North Korea Missile Test : दुनिया भर के लिए हमेशा से रहस्य और खतरे का प्रतीक बने उत्तर कोरिया ने एक बार फिर अपनी सैन्य क्षमता का प्रदर्शन किया है. किम जोंग उन के नेतृत्व में यह देश लगातार अपनी मिसाइल तकनीक को विकसित कर रहा है और हाल ही में उसने हाइपरसोनिक मिसाइलों का सफल परीक्षण कर वैश्विक सुरक्षा के लिए नए सवाल खड़े कर दिए हैं. आधिकारिक कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) ने इस परीक्षण की जानकारी देते हुए बताया कि इन मिसाइलों ने उत्तर कोरिया के उत्तरी क्षेत्र में स्थित लक्ष्यों को बेहद सटीकता से निशाना बनाया.
इस नए मिसाइल सिस्टम को रणनीतिक हथियार माना जा रहा है, जो संभवतः न्यूक्लियर वारहेड्स से लैस हो सकता है. हालांकि केसीएनए ने इन हाइपरसोनिक मिसाइलों का नाम नहीं बताया, लेकिन यह स्पष्ट है कि किम जोंग उन अपनी सेना को अत्याधुनिक हथियारों से लैस करने में जुटे हुए हैं.
सैन्य परेड में दिखी ताकत, बढ़ रही है किम की महत्वाकांक्षा
यह परीक्षण ऐसे समय में हुआ है जब प्योंगयांग में हाल ही में एक भव्य सैन्य परेड आयोजित की गई थी, जहां किम जोंग उन ने अपनी नवीनतम बैलिस्टिक मिसाइलों का डंका बजाया था. इन मिसाइलों में हाइपरसोनिक ग्लाइड वाहन भी शामिल था, जो अत्यंत तेज गति और हाई टेक्नोलॉजी का उदाहरण है. दक्षिण कोरिया की सेना ने भी पुष्टि की कि प्योंगयांग के दक्षिणी क्षेत्र से कई मिसाइलें दागी गईं, जो करीब 350 किलोमीटर उड़कर जमीन पर गिरीं.
विश्व के नेता इस समय एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग शिखर सम्मेलन की तैयारियों में लगे हैं, जहां अमेरिका और चीन जैसे महाशक्तियां मौजूद होंगी. ऐसे समय में उत्तर कोरिया का यह सैन्य परीक्षण क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा सकता है.
किम जोंग उन के शीर्ष सैन्य कमांडर ने जताई उत्सुकता
परीक्षण के दौरान किम के प्रमुख सैन्य सलाहकार पाक जोंग चोन भी मौजूद थे. उन्होंने नई हथियार प्रणाली की खूब प्रशंसा की और कहा कि यह उत्तर कोरिया की रक्षा क्षमताओं को और मजबूत बनाएगी. पिछले कुछ वर्षों में, उत्तर कोरिया ने कई बार हाइपरसोनिक हथियारों का परीक्षण किया है, जिनकी गति ध्वनि की गति से पांच गुना ज्यादा मानी जाती है. ये हथियार मिसाइल रक्षा प्रणालियों को चकमा देने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं, जिससे उनकी मारक क्षमता और भी खतरनाक हो जाती है.
हालांकि, रक्षा विशेषज्ञ इस बात पर संदेह जता रहे हैं कि क्या ये मिसाइलें वास्तव में कथित गति से उड़ान भर रही हैं या नहीं. फिर भी, इस परीक्षण ने वैश्विक सुरक्षा के लिए नए खतरे के संकेत जरूर दिए हैं.
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