Bastar Maoist Surrender: छत्तीसगढ़ के बस्तर रेंज में माओवादियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है. मंगलवार को बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा, कांकेर और नारायणपुर जिलों में कुल 35 माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर दिया. इसके साथ ही बड़ी मात्रा में हथियार और करोड़ों रुपये की संपत्ति भी बरामद की गई है.
बीजापुर जिले में 25 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया. इनके पास से 93 हथियार मिले, जिनमें 4 एके-47 और 9 एसएलआर राइफलें शामिल हैं. सुरक्षाबलों ने यहां से करीब 14.06 करोड़ रुपये की संपत्ति भी जब्त की, जिसमें 2.90 करोड़ रुपये नकद और 7.2 किलो सोना शामिल है. सोने की कीमत करीब 11.16 करोड़ रुपये बताई गई है.
दूसरे जिलों में भी कार्रवाई
दंतेवाड़ा में 5 माओवादियों ने सरेंडर किया और उनके पास से 8 एसएलआर समेत कई हथियार मिले. सुकमा में 2 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया. यहां से 1 एलएमजी, 2 एके-47 और 10 लाख रुपये नकद बरामद हुए. नारायणपुर में 1 माओवादी ने सरेंडर किया, जिसके पास से 1 एलएमजी मिली.
कांकेर में भी दो माओवादी मुख्यधारा में लौटे
कांकेर जिले में 2 माओवादियों ने हथियार छोड़कर शांति का रास्ता अपनाया. इनकी पहचान शंकर और हिडमा डोडी के रूप में हुई है. दोनों ने एके-47 राइफल पुलिस को सौंप दी. बताया जा रहा है कि 25 मार्च से अब तक यहां 11 माओवादी सरेंडर कर चुके हैं.
सुकमा में मुठभेड़ में एक माओवादी ढेर
इससे पहले रविवार को सुकमा के जंगलों में सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ हुई थी. इस दौरान एक माओवादी मारा गया. उसकी पहचान मुचाकी कैलाश के रूप में हुई, जो प्लाटून का सेक्शन कमांडर था और उस पर 5 लाख रुपये का इनाम था. उस पर कई गंभीर मामले दर्ज थे, जिनमें हमले और आईईडी ब्लास्ट की साजिश शामिल थी.
लगातार कमजोर हो रहा माओवादी नेटवर्क
पुलिस के अनुसार, लगातार चल रहे अभियान, पुनर्वास योजना और विकास कार्यों की वजह से माओवादी संगठन कमजोर हो रहा है. अब कई माओवादी हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौट रहे हैं, जो इलाके में शांति के लिए अच्छा संकेत माना जा रहा है.
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