दिल्ली ब्लास्ट धमाका मामले में SIA की बड़ी कार्रवाई, इलेक्ट्रिशियन तुफैल को पुलवामा से किया डिटेन

Tufail Ahmed Arrested: दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले के पास हुए धमाके की जांच तेज़ रफ्तार से आगे बढ़ रही है, और इसी सिलसिले में एक और महत्वपूर्ण गिरफ्तारी की गई है. जम्मू-कश्मीर की स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) और स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) ने पुलवामा के रहने वाले तुफैल अहमद को हिरासत में लिया है. 

Big action by SIA in Delhi blast case electrician Tufail detained from Pulwama
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Tufail Ahmed Arrested: दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले के पास हुए धमाके की जांच तेज़ रफ्तार से आगे बढ़ रही है, और इसी सिलसिले में एक और महत्वपूर्ण गिरफ्तारी की गई है. जम्मू-कश्मीर की स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) और स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) ने पुलवामा के रहने वाले तुफैल अहमद को हिरासत में लिया है. 

तुफैल पेशे से इलेक्ट्रिशियन है और वहां के एक इंडस्ट्रियल एस्टेट में काम करता था, लेकिन शुरुआती पूछताछ में उसके बारे में ऐसे संकेत मिले हैं, जिन्होंने जांच को नए मोड़ पर ला खड़ा किया है.

जांच एजेंसियों की नजर में क्यों आया तुफैल?

तुफैल को उठाने के बाद SIA और SOG की टीमों ने उससे कई घंटे तक पूछताछ की. सूत्रों का कहना है कि पूछताछ के दौरान कुछ अहम जानकारी सामने आई है, जिससे यह शक और गहरा हो गया है कि धमाके की साजिश में तुफैल की भूमिका पहले से कहीं ज़्यादा सक्रिय हो सकती है.

एजेंसियां अब यह पता लगा रही हैं कि वह किन-किन लोगों के संपर्क में था, उसने पिछले कुछ महीनों में किन गतिविधियों को अंजाम दिया, और क्या वह सिर्फ एक स्थानीय मददगार था या फिर किसी बड़े मॉड्यूल का मुख्य हिस्सा. जांच में यह भी जांचा जा रहा है कि क्या तुफैल की किसी आतंकी संगठन से नियमित बातचीत होती थी और उसने साजिश से संबंधित किस तरह की मदद उपलब्ध कराई.

जैश-ए-मोहम्मद के मॉड्यूल की पड़ताल

इस केस में पहले से ही जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े एक इंटर-स्टेट मॉड्यूल पर एजेंसियां नजर बनाए हुए हैं. कई राज्यों में फैले इस नेटवर्क के तार दिल्ली धमाके से किस तरह जुड़े हैं, यह समझने की कोशिश की जा रही है. तुफैल अहमद की गिरफ्तारी उसी अभियान का हिस्सा है, जिसमें एजेंसियां एक-एक कर सभी संदिग्धों की भूमिका की पुष्टि करने की कोशिश कर रही हैं.

जांच का फोकस इस वक्त इस नेटवर्क की संरचना समझने पर है, कौन वित्तीय मदद करता था, कौन साजिश रचता था, किसके जिम्मे लॉजिस्टिक्स थे और किसने दिल्ली में ग्राउंड पर सहयोग किया.

कैसे आगे बढ़ेगी जांच?

पुलिस और SIA अब तुफैल के डिजिटल फुटप्रिंट और सोशल नेटवर्क को खंगाल रही है. एजेंसियां उसके मोबाइल रिकॉर्ड, कॉल लॉग, सोशल मीडिया कनेक्शन, बैंकिंग गतिविधियां और यात्राओं का पूरा ब्योरा निकालने में लगी हैं.

तुफैल के घर और काम करने की जगह से भी कुछ दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण कब्जे में लिए गए हैं. इनकी फॉरेंसिक जांच चल रही है, जिनसे आने वाले दिनों में और महत्वपूर्ण खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है.

दिल्ली धमाके की सच्चाई तक पहुंचने की कोशिश

पूरे मामले में एजेंसियों का प्राथमिक लक्ष्य है कि धमाके की पूरी साजिश का खुलासा हो, कौन मास्टरमाइंड था, किसने जमीन पर प्लान तैयार किया और किसने उसे अंजाम देने में मदद की.

तुफैल अहमद की गिरफ्तारी को इसी दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है. जांच टीमें मान रही हैं कि उसका रोल सामने आने के बाद यह नेटवर्क अब पहले से ज़्यादा स्पष्ट होने लगेगा, और असली जिम्मेदारों तक पहुंचने की राह आसान होगी. आने वाले दिनों में तुफैल को कोर्ट में पेश किया जाएगा और पुलिस उसकी कस्टडी मांग सकती है ताकि उससे और विस्तार से पूछताछ की जा सके.

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