योगी सरकार ने UP के इन खिलाड़ियों को दिया बड़ा तोहफा, अब खेल में भाग लेने के लिए नहीं लेनी होगी अनुमति

    उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. अब, ये खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं, ट्रेनिंग कैंपों और संबंधित गतिविधियों में शामिल होने की अवधि को अपनी ड्यूटी के तौर पर माने जाने के लिए स्वतंत्र होंगे.

    Big relief for UP sports players as Yogi government clarifies duty rules
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    लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. अब, ये खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं, ट्रेनिंग कैंपों और संबंधित गतिविधियों में शामिल होने की अवधि को अपनी ड्यूटी के तौर पर माने जाने के लिए स्वतंत्र होंगे. योगी सरकार के इस निर्णय से खिलाड़ियों को अनुमति प्राप्त करने में होने वाली मुश्किलें समाप्त हो जाएंगी, जो उनके खेल करियर को नई दिशा देने में मदद करेगा.

    कैबिनेट ने दी खिलाड़ियों को राहत

    वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने योगी कैबिनेट की बैठक के बाद जानकारी दी कि अब तक अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों के लिए सीधी भर्ती नियमावली-2022 में इस तरह की कोई स्पष्ट व्यवस्था नहीं थी. इसका मतलब था कि खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं में भाग लेने या प्रशिक्षण शिविरों में शामिल होने के लिए अनुमति की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था, जो उनके खेल करियर को प्रभावित करता था.

    नई व्यवस्था से खिलाड़ी होंगे प्रोत्साहित

    अब सरकार द्वारा लागू की जा रही नई व्यवस्था के तहत यह स्पष्ट किया गया है कि खिलाड़ी जब भी किसी राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता, ट्रेनिंग कैंप या कार्यक्रम में भाग लेंगे, तो वह अवधि उनकी सेवा अवधि (ड्यूटी) मानी जाएगी. इसमें उनके यात्रा समय को भी शामिल किया जाएगा. इससे खिलाड़ियों को ना केवल अपने खेल करियर में आगे बढ़ने का बेहतर मौका मिलेगा, बल्कि राज्य का प्रतिनिधित्व भी मजबूत होगा, क्योंकि उन्हें अब अनुमति लेने में कोई बाधा नहीं आएगी. यह निर्णय खिलाड़ियों के लिए एक संजीवनी बूटी साबित होगा, जो उनके मानसिक दबाव को कम करेगा और उन्हें बिना किसी रुकावट के अपने खेल पर ध्यान केंद्रित करने का मौका मिलेगा.

    साई के हाथों में सम्पूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम का संचालन 

    योगी कैबिनेट ने एक और अहम निर्णय लिया है, जिसमें वाराणसी में बन रहे डॉ. सम्पूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम के संचालन, प्रबंधन और रखरखाव के लिए भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के साथ एक एमओयू (सहमति पत्र) पर मंजूरी दी गई है. यह स्टेडियम खेलो इंडिया योजना के तहत आधुनिक स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर से लैस किया गया है, और एमओयू के तहत इसे साई के हवाले किया जाएगा ताकि यहां नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जा सके.

    राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र से खिलाड़ियों को मिलेगा बड़ा मंच

    वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि इस एमओयू के बाद, प्रदेश के उभरते खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ा मंच मिलेगा. इस केंद्र में विभिन्न आयु वर्गों और खेल विधाओं के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान की जाएगी और उन्हें उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा. इससे न सिर्फ उत्तर प्रदेश के खेल की सशक्त पहचान बनेगी, बल्कि राज्य का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व भी बढ़ेगा.

    खेल करियर और रोजगार के नए अवसर

    उत्तर प्रदेश सरकार का यह कदम खिलाड़ियों के लिए एक नई दिशा लेकर आएगा. सरकार का मानना है कि इस पहल से खिलाड़ियों के सामने खेल और रोजगार दोनों के क्षेत्र में कई संभावनाएं खुलेंगी. इसके साथ ही, वाराणसी देश के प्रमुख खेल केंद्रों में से एक के रूप में उभरेगा. अब यहां पर बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल आयोजनों की मेज़बानी की संभावना भी बढ़ जाएगी, जिससे प्रदेश की खेल संस्कृति को एक नई पहचान मिलेगी.

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