Ayodhya Ramlila Records: अयोध्या की रामलीला आज केवल एक नाट्य मंचन नहीं, बल्कि वैश्विक श्रद्धा, संस्कृति और तकनीक का अद्भुत संगम बन चुकी है. एक ऐसा आयोजन जिसने सीमाएं तोड़ीं, मंच की परंपरा को नया विस्तार दिया और दुनिया भर में करोड़ों रामभक्तों के दिलों तक पहुंच बनाई.
वर्ष 2025 की रामलीला अपने आप में ऐतिहासिक बन गई. 50 से अधिक देशों में डिजिटल माध्यम से प्रसारित इस महाभव्य आयोजन को 62 करोड़ से अधिक लोगों ने देखा. यह न सिर्फ रामकथा की लोकप्रियता का प्रमाण है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक शक्ति और डिजिटल प्रभाव का भी उदाहरण है.
बॉलीवुड सितारों का रामभक्ति में योगदान
दिल्ली और मुंबई से आए 250 से अधिक फिल्मी कलाकारों ने जब रामायण के किरदारों को मंच पर जीवंत किया, तो दर्शकों के लिए वह पल किसी अलौकिक अनुभव से कम नहीं था. थ्री-डी तकनीक, शानदार मंच सज्जा और प्रोजेक्शन मैपिंग जैसी अत्याधुनिक तकनीकों ने रामलीला को सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक जीवंत, सांस लेती परंपरा में बदल दिया.
डिजिटल माध्यम से विश्व तक प्रसारण
रामलीला के लाइव प्रसारण पर ही 10 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किया गया, यह इस बात का संकेत है कि किस तरह एक पारंपरिक आयोजन को आधुनिकता के साथ जोड़ा जा सकता है. प्रसारण निम्नलिखित प्लेटफॉर्म्स पर हुआ:
एक स्वप्न, जो हुआ साकार
इस आयोजन के सूत्रधार और संस्थापक सुभाष मलिक 'बाबी' हैं, जिनका बॉलीवुड से गहरा नाता रहा है. उन्होंने रामलीला को केवल मंचीय प्रस्तुतियों से निकालकर वैश्विक रामभक्ति का महापर्व बना दिया.
उन्होंने यह भी बताया कि इस प्रयास को सफल बनाने में उत्तर प्रदेश सरकार, खासकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और 2020 में तत्कालीन पर्यटन व संस्कृति मंत्री नीलकंठ तिवारी की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही. उनके समर्थन से रामलीला को न केवल राज्य स्तरीय बल्कि वैश्विक मंच पर पहचान मिली.
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