आम लोगों के लिए जहन्नुम बना पाकिस्तान! इस साल आतंकियों से जंग में 73% बढ़ा मौत का आंकड़ा, देखें रिपोर्ट

पाकिस्तान में आम लोगों के लिए हालात लगातार भयावह होते जा रहे हैं. आतंकवाद और सुरक्षा बलों के बीच जारी संघर्ष ने देश को हिंसा के भंवर में धकेल दिया है.

Big increase in deaths in war with terrorists in Pakistan
प्रतिकात्मक तस्वीर/ FreePik

पाकिस्तान में आम लोगों के लिए हालात लगातार भयावह होते जा रहे हैं. आतंकवाद और सुरक्षा बलों के बीच जारी संघर्ष ने देश को हिंसा के भंवर में धकेल दिया है. एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2025 में आतंकवाद से जुड़ी घटनाओं में होने वाली मौतों की संख्या में 73 फीसदी का इजाफा दर्ज किया गया है. इस रिपोर्ट में सुरक्षाबलों, आतंकियों और आम नागरिकों को हुए भारी नुकसान की तस्वीर सामने आई है.

यह रिपोर्ट इस्लामाबाद स्थित थिंक टैंक पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट एंड सिक्योरिटी स्टडीज (PICSS) ने रविवार को जारी की. रिपोर्ट में बताया गया है कि किस तरह देश के अलग-अलग हिस्सों में आतंकवादी हमलों और जवाबी कार्रवाइयों के चलते पाकिस्तान एक बड़े सुरक्षा संकट से गुजर रहा है.

2025 में मौतों का आंकड़ा 3,387 तक पहुंचा

PICSS के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में आतंकवाद और उससे जुड़ी लड़ाई में कुल 3,387 लोगों की मौत हुई. जबकि साल 2024 में यह संख्या 1,950 थी. यानी एक ही साल में मौतों में 73 फीसदी की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है.

इन मौतों में आतंकवादी, पाकिस्तानी सुरक्षाबल, आम नागरिक और सरकार समर्थक शांति समितियों के सदस्य शामिल हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में मारे गए लोगों में:

  • 2,115 आतंकवादी
  • 664 सुरक्षाबल के जवान
  • 580 नागरिक
  • 28 सरकार समर्थक शांति समिति के सदस्य (लड़ाके) शामिल हैं.

आतंकवादियों की मौतों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

रिपोर्ट में बताया गया है कि कुल मौतों में आतंकवादियों की हिस्सेदारी करीब 62 फीसदी रही. साल 2025 में मारे गए 2,115 आतंकवादी पिछले एक दशक में सबसे ज्यादा वार्षिक आंकड़ों में से एक हैं. इससे पहले 2015 में 2,322 आतंकवादियों के मारे जाने का रिकॉर्ड दर्ज किया गया था.

PICSS के अनुसार, आतंकवादियों की मौतों में 2024 की तुलना में 122 फीसदी की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है. साल 2024 में जहां 951 आतंकवादी मारे गए थे, वहीं 2025 में यह संख्या दोगुने से भी ज्यादा हो गई.

सुरक्षाबलों को भी भारी कीमत चुकानी पड़ी

हालांकि आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई तेज रही, लेकिन पाकिस्तानी सुरक्षाबलों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा. रिपोर्ट में बताया गया कि 2025 में 664 सुरक्षाकर्मी मारे गए, जो 2024 में दर्ज 528 मौतों से 26 फीसदी ज्यादा है.

यह 2011 के बाद से सुरक्षाबलों के लिए सबसे ज्यादा घातक सालों में से एक रहा है. 2011 में 677 सुरक्षाकर्मियों की मौत दर्ज की गई थी.

आम नागरिक भी हिंसा का शिकार

आतंकवाद और सुरक्षा कार्रवाइयों की सबसे बड़ी मार आम लोगों पर पड़ी है. रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में नागरिकों की मौतों में 24 फीसदी की बढ़ोतरी हुई. इस साल 580 नागरिक मारे गए, जबकि 2024 में यह आंकड़ा 468 था.

PICSS के अनुसार, 2015 के बाद यह नागरिक मौतों का सबसे ऊंचा वार्षिक आंकड़ा है. 2015 में 642 नागरिकों की जान गई थी.

आतंकी हमलों की संख्या में भी इजाफा

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 2025 में पाकिस्तान में कुल 1,063 आतंकवादी हमले हुए. यह संख्या 2024 में दर्ज 908 हमलों से 17 फीसदी ज्यादा है.
यह 2014 के बाद से आतंकी हमलों की सबसे अधिक वार्षिक संख्या है. 2014 में देश में 1,609 आतंकवादी हमले दर्ज किए गए थे.

आत्मघाती हमलों में 53 फीसदी की बढ़ोतरी

रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में आत्मघाती हमलों की संख्या में भी तेज उछाल देखा गया. साल 2024 में जहां 17 आत्मघाती हमले हुए थे, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 26 हो गई. यानी आत्मघाती हमलों में करीब 53 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है.

ये भी पढ़ें- स्टील्थ, एंटी-शिप मिसाइल, टॉरपीडो... INS वाघशीर को क्यों कहा जाता है 'साइलेंट किलर'? जानें इसकी ताकत