इस्लामाबाद: बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट के प्रमुख डॉक्टर अल्लाह नजर बलूच ने पाकिस्तान पर बलूचिस्तान के लोगों के साथ ज्यादती करने का आरोप लगाया है. उन्होंने भारत और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से बलूच आंदोलन को राजनीतिक और कूटनीतिक समर्थन देने की अपील की है. उनका कहना है कि अब बलूचिस्तान के लिए पाकिस्तान से पूरी आजादी ही एकमात्र समाधान है.
एक बातचीत में अल्लाह नजर ने कहा कि बलूच आंदोलन में युवाओं की भूमिका बढ़ रही है और वे नई रणनीतियों के साथ आगे आ रहे हैं. उन्होंने यह भी दावा किया कि बलूचिस्तान के खनिज संसाधनों में निवेश करने वाली विदेशी कंपनियां आने वाले समय में निशाने पर आ सकती हैं.
भारत से समर्थन की अपील
जब उनसे पाकिस्तान के उस आरोप के बारे में पूछा गया कि भारत बलूच हथियारबंद संगठनों की मदद करता है, तो अल्लाह नजर ने इन आरोपों को खारिज किया. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पहले भी भारत पर ऐसे आरोप लगाता रहा है और इन दावों पर ज्यादा बात करने का कोई मतलब नहीं है.
उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि भारत बलूच आंदोलन को राजनीतिक, कूटनीतिक और नैतिक समर्थन दे सकता है. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी भारत से बलूच मुद्दा उठाने की उम्मीद जताई.
अल्लाह नजर ने भारत को क्षेत्र की एक बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि बलूच स्वतंत्रता आंदोलन को समर्थन देना भारत की जिम्मेदारी होनी चाहिए. उन्होंने अपने आंदोलन को केवल हथियारबंद संघर्ष के बजाय स्थानीय लोगों का राष्ट्रीय मुक्ति आंदोलन बताया.
आम नागरिकों को निशाना बनाने से किया इनकार
अल्लाह नजर ने दावा किया कि उनके संगठन ने कभी आम नागरिकों को निशाना बनाने को सही नहीं माना. उन्होंने पाकिस्तान पर बलूचिस्तान में आम लोगों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करने का आरोप लगाया.
उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान की सेना ने सुराब जिले के गिदार समेत कई इलाकों में हवाई हमले किए, जिनमें बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग भी मारे गए. उन्होंने कोहलु और डेरा बुगती समेत कई इलाकों में हवाई बमबारी का भी आरोप लगाया.
अल्लाह नजर ने कहा कि उनका संगठन अंतरराष्ट्रीय युद्ध कानूनों का सम्मान करता है. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पाकिस्तान में कथित मानवाधिकार उल्लंघन और युद्ध अपराधों की जांच करने की अपील की.
अमेरिका के फैसले पर भी जताई उम्मीद
अमेरिका द्वारा बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी और उसकी मजीद ब्रिगेड को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित किए जाने के फैसले पर भी अल्लाह नजर ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि अमेरिका समेत कई बड़ी ताकतों के पाकिस्तान में अपने हित हैं और पाकिस्तानी सेना को लेकर उन्होंने गंभीर आरोप लगाए.
उन्होंने दावा किया कि अमेरिका भविष्य में अपने फैसले पर दोबारा विचार कर सकता है. इसके लिए उन्होंने सीरिया का उदाहरण देते हुए कहा कि वॉशिंगटन समय के साथ अपनी नीतियों में बदलाव करता रहा है.
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