीजों को मुफ्त दवाएं उपलब्ध कराने के आधार पर दी जाती है.
राज्य स्वास्थ्य समिति के अनुसार, बिहार सरकार की ओर से स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ और आमजन के लिए अधिक सुलभ बनाने के लिए कई प्रभावशाली कदम उठाए गए हैं. इन्हीं प्रयासों का नतीजा है कि आज सरकारी अस्पतालों में गंभीर और सामान्य दोनों प्रकार की बीमारियों की 611 से अधिक दवाएं मुफ्त में उपलब्ध कराई जा रही हैं. अक्टूबर 2024 में राजस्थान को पछाड़ते हुए बिहार ने 79.34 अंकों के साथ पहला स्थान प्राप्त किया था और तब से अब तक शीर्ष पर बना हुआ है.
रैंकिंग में अन्य राज्यों की स्थिति
सितंबर महीने की ताजा रैंकिंग के अनुसार, बिहार ने 82.13 अंक प्राप्त किए हैं. वहीं, राजस्थान 77.89 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर और पंजाब 73.28 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर है. यह स्कोर राज्यों के अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता और वितरण की गुणवत्ता को दर्शाता है.
युवाओं के लिए रेड रिबन क्विज प्रतियोगिता का आयोजन
स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ जागरूकता कार्यक्रमों में भी बिहार अग्रणी भूमिका निभा रहा है. राज्य के युवाओं को एचआईवी और एड्स जैसे संक्रमणों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से 22 सितंबर को पटना के बापू टावर सभागार में रेड रिबन क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा. इसकी जानकारी स्वयं स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने दी है.
इस क्षेत्रीय स्तर की प्रतियोगिता में बिहार समेत नौ राज्यों, झारखंड, छत्तीसगढ़, गुजरात, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, दादरा-नगर हवेली एवं दमन-दीव के छात्र-छात्राएं भाग लेंगे. यह आयोजन राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (NACO) के दिशा-निर्देशों के तहत किया जा रहा है. प्रतियोगिता के विजेता 31 अक्टूबर को नगालैंड में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय रेड रिबन क्विज में भाग लेंगे, जहां देशभर के प्रतिभागी अपने ज्ञान और जागरूकता का परिचय देंगे.
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