रेशमी वस्त्र को धारण कर गर्भगृह में विराजेंगे रामलला, 12 लाख से ज्यादा भक्तों ने हथकरघे पर बुनकर किया तैयार

रेशमी वस्त्र को धारण कर गर्भगृह में विराजेंगे रामलला, 12 लाख से ज्यादा भक्तों ने हथकरघे पर बुनकर किया तैयार

लखनऊ, भारत 24 डिजिटल डेस्क: अयोध्या में राम मंदिर (Ram Mandir Ayodhya) के प्राण प्रतिष्ठा का दिन बेहद नजदीक आ गया है. रामलला की प्रतिमा को देखने के लिए सभी लोग आतुर हैं. अब इसी बीच  22 जनवरी को विराजित होने जा रहे रामलला के लिए हथकरघे पर भक्तिभाव और श्रद्धा से बुने गए रेशमी वस्त्र पूरी तरह से तैयार है. मंगलवार को श्रीरामलला के लिए तैयार विशिष्ट वस्त्र को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंप दिया गया. इस दौरान सीएम योगी भी मौजूद रहे. 

12 लाख हस्तशिल्पियों ने तैयार किए वस्त्र

पुणे के हेरिटेज हैंडवीविंग रिवाइवल चैरिटेबल ट्रस्ट के एक अभिनव प्रयास के तहत देश के 12.36 लाख  हस्तशिल्पियों द्वारा रामलला के लिए वस्त्र तैयार किए. इन आठ जोड़ी वस्त्रों को मुख्यमंत्री योगी  ने मंगलवार को अपने सरकारी आवास पर आयोजित 'दो धागे-श्रीराम के लिए' (Do Dhaage-Shri Ram Ke Liye) कार्यक्रम में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ श्रेत्र न्यास के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविन्द देव गिरी व मार्गदर्शक सुरेश जोशी 'भैयाजी' को सौंपा. 

'राम के बगैर कोई काम नहीं'- सीएम योगी

दो धागे-श्रीराम के लिए कार्यक्रम में सीएम योगी (CM Yogi) ने कहा कि- 'भारत में राम के बगैर कोई काम नहीं होता है. जन्म हो तो अखण्ड रामायण का पाठ होता सोते, जागते, भोजन करते, हर्ष में, दुःख में शोक में यहां तक कि जीवन की अंतिम यात्रा में राम नाम का उच्चारण किया जाता है. 500 वर्षों तक श्रीरामजन्मभूमि का मुद्दा कभी नहीं दबा. कभी पूज्य संतों, राजे-रजवाड़ों ने तो कभी धर्मयोद्धाओं ने इस विषय को जीवित रखा.  बिना रुके, थके, डिगे, झुके, मिशन बनाकर लड़ते रहे.'